गुर्दे में होने वाली पथरी से मुक्ति के लिए अपनाये घरेलु उपचार

गुर्दे की पथरी एक सामान्य समस्या के तौर पर सामने आजकल सामने आती है। दिन प्रतिदिन इसके रोगियो की संख्या में वृद्धि होती जा रही है। यह मूत्रतंत्र की इन स्थिति है जिसमें गुर्दे अर्थात किडनी के अंदर पत्थर के समान कठोर वस्तुएं बन जाती है। किडनी में एक समय में एक या एक से अधिक पथरियां हो सकती है। वैसे तो यह पेशाब के द्वारा हमारे शरीर से बाहर निकल जाती है, लेकिन अगर यह आकार में बड़ी है तो मूत्रवाहिनी से बाहर नहीं निकल पाती है और असहनीय दर्द भी देती है। यह बहुत ही पीड़ादायक रोग है।

वैसे तो इस रोग के उत्पन्न होने के कई कारण हो सकते है लेकिन गलत खानपान और पानी की कमी इसके मुख्य कारणों में से एक है। दरअसल हमारे शरीर में जब कैल्शियम की मात्रा बहुत अधिक बड़ जाती है तो यह पथरी का कारण बनती है। जैसे-जैसे कैल्शियम गाड़ा होता जाता है तो यह धीरे-धीरे पथरी का रूप धारण कर लेता है।

आपने कई बार अपने बड़े-बुजुर्गों को कहते सुना होगा कि पानी अधिक पीना चाहिए। इसका एक कारण यह भी है क्योंकि ज्यादा-से-ज्यादा पानी पीने से पथरी मूत्र के द्वारा शरीर से बाहर आसानी से निकल जाती है। आज हम आपको पथरी के रोग से बचने और इससे निपटने के लिए कुछ घरेलू उपाय बताने जा रहे है जिनका उपयोग कर आप लाभ प्राप्त कर सकते है। आइये जानते है Pathri ka ilaj in Hindi.

 

Pathri Ka ilaj in Hindi: जाने इसके कारण, लक्षण और उपचार

   

Kidney Stone Causes: पथरी होने के मुख्य कारण

  • शरीर में कैल्शियम की अधिकता
  • यूरिन में कैमिकल की अधिकता
  • डिहाइड्रेशन
  • शरीर में मिनिरल की कमी
  • विटामिन डी की अधिकता
  • जनक फ़ूड का अत्यधित सेवन या डाइट का गड़बड़ाना
 

Kidney Stone Symptoms : पथरी के लक्षण

  • पेशाब का रुक-रुक कर आना या एकदम बहुत तेजी पेशाब आना
  • बार बार पेशाब का आना
  • पेशाब करते समय दर्द होना
  • मूत्र में खून आना
  • अंडकोषों में दर्द होना
  • मूत्र का रंग असामान्य होना
  • घबराहट और पसीना आना
  • उलटी होना और जी मचलाना
  • बुखार आना
 

Pathri ka Desi ilaj in Hindi: जाने कुछ घरेलु उपाय

 

अधिक मात्रा में पानी पीने

पथरी का सबसे सटीक इलाज है पानी, इसलिए आपको ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। यह आपके स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद साबित होगा। आप एक दिन में नियमित रूप से कम से कम 4 से 5 लीटर पानी जरूर पिए। अगर आप पानी कम पीते है तो गुर्दो में पानी कम छनता है। जिससे शरीर में मौजूद कैल्शियम, यूरिक एसिड और अन्य तत्व पानी की कमी के कारण धीरे-धीरे पथरी का रूप धारण कर लेते है। इसलिए इस बात का हर व्यक्ति को बहुत ध्यान रखना चाहिए कि अपनी दिनचर्या में पानी का सेवन अधिक से अधिक करें।  

नारियल पानी का सेवन

नारियल पानी में प्राकृतिक पोटेशियम जैसे जैविक तत्व होते है जो खनिज पदार्थो को उत्पन्न होने से रोकते है अर्थात पथरी को बनने से रोकते है। जिन लोगों को ऐसा लग रहा है कि उन्हें पथरी होने की आशंका है उन्हें नारिया पानी का सेवन जरूर करना चाहिए।  

निम्बू रस और जैतून का तेल

निम्बू का रस और जैतून का तेल इन् दोनों से तो आप भलीभांति परिचित है। इन् दोनों का मिश्रण पथरी के लिए प्रभावी प्राकृतिक उपचारो में से एक है। पथरी में पेट दर्द की समस्या बहुत अधिक रहती है। इस दर्द से राहत पाने के लिए आप 60 मिली निम्बू के रस और जैतून का तेल मिलकर सेवन करने से बहुत आराम मिलता है। यह स्वास्थ्य के लिए भी बहुत अच्छा होता है।  

केले का अधिक सेवन

पथरी की समस्या से निपटने के लिए केले का प्रयोग अधिक से अधिक करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें विटामिन बी-6 की भरपूर मात्रा होती है। विटामिन बी 6 ऑक्जेलेट क्रिस्टल को बनने से रोकता है और ऑक्सेलिक एसिड में परिवर्तित होता है तथा पथरी को बनने नहीं देता है। एक शोध के अनुसार नियमित रूप से 100 से 150 मिलीग्राम विटामिन बी से युक्त पदार्थो का सेवन करने से गुर्दे की पथरी के चिकित्सीय उपचार में बहुत लाभकारी होता है।  

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तुलसी की चाय

तुलसी की चाय का उपयोग हम कई तरह के रोगों के उपचार में करते है। किडनी को स्वस्थ रखने के लिए भी यह एक प्राकृतिक उपचार है। यह गुर्दे की पथरी के इलाज में बहुत सहायक मानी जाती है। अगर आप तुलसी के रस का सेवन करते है तो यह पथरी को मूत्र के द्वारा बाहर निकलने में मदद करता है। इसके लिए आप कम से कम एक माह तक लगातार तुलसी के पत्तों का रस, शहद के साथ लेने से आपको अवश्य लाभ होगा। इसके अलावा आप तुलसी पत्तों को नियमित चबा भी सकते है।  

चोकर फ्लेक्स

इसमें सभी तरह के पोषक तत्व मौजूद होते है जो हमारे शरीर में मिनरल्स की कमी को पूरा करते है। इसमें विटामिन और फाइबर की मात्रा अधिक होती है। इसके सेवन से यूरिन में कैल्शियम की मात्रा कम होने लगती है, जिससे पथरी नहीं बनती है। गुर्दे की पथरी होने पर फाइबर युक्त खाद्य पदार्थो का सेवन अधिक करना चाहिए। ऐसे में चोकर फ्लेक्स एक अभूत अच्छा विकल्प है। इसके नियमित सेवन से स्टोन का खतरा बहुत कम हो जाता है। एक बाउल फ्लैक्स को दूध में मिलाकर खाने से 8 मिलीग्राम फाइबर की पूर्ति हमारे शरीर में होती है जो बहुत जरुरी होता है। इसलिए अपनी रोजाना डाइट में इसे जरूर शामिल करें।   यहाँ हमने आपको बताये Pathri ka ilaj in Hindi. इन सभी कारणों और लक्षणों को जानकर आप पथरी है या नहीं यह आसानी से जान सकते है और अगर आप इस रोग से पीड़ित है तो ऊपर बताये गए घरेलू उपचारों से आप इस रोग से मुक्ति पा सकते है।