Baby Movement During Pregnancy: जाने गर्भ में पल रहे बच्चे की गतिविधियाँ

Baby Movement During Pregnancy: जाने गर्भ में पल रहे बच्चे की गतिविधियाँ

आने वाले बच्चे के जन्म के लिए लोग बहुत सारी तैयारियाँ करते है साथ ही उसके आने का इंतज़ार भी परिवार के सभी लोगो को रहता है। इसी के साथ जो महिला माँ बनने वाली है खासकर के उसका परिवार के लोग ध्यान रखते है।

ऐसे में होने वाली माँ को भी अपना ध्यान रखना चाहिए साथ ही गर्भ में पल रहे बच्चे का भी ध्यान रखना चाहिए क्योंकि माँ के मूड का, उसकी सोच का और खाने पीने का सभी चीज़ो का असर डायरेक्ट बच्चे पर पड़ता है जिससे की बच्चा बहुत कुछ अपने गर्भ में ही सिख लेता है।

गर्भावस्था में पूरे नौ महीनों में बच्चे के सभी बॉडी पार्ट्स ग्रो कर जाते है। इन पूरे नौ महीनों में 40 हफ्ते होते हैं जिसमे बच्चा धीरे धीरे बढ़ता है और उसके शरीर के सभी अंग बनते है। इसलिए इन दिनों में होने वाली माँ को इस बात का ख़ास ध्यान रखते हुए ही कोई एक्टिविटी करनी चाहिए।

इस लेख में हम आपको बताने जा रहे की किस तरह से नौ महीनों में बच्चे की माँ के गर्भ में ग्रोथ होती है और बच्चा किस किस तरह की मूवमेंट्स करना स्टार्ट क्र देता है। तो आये इस लेख में जाने Baby Movement During Pregnancy.

Baby Movement During Pregnancy: जाने गर्भ में पल रहे बच्चे की मूवमेंट्स

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1st मंथ

  • महिलाओ के गर्भाशय में गर्भ धारण के समय एक तरल प्रदार्थ का एक बैग होता है उसमे भ्रूण का विकास होना शुरू होता है।
  • स्टार्टिंग के तीन महीनों तक माँ के शरीर में प्लेसेंटा बनती है।
  • यह एक गोल और चपटी नाली होती है जिस से बच्चे को पोषण मिलता है।
  • बच्चे के ग्रोथ की स्टार्टिंग बच्चे की आँखों से होती है।
  • जब गर्भावस्था का पहला महीना पूरा होता है तब तक बच्चा 6 से 7 मिमी का होता है।
  • 6 से 7 मिमी का मतलब की ¼ इंच जो एक चावल के दाने जितना बड़ा होता है।
  • इस मंथ में आपके बच्चे की आंखे, जबड़ा, गला बनाना शुरू होता है।

2nd मंथ

  • इस मंथ में बच्चे के चेहरे के विकास के साथ साथ कान का भी विकास होना शुरू हो जाता है।
  • हाथों और पैरों के बनने की तैयारी शुरू हो जाती है और इनकी जगह पर उभार आने लगते है।
  • दूसरा महीना ख़तम होने तक हाथ और पैर की उंगलिया बन जाती है।
  • इस मंथ में धीरे धीरे बच्चे की रीढ़ की हड्डी, दिमाग आदि का भी विकास होने लग जाता है ।
  • अब बच्चे के पांचन तंत्र बनना भी शुरू हो जाते है।
  • बच्चे की हड्डियों का विकास हो जाता है और साथ ही नरम हड्डियाँ भी बन जाती है।
  • भ्रूण अब बढ़ना शुरू हो जाता है लेकिन माँ बनने वाली महिलाओ को अभी यह आभास नहीं हो पाता है।
  • दूसरे महीने में बच्चा 2.45 सेंटीमीटर लम्बा हो जाता है और उसका वजन 9.45 ग्राम होता है।

3rd मंथ

  • इस मंथ में बच्चा पूरा बन चूका होता है। बच्चे के हाथ, पैर और उंगलिया सभी बन जाते हैं ।
  • इस महीने में बच्चा मुँह और हाथों की मुठ्ठी भी खोल सकता है।
  • इस महीने में ही हाथ पैर के नाख़ून और कानों का बाहरी हिस्सा बनता है।
  • इस मंथ में दांत बनना भी शुरू हो जाते है।
  • इस मंथ में माँ पहली बार अपने बच्चे को देख सकती है अल्ट्रा साउंड के जरिये।
  • इस मंथ में बच्चे का परिसंचरण और मूत्र तंत्र भी कार्य करना शुरू कर देता है।
  • इस महीने में बच्चा 7.6 से 10 सेंटीमीटर तक बढ़ जाता है और उसका वजन 28 ग्राम हो जाता है।

4th मंथ

  • इस मंथ में बच्चे की आइब्रो, पलके, नाख़ून और बाल बनते है।
  • इस मंथ में बच्चे की हड्डियाँ और दांत मजबूत होने लगते है।
  • इस महीने में बच्चा अपना अंगूठा चूसने लग जाता है।
  • साथ ही बच्चा इस महीने में अंगड़ाई लेने भी लग जाता है।
  • इस महीने में आप बच्चे की दिल की धड़कने भी सुन सकते है।
  • बच्चे की तंत्रिका तंत्र भी अपना कार्य करना स्टार्ट कर देती है।
  • इस महीने में बच्चा 6 इंच तक लम्बा हो जाता है और उसका वजन करीब 112 ग्राम हो जाता है।

5th मंथ

  • इस महीने में बच्चे के गर्भरोमो का विकार होता है और साथ ही उसके बालों का भी।
  • बच्चे के गर्भरोम पतले और बहुत मुलायम होते है जो बच्चे के कंधे, पीठ और माथे पर होते है।
  • यह बाल बच्चों की रक्षा करते है और बच्चे के जन्म के बाद अपने आप झड़ जाते है।
  • बच्चे की स्किन एक वाइट परत से ढकी होती है जिसे वर्निक्स कैसेओस (vernix caseosa) कहते है।
  • इस महीने में धीरे धीरे आपके बच्चे की ऊपर से एमनियोटिक बैग हटने लगता है, ये परत शुरुआत में बच्चे की रक्षा करती है।
  • इस मंथ से बच्चे की हरकतों का एहसास होना शुरू हो जाता है।
  • इस महीने में बच्चे की मांसपेशियाँ भी बनने लग जाती है।
  • इस मंथ में बच्चा 10 इंच तक बड़ा हो जाता है और उसका वजन 500 ग्राम हो जाता है।

6th मंथ

  • इस महीने में बच्चे का वजन 1 किलो तक हो जाता है और साथ ही वह 10 इंच तक बढ़ जाता है।
  • इस महीने बच्चे के अंग अच्छे से बन चुके होते है और उनका मूवमेंट स्टार्ट हो चूका होता है।
  • इस मंथ में बच्चे की स्किन लाल हो जाती है।
  • इस मंथ में जब बच्चा अपने हाथ और पैर चलाता है तो उसके छाप पड़ जाते है।
  • इस महीने में पलके खुल जाती है और बच्चा देखना शुरू कर देता है।
  • इस महीने में बच्चा हिचकी लेता है और आवाज सुनकर हरकत करने लगता है।
  • इस महीने में माँ अपने बच्चे के झटके भी महसूस करती है।

7th मंथ

  • इस महीने में बच्चे में फैट बनने लगता है।
  • इस महीने में बच्चा कम से कम 14 इंच तक बड़ा हो जाता है।
  • साथ ही इसका वजन भी कुछ 900 से 1200 ग्राम तक हो जाता है।
  • इस महीने में बच्चे करवटें भी बदलना स्टार्ट कर देते हैं ।
  • साथ ही उनकी सुनने की क्षमता भी बढ़ जाती है।
  • अब बच्चे दर्द भी महसूस करने लग जाते है।

8th मंथ

  • इस महीने में बच्चा लगभग 18 इंच तक बढ़ जाता है और उसका वजन 2.27 किलोग्राम हो जाता है।
  • इस महीने में ज्यादा महसूस होता है की बच्चा लात मार रहा है।
  • इस महीने में बच्चे के दिमाग का विकास काफी तेज़ी से होता है।
  • इस महीने में बच्चे के फेफड़े ज्यादा विकसित हो जाते हैं और बच्चे का विकास पूरा हो चूका होता है।

9th मंथ

  • इस महीने में बच्चा गर्भ में घूमता है और साथ ही उसकी स्थिति बदल जाती है।
  • इस मंथ में बच्चे कम से कम 20 इंच तक बड़े हो जाते हैं ।
  • बच्चे का वजन भी करीब 3.2 किलो हो जाता है।
  • अब बच्चा कोख में आ जाता है और जन्म लेने की क्रिया शुरू हो जाती है।

इस ऊपर दिए लेख में अपने जाना की बच्चा गर्भावस्था के 9 महीनों के दौरान कैसी कैसी गतिविधियाँ करता है और साथ ही उसकी ग्रोथ कैसे होती है।