Ulatkambal (Devil Cottons) - स्त्री संबंधी रोगों से निजात दिलाने में सहायक

उलटकंबल को कई नामो से जाना जाता है जैसे की पिशाच कार्पास, रितुमति, उच्चट, ओलकतबोल, ओलट कम्बल आदि। उलटकंबल ठंडे प्रदेश की वनस्पति है परन्तु गर्म प्रदेशों में 3000 फुट से 4000 फुट की ऊंचाई तक भी पायी जाती है जिसमे उत्तर प्रदेश से लेकर बंगाल, खसिया, आसाम तथा सिक्किम आदि में इसके जंगली व लगाये हुए पौधे मिलते हैं।

उलटकंबल पौधों का आकर छोटा होता है। इसके पौधों में फूल बारिश के मौसम में आते है और इसके फल सर्दियों में लगते है। इसके पत्ते भिंडी की तरह दीखते है और 5 से 7 भागों में निकले रहते है।

इसकी टहनिया मखमली होती है और इसकी छाल सफ़ेद रंग की रेशेदार होती है। साथ ही इसके जड़ की छाल भूरे रंग की होती है। इसकी जड़ों को यदि काटा जाए तो गोंड सा पदार्थ निकलता है।

उलटकंबल तीखा होता है। उलटकंबल को औषधि के रूप में उपयोग किया जाता है। जानते है Ulatkambal (Devil Cottons) के फायदों के बारे में।

Ulatkambal in Hindi - जानिए किन रोगो में है यह फायदेमंद

आर्थ्राइटिस की समस्या से निजात

  • उलट कम्बल का प्रयोग संधिशोथ में बहुत ही कम किया जाता हैं। लेकिन यह असरकारक होता है।
  • इस औषधि में सूजन और पीड़ा कम करने वाले गुण पाए जाते हैं।
  • इस गुणों के कारण संधिशोथ के रोगियों को जोड़ों में होने वाली सूजन और पीड़ा से आराम मिलता है।

गर्भस्थापना में मददगार

  • उलटकंबल के उपयोग से गर्भधारण करना संभव हो जाता है। इसके लिए उलटकंबल की जड़ की छाल 1.5 ग्राम, पान के डंठल 3 से 4 पीस और कालीमिर्च 3 पीस ले ले।
  • इन सबको पानी के साथ पीसकर 50 मिलीलीटर पानी मिलाकर सुबह खाली पेट लें।
  • इसे मासिक-धर्म के शुरू होने से 7 दिन पहले से प्रारम्भ करें।
  • ऐसा करने से इससे गर्भ ठहरता है।

मासिक धर्म को नियमित करने के लिए

  • यह मासिक धर्म के लिए लाभकारी होता है।
  • इसके लिए इसका सेवन माहवारी आने की तिथि से सात दिन पहले शुरू किया जाता हैं और माहवारी के चार दिन बाद तक इस औषधि को दिया जाता हैं।
  • इस उपाय से माहवारी नियमित हो जाती हैं।
  • इसका प्रयोग कम से कम चार महीनों तक करना चाहिए।

योनि दर्द से निजात

  • उलटकंबल के उपयोग से योनि दर्द से छुटकारा मिलता है।
  • इसके लिए उलटकंबल की जड़ का रस 5 और 10 मिलीलीटर चीनी को मिलाकर पिए।
  • ऐसा करने से योनि के दर्द में राहत मिलती है।

डिसमेनोरिया में लाभकारी

  • माहवारी में होने वाला दर्द, माहवारी से पहले के दर्द और अन्य लक्षण पर भी उलटकंबल जड़ की छाल फ़ायदेमंद होती है।
  • इसके उपचार के लिए जड़ की छाल के चूर्ण का सेवन माहवारी आने की तारीख से 3 से 7 दिन पहले शुरू करना चाहिए।
  • और इसका सेवन तब तक करना चाहिए जब तक ब्लीडिंग रुक न जाये।

इसके अतिरिक्त उलटकंबल का उपयोग मधुमेह रोग, गर्भाशय के विकार, बवासीर, पेट के रोग आदि के लिए भी लाभकारी होता है।