Swollen Feet Pregnancy: नमक के पानी से करे गर्भावस्था में पैरों के सुजन का उपचार

जब महिला गर्भवती होती है तो उसके शरीर में अनेक परिवर्तन होते है। जैसे की शुरुआती महीनों में जी मचलाना, उलटी, थकान जैसे लक्षण होते है। इसी तरह जैसे जैसे गर्भवती महिला के प्रसव का समय नज़दीक आता है महिला के शरीर में ऐसे चेंजेज आते है जो की सभी को दिखाई देते है।  

गर्भवती महिला के पेट का आकार तो बढ़ता है साथ ही कुछ महिलाओ के हाथों और पैरों में सूजन भी आ जाती है। Swollen Feet का होना तो सामान्य होता है लेकिन यह सूजन गर्भवती महिला को कुछ कारणों से आती है। जिसके बारे में महिला को जानकारी होना चाहिए ताकि वह अपने पैरों की सूजन को कम कर सकती है।

प्रेगनेंसी के दौरान बहुत सावधानी रखनी होती है। यदि इसमें कुछ चीजों की कमी होती है तो भी आपके पैरों में सूजन आने लगती है।

इस लेख में हम जानेंगे की प्रेगनेंसी के दौरान Swollen Foot को आप किस तरह कम कर सकती है। इसके लिए पढ़िए Swollen Feet Pregnancy के बारे में और जानिये इससे जुड़े तथ्यों को विस्तार से ।

Swollen Feet Pregnancy: जाने पैरों में सूजन के कारण और उनका उपचार

प्रेगनेंसी के दौरान पैरों में सूजन के कई कारण हो सकते है इन्हे आप कुछ उपायों की मदद से ठीक कर सकती है। इसके लिए आईये जानते है किन वजहों से होती है सूजन और इसे कैसे ठीक किया जा सकता है।

क्यों होती है पैरों में सूजन: Swollen Feet and Legs

एक ही स्थिति में बैठना

  • कई बार गर्भवती महिलाएं घंटो एक ही स्थिति में बैठी रहती है। ऐसा करने से भी पैरों में सूजन आने लगती है।
  • एक स्थिति में ज्यादा देर तक बैठने या फिर खड़े रहने से शरीर में थकावट आती है। जिसके कारण भी सूजन की समस्या हो जाती है।

कम पानी पीना

  • प्रेगनेंसी के दौरान महिला को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए क्योंकि यह महिला के शरीर और शिशु दोनों के लिए ज़रूरी होता है।
  • कम पानी पीने से शरीर में सूजन की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

प्रोटीन की कमी

  • प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में पोषक तत्व होना भी ज़रूरी होता है इससे शिशु का सही तरह से विकास हो पाता है।
  • यदि शरीर में प्रोटीन की कमी होती है तो इससे महिला में Swollen Legs की समस्या पैदा हो जाती है।

हार्मोन्स परिवर्तन

  • उपरोक्त करने के अतिरिक्त हार्मोन्स परिवर्तन भी इसके लिए जिम्मेदार होता है।
  • शरीर में हार्मोन्स परिवर्तन होने से भी सूजन की समस्या देखी जा सकती है।

उच्च रक्त चाप का होना

  • यदि गर्भवती महिला का रक्त चाप उच्च है तो इससे भी उसके शरीर में सूजन की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

सोने की गलत पोजीशन

पैरों की सूजन से बचाव कैसे करें?

गुनगुने पानी का इस्तेमाल

  • यदि प्रेगनेंसी के दौरान पैरों में सूजन आ रही है तो उसके लिए पानी को हल्का गुनगुना कर ले और उसमे थोड़ा सा नमक मिला ले।
  • इस पानी में अपने पैरों को कुछ देर के लिए रखे। ऐसा करने से पैरों की सूजन दूर हो जाती है।

आराम भी है ज़रुरी

  • प्रेगनेंसी में आराम करना भी बहुत ज़रूरी होता है, यदि आप दिन भर में थोड़ा सा भी आराम नहीं करती हैं तो आपके पैरों में सूजन आ सकती है।
  • इसलिए बीच बीच में थोड़ा थोड़ा आराम भी करते रहना चाहिए।

सोने की पोजीशन को रखे सही

  • रात को यदि आप गलत तरीके से सोते हैं तो उससे भी हाथों और पैरों में सूजन आ जाती है।
  • इसलिए इस बात का भी ध्यान रखे की प्रेगनेंसी के दौरान बायीं तरफ की करवट पर ही सोना अच्छा रहता है।
  • इससे सूजन की समस्या नहीं रहती है साथ ही अन्य समस्याएँ भी नहीं होती है और नींद भी अच्छी आती है

मालिश भी है असरकारी

  • पैरों में आयी सूजन को दूर करने के लिए मालिश करना भी बहुत ही असरकारी होता है।
  • मालिश करने से सूजन कम होती है साथ ही यदि पैरों में दर्द हो रहा है तो उससे भी राहत मिलती है।
  • आपकी थकान भी दूर हो जाती है। साथ ही मालिश करने से शरीर में रक्त संचरण भी अच्छे से होता है।
  • आपको मालिश करने से कई फायदे मिल सकते है।

उचित आहार

  • प्रेगनेंसी में पौष्टिक आहार की बहुत जरुरत होती है ताकि माँ और शिशु को पौष्टिक आहार मिल सके और विकास अच्छे से हो पाए।
  • लेकिन यदि आप पौष्टिक आहार का सेवन नहीं करती हैं तो शरीर में प्रोटीन की कमी हो सकती है जिसके कारण भी सूजन आती है।
  • इसलिए पौष्टिक आहार को कभी अनदेखा नहीं करना चाहिए। यह गर्भवती महिला के लिए बहुत ज़रूरी होता है।

अन्य सावधानियां

  • उपरोक्त उपायों को करने से आप पैरों की सूजन से बच सकती है। इसके अलावा यदि आप ऑफिस में काम करती है तो कोशिश करे की आपकी बैठने वाली कुर्सी आरामदायक हो और आपको अपने पैरों को ज्यादा देर तक लटका कर नहीं रखना चाहिए क्योंकि इससे भी पैरों में सूजन आती है। साथ ही बीच बीच में रेस्ट भी करती रहे।
  • यदि आपको उच्च रक्तचाप की समस्या है तो आपको खाने में नमक की मात्रा में कमी रखनी चाहिए इससे आपको सूजन की समस्या नहीं आएगी।
  • दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी ज़रूर पिए। यह भी प्रेगनेंसी में बहुत ही ज़रूरी होता है।
  • प्रतिदिन दिन दूध पीना नहीं भूले। दूध पीने से आपको कैल्शियम मिलेगा साथ ही शरीर में एनर्जी भी बनी रहेगी।
  • थोड़ी देर सुबह और शाम के समय वाक करना भी आपके लिए अच्छा रहेगा। इससे भी आपके पैरों में सूजन नहीं आएगी साथ ही आपका मूड भी अच्छा रहेगा

अब तो आप समझ ही गए होंगे की प्रेगनेंसी में पैरों का सूजन कोई चिंता का विषय नहीं होता है। बल्कि आप कुछ सरल उपायों की मदद से सूजन को कम कर सकती है। लेकिन यदि आपकी सूजन उपरोक्त उपायों की मदद से भी ठीक नहीं हो रही हैं तो आपको अपने डॉक्टर को इसे दिखाना चाहिए। वह आपको इसके लिए उचित उपचार बता सकते है जिससे आपको राहत मिल सकती है। साथ ही आपको भी अपने और शिशु के  लिए सावधानी रखनी चाहिए।