आँखों को स्वस्थ और खूबसूरत बनाये रखने में सहायक है योगासन

आँख, नाक और कान को हमारे शरीर का सबसे नाजुक अंग मन जाता है और हो भी क्यों न अगर इन तीनों में से एक में भी कोई परेशानी हो तो हम तड़प उठते है। आज हम बात करने वाले है आँखों के बारे में, यहाँ हम आपको कुछ योग क्रियाओं के माध्यम से उन्हें स्वस्थ बनाये रखने के तरीके बता रहे है।

आंखों के प्रति हर कोई लापरवाह होता है और जब किसी तरह की परेशानी होती है तो समझ आता है कि आँखे है तो संसार है। आज के आधुनिक युग में व्यक्ति प्रदुषण, अनियमित खानपान, विटामिन्स A की कमी आदि परेशानियों से जूझ रहा है तथा अधिक समय तक टीवी, इन्टरनेट और कंप्यूटर आदि के अत्यधिक प्रचलन से आँखों पर दबाव बढ़ गया है। जिसके परिणाम स्वरुप आज की युवा पीढ़ी आँखों के रोगों से परेशान है।

हमारे देश में कांच बिंद और मोतियाबिंद के अलावा अब दूर और पास की नजरो का कमजोर होना एक आम रोग हो गया है। जिससे हर आयु का व्यक्ति परेशान है। हम आपको कुछ ऐसे सटीक योगासन बता रहे है जिन्हें नियमित अभ्यास से आपकी आँखों की समस्यायों में बहुत लाभ मिलेगा। तो आइये अब हम जानते है Eyes Yoga in Hindi.

 

Eyes Yoga in Hindi: जाने योगासन की विधियां

   

आजकल कल आयु के बच्चो को आपने चश्मा लगाए हुए देखा होगा, जो आज बहुत आम हो गया है। लेकिन इस परेशानी से जूझ रहे लोग इसे मज़बूरी मानकर अपनी लाइफ का हिस्सा बना लेते है। परंतु ऐसा नहीं है कि अगर एक बार चश्मा लग गया तो वो उतर नहीं सकता है। अगर आप अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव करें और योग का सहारा लें, तो आप आँखों की कई समस्यायों से मुक्त हो सकते है । आइये जानते हैं कि आँखों की देखभाल के लिए योग आपकी क्या मदद कर सकता है।

 

अनुलोम-विलोम

अनुलोम विलोम के नियमित अभ्यास से आँखों को स्वस्थ रखा जा सकता है तथा आँखों की रौशनी भी बड़ाई जा सकती है।

  • सबसे पहले किसी स्वच्छ व साफ स्थान पर अपनी सुविधानुसार पद्मासन, सुखासन या सिद्धासन की स्थिति में बैठ जाये।
  • इसके बाद दायें हाथ के अंगूठे से नाक के दाएं छिद्र को बंद करें और नासिक के बाएं छिद्र से सांस  अंदर खींचे।
  • अब आप बायीं नासिका को अंगूठे के पास वाली दोनो उंगलियो से बंद करें और दाहिनें हाथ के अंगूठे को नासिक से हटा कर सांस छोड़ दें।
  • अब दायीं नासिक से सांस अंदर लें और उसे अंगूठे से बंद करके, बायीं नासिक से सांस बहार निकले।
 

शवासन

आँखों की थकान दूर करने, रौशनी बढ़ाने और उन्हें स्वस्थ बनाये रखना के लिए शवासन सबसे अच्छा योग माना जाता है।

  • इसके लिए सबसे पहले साफ़ स्थान पर पीठ के बल लेट जाएं और अपने मन को शांत रखें।
  • इसके बाद अपने अपने दोनों पैरो को ढीला छोड़ते हुए हाथो को शरीर से चिपका कर रख लें।
  • ऐसा करते समय अपने पुरे शरीर को जमीन पर स्थिर रखें
 

ब्रह्ममुद्रा 

इस आसान को करते समय हमारी गर्दन चारों दिशाओं में घुमाई जाती है और ब्रह्माजी के चार मुख थे इसलिए कुछ लोग इसे ब्रह्मा मुद्रा भी कहते है। लेकिन इसका असल नाम ब्रह्म मुद्रा आसन है। इस आसान को करने से कई तरह के शारीरिक लाभ हमे प्राप्त होते है।

  1. पहले पद्मासन, सुखासन या वज्रासन की स्थिति में आसाम से बैठ जाएं।
  2. इस अवस्था में अपनी कमर और गर्दन सीधी होनी चाहिए।
  3. अब आप अपनी गर्दन को धीरे-धीरे दायीं तरफ ले जाएं और कुछ समय ऐसे ही रुकें।
  4. फिर इसके बाद गर्दन को बायीं तरफ ले जाये और कुछ सेकंड ऐसे ही रहें।
  5. कुछ देर इसी तरह गर्दन को दायीं व् बायीं ओर घुमाएं।
  6. इसके बाद गर्दन को ऊपर ले जाये और फिर निचे ले आएं।
  7. अब आप गर्दन को क्लाकवाइज और एंटीक्लाकवाइज घुमाएं।
  8. अब आपका एक चक्र पूरा हुआ। इसे आप अपनी सुविधानुसार 4 से 5 चक्रों में कर सकते है।
 

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शीर्षासन

आँखों में हो रही किसी भी तरह की खराबी को दूर करने में शीर्षासन बहुत सहायक साबित होता है।

  1. किसी साफ स्थान पर चादर या कम्बल बिछा लें और वज्रासन की अवस्था में बैठ जाएं।
  2. वज्रासन में इस तरह बैठे कि आपके पास आगे की तरफ झुकने के लिए पर्याप्त स्थान हो।
  3. अब अपनी कोहनियों को जमीन से टिकट हुए दोनों हाथो की उंगलियो को आपस में मिला लें।
  4. दोनों हथेलियों को मिलाकर इस तरह रखें कि आप आसानी से अपने सिर को हथेलियों से सहारा दे सकें।
  5. अब धीरे-धीरे आगे की तरफ झुकते हुए सिर को हथेलियों पर रखें और सांस सामान्य रूप से लें।
  6. इसके बाद अपने शरीर का भर धीरे-धीरे सिर पर आने दें। इस अवस्था में अपने पैरों को ऊपर की तरफ उठाना है।
  7. अब आप देखेंगे कि आप सर के बल खड़े है यही शीर्षासन की प्रक्रिया है।
  8. कुछ समय इस स्थिति में रहें और फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं।
 

आज आपने जाना Eyes Yoga in Hindi. आँखे हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है इसलिए इनका ध्यान रखना भी हमारी ही जिम्मेदारी है। यह जो योगासन हमने आपको बताये है। इनके नियमित अभ्यास से केवल अपनी आँखों को ही लाभ नहीं होगा बल्कि यह आपके पुरे शरीर के लिए फायदेमंद साबित होंगे। इसलिए योग अपनाएं तथा शरीर को स्वस्थ और मन को शांत बनाएं।