Yoga For Piles: योग के असरकारी आसनोंं के द्वारा करे बवासीर की समस्या को दूर

बवासीर एक ऐसी समस्या है जिससे बहुत सारे लोग ग्रसित हो जाते है। बवासीर को अंग्रेजी भाषा में पाइल्स (Hemorrhoids) कहा जाता है। इस बीमारी में मल त्याग करने वाले स्थान पर असहनीय दर्द होता है साथ ही फुंसिया भी हो जाती है। इसके हो जाने पर रोगी को मल में रक्त भी निकलने लगता है।

Bawaseer मिर्च मसाले की चीजों को खाने और अनियमित रूप से खानपान के कारण होता है साथ ही कब्ज की परेशानी होने से भी बवासीर होने की संभावनाएं बढ़ जाती है। बवासीर को दवाओं के जरिये ठीक किया जा सकता है लेकिन यह बवासीर का स्थायी उपचार नहीं होता है। उपचार के बाद भी यह आपको फिर से हो सकता है।

बवासीर को जड़ से ख़त्म करने के लिए योग की मदद ली जा सकती है। योग बवासीर जैसी बीमारी को ख़त्म कर रोगी को तंदरुस्त बनाने में मदद करता है।  

बवासीर को ख़त्म करने के लिए कौन कौन से योग के आसान होते है जिसे किया जा सकता है इस बारे में हम आज के लेख में विस्तार से जानेंगे। आइये अब इसकी ज्यादा जानकारी के लिए जानते है Yoga For Piles के बारे में।

Yoga For Piles: जाने पाइल्स कोकी परेशानी को दूर करने में कौन से आसन मददगार होंगे?

बवासीर में उपयोगी योग: Yoga for Hemorrhoids

कुछ महत्वपूर्ण योग को करके आप पाइल्स की समस्या से मुक्ति पा सकते है, साथ ही पाइल्स के होने वाले दर्द से भी निजात प्राप्त कर सकते है। जानते है इसके लिए कौन से आसन किये जा सकते है।

शीर्षासन से करे पाइल्स को दूर

  • शीर्षासन को करने से बवासीर जैसी बीमारी को दूर किया जा सकता है। इसके अभ्यास से पाचन तंत्र अच्छा रहता है जिसके कारण कब्ज जैसी समस्या नहीं होती है और व्यक्ति बवासीर से बचा रहता है।
  • यह आसन बवासीर के अतिरिक्त वजन को भी नियंत्रित करने में मदद करता है
  • साथ ही इस आसन को करने से त्वचा में निखार आता है और आप सुन्दर बनते है। बालों को गिरने से रोकने के लिए इस आसन का अभ्यास किया जा सकता है।
  • इस आसन में सर के बल खड़े होकर आसन किया जाता है। शुरुआत में यह कठिन हो सकता है लेकिन इसके नियमित अभ्यास से इसे बड़ी ही सरलता से किया जा सकता है।

सर्वांगासन

  • यह आसन भी शीर्षासन की तरह थोड़ा कठिन होता है और यह Yoga to Cure Piles में बहुत महत्वपूर्ण होता है।
  • इस आसन को करने के लिए पूरे शरीर का संतुलन बनाना होता है।
  • यह बवासीर के उपचार के लिए असरकारी होता है। इस आसन का नियमित अभ्यास करने से कब्ज की समस्या नहीं होती है जिससे बवासीर होने की संभावनाएं नहीं होती है।
  • इसके साथ साथ यह आसन तंत्रिका तंत्र को भी बेहतर बनाने में मदद करता है। इस आसन को करने से सिरदर्द, एनीमिया जैसी समस्या भी नहीं होती है।
  • शुरुआत में इस आसन का अभ्यास किसी कुशल प्रशिक्षक की उपस्थिति में ही किया जाना चाहिए। अभ्यास होने के बाद इस आसन को आप अकेले भी कर सकते है।
  • गर्भवती महिलाओ को इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए यह उनके लिए हानिकारक हो सकता है।

पवनमुक्तासन

  • इस आसन को लेट कर किया जाता है। पवनमुक्तासन पेट के लिए बहुत ही लाभकारी आसन होता है। इसका अभ्यास करने से पेट से जुड़ी समस्याएं नहीं होती है। साथ ही पाइल्स की परेशानी भी दूर हो जाती है।
  • यह आसन उपरोक्त आसनों की तुलना में सरल होता है। यह कब्ज, गैस, एसिडिटी जैसी समस्याओं को तो दूर करता ही है। साथ ही इसे करने से पेट की चर्बी भी कम होने लगती है।
  • इस आसन को करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। साथ ही हृदय भी स्वस्थ रहता है।
  • इस आसन को कमर में दर्द होने पर नहीं करना चाहिए। इसके अलावा यदि अपने खाना खाया है तो तुरंत बाद भी इस आसन को नहीं करना चाहिए। इसका अभ्यास खाली पेट ही किया जाना फ़ायदेमंद होता है।

वज्रासन

  • वज्रासन बवासीर के लिए लाभकारी होता है। यह आसन करने में भी बहुत सरल होता है साथ ही आपको बता दे की यह एक ऐसा आसन है जिसे खाना खाने के तुरंत बाद किया जाता है जिसके कारण व्यक्ति को खाना पचाने में आसानी होती है।
  • साथ ही पेट की समस्याएं भी नहीं होती है। इसके अभ्यास से व्यक्ति अपने वजन को भी कम कर सकता है। यह आसन बैठ कर किया जाता है।
  • माइग्रेन रोगी के लिए भी यह आसन लाभदायक होता है।

हलासन

  • बवासीर रोगी हलासन को भी कर सकते है, यह भी उनके लिए फ़ायदेमंद होता है।
  • शुरुआत में यह आसन करने में थोड़ा कठिन लगेगा परन्तु अभ्यास होने पर इसे आसानी से किया जा सकता है।
  • हलासन पेट की चर्बी को भी दूर कर देता है। साथ ही इस आसन को करने से कब्ज की समस्या भी नहीं रहती है।
  • यदि इसका अभ्यास रोज़ाना किया जाए तो सिरदर्द भी नहीं होता है साथ ही त्वचा में निखार भी आ जाता है।
  • बालों को झड़ने से रोकने के लिए भी यह आसन लाभकारी होता है।
  • इस आसन का अभ्यास किसी कुशल योग प्रशिक्षक की उपस्थिति में शुरू करे।
  • लेकिन यदि आपके पीठ में दर्द या घाव है तो इस आसन को नहीं करना चाहिए।

उपरोक्त आसन के अतिरिक्त मत्स्यासन, पश्चिमोत्तानासन, प्राणायाम,चाइल्‍ड पोस आदि को भी किया जा सकता है। यह भी Yoga for Piles Treatment के लिए लाभकारी होते है।

आवश्यक जानकारी

  • आसनों को खाली पेट सुबह और शाम के समय ही करे और आसनों को नियमित रूप से करने पर ही लाभ प्राप्त होता है।
  • यदि आप अस्थमा जैसी बीमारी से पीड़ित है तो अपने डॉक्टर की सलाह पर ही योग का अभ्यास शुरू करे।
  • गर्भवती महिलाओ को भी डॉक्टर की सलाह के अनुसार योग करना चाहिए।

यह सही है की उपरोक्त आसन को करने से बवासीर के उपचार में मदद मिलती है लेकिन इसके लिए आपको आसनों के नियमित अभ्यास के साथ साथ पौष्टिक आहार भी लेना ज़रुरी है ताकि शरीर को आसनों को करने की शक्ति मिल सके और आप नियमित रूप से आसनों को करने में सफल रह सके। साथ ही बवासीर के उपचार के लिए अनियमित खानपान और अनियमित जीवन शैली में परिवर्तन भी लाये। तभी आप रोगों से दूर रह सकेंगे और स्वस्थ रहेंगे।

यदि आपको योग के बाद भी बवासीर की समस्या हो रही है तो डॉक्टर को ज़रुर दिखाए ताकि बीमारी का सही पता चल सके और उसका उचित उपचार हो सके।