Dadi Maa Ke Nuskhe for Babies: बच्चोंं का ख्याल रखने के लिए अपनाएं ये प्राचीन कारगर उपाय

Dadi Maa Ke Nuskhe for Babies: बच्चोंं का ख्याल रखने के लिए अपनाएं ये प्राचीन कारगर उपाय

बच्चे हर माँ बाप का सबसे बड़ा सपना होते है। हर पेरेंट्स अपने बच्चोंं को स्वस्थ और तंदरुस्त देखना चाहते है। हर पेरेंट्स यही चाहते है की उनका बच्चा अच्छे से खूब खाए पिए। साथ ही हर एक्टिविटी में आगे रहे । बच्चोंं की ज़िम्मेदारी सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी होती है दुनिया के सभी पेरेंट्स के लिए।

आजकल महँगाई के इस दौर में माता और पिता दोनों ही कमाने लगे है। दोनों हर समय अपने बच्चे के साथ नही रह पाते है। ऐसे में अगर बार बार आपका बच्चा बीमार पड़ जाता है तो ये पेरेंट्स के लिए बहुत चिंता का विषय बन जाता है।

बार बार बीमारी से आपका बच्चा कमजोर भी हो जाता है साथ ही अगर आप उसे डॉ. को दिखने जाते है तो वो ढेर सारी दवाइयाँ भी लिख देता है। बच्चा अगर बार-बार भी दवाइयाँ लेता है तो इससे आगे चलकर उसे दवाइयों के दुष्प्रभाव का भी सामना करना पड़ सकता है।

इन सबसे बचने के लिए आज हम आपको बच्चोंं से जुड़ी अधिकतर समस्याओं के कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बतायेंगे जिन्हें आप आज़माकर अपने बच्चोंं को जल्दी से ठीक कर सकते है। पुराने जमाने में ये घरेलू उपाय ही हर बीमारियों का इलाज किया करते थे। जानते है Dadi Maa Ke Nuskhe for Babies.

Dadi Maa Ke Nuskhe for Babies: जाने बच्चोंं की देखभाल के लिए प्राचीन दादी माँ के नुस्खे

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बच्चोंं की बीमारी को कैसे पहचाने :

जब तक आपका शिशु बोलने की अवस्था में नही आ जाता तब तक आपको ये पहचानना थोड़ा मुश्किल हो जाता है की बच्चोंं को क्या परेशानी हो रही है और बच्चा क्यों रो रहा है। अगर बच्चे को बुखार, सर्दी खांसी, दस्त या उलटी है तो इनके लक्षण देखकर ही आप इन बीमारियों को पहचान सकते है परन्तु अगर शिशु के पेट में दर्द है या पेट में अपच है या उसके कानों में तकलीफ हो रही है तो बच्चा इन सबके कारण लगातार रोता रहेगा और आपको समझना थोड़ा मुश्किल हो जाएगा ऐसे में आप बच्चे के पेट और कान पर हाथ रख कर चेक कीजिये वो हाथ रखने पर रोना और तेज कर देता है, समझ जाइये उसे वही तकलीफ हो रही है।

Baby Constipation या पेट में दर्द होने पर बचाव के घरेलू नुस्खे

  • शिशु के पेट पर हल्का सेंक कीजिये।
  • बच्चोंं के पेट पर हींग को पीसकर दूध या पानी में मिलाकर लगाइए। अगर एसिडिटी के कारण बच्चे के पेट में दर्द है तो ऐसा करने से वो जल्दी ठीक हो जाता है।
  • बच्चे को 1 चम्मच डाबर जन्म घुट्टी दीजिये ये एक आयुर्वेदिक घुट्टी होती है जो अपच को ठीक करती है। बच्चोंं को ग्राइप वाटर भी पीला सकते है।
  • जायफल, आम्बा हल्दी, खारक को थोड़े से दूध से घिसकर बच्चे को पिलाइए ये घर में बनाई हुई घुटी बहुत कारगर होती है।
  • आधा कप पानी में 1 चुटकी अजवाईन और थोड़ा सा गुड घिसकर तब तक उबालें जब तक वो दो चम्मच न बच जाए। अब गैस बन्द करके ठंडा होने पर उसे छान लीजिये और एक चम्मच बच्चे को पीला दीजिये इससे अपच ठीक हो जाती है और पेट में बन रही गैस भी खत्म हो जाती है।
  • जब तक शिशु माँ का दूध पिता है तो माँ ध्यान रखे की ऐसा खाना न खाए जिससे एसिडिटी ज्यादा बनती हो और ना हीं बहुत ज्यादा मिर्ची का भोजन ले। जंहा तक हो सके 6 महीने तक माँ सादा और कम मिर्ची का भोजन ही ले इससे बच्चे का पेट अच्छा रहता है।

बच्चोंं में सर्दी होने पर घरेलू नुस्खे :

  • सात लहसुन की कलिया छिल लीजिये उसे एक धागे में पिरो लीजिये और इसे बच्चे के गले में पहना दीजिये। लहसुन की माला बच्चे को आप पूरे ठंड के मौसम में पहना के रख सकते है इससे बच्चे की सर्दी बहुत जल्दी ठीक होती है। जब बंधी हुई लहसुन की कलिया सूख जाये तो इसी प्रकार दूसरी माला बनाकर पहना दीजिये।
  • बच्चे को 1-2 पत्ती केसर और थोड़ी सी खारक दूध में घिसकर पीला दीजिये इससे बच्चे के शरीर में गर्मी बनी रहती है और सर्दी जल्दी से ठीक होने लगती है।
  • रात में सोते समय आधा चम्मच शहद और थोड़ा सा अदरक का रस मिलाकर पीला दीजिये, ऐसा करने के बाद उसे पानी नही पिलाना है। इससे भी सर्दी जल्दी ही खत्म हो जाती है।
  • बच्चे की छाती और उसके तलवो पर अच्छे से विक्स लगाकर उसे ढक दिजिए। उसे जल्द ही आराम मिल जाएगा।

बच्चों में खांसी होने पर घरेलू नुस्खे :

  • सुहागी को तवे पर फुला ले उसे पीसकर रख ले जब भी बच्चे को खांसी या गले में खराश हो तो उसे दूध में एक चुटकी मिलाकर चटा दे इससे खांसी जल्दी ही ठीक हो जाती है।
  • जीरे और मिश्री दोनों को पीसकर इसे बच्चे को दे। इससे खांसी में आराम मिलता है।
  • बच्चोंं को चोकलेट और मीठा खाने के तुरंत बाद जहाँ तक हो सके पानी पीने से रोके।
  • बच्चोंं को चाय के ऊपर पानी पीने को नही दे इससे खासी हो सकती है।
  • बच्चे को रात में 1 चम्मच शहद खिलाये, इससे भी खांसी में राहत मिलती है।

बच्चों में बुखार होने पर घरेलू नुस्खे :

  • अगर आपका बच्चा बड़ा है तो आप तुलसी का एक पत्ता ले लीजिये उसे अच्छे से धो लीजिये फिर उस पर एक चुटकी मिर्च लगा दीजिये और इसे बच्चे को पानी के साथ दे दीजिये ये हर मौसम में आने वाले बुखार को दूर कर देता है। ये उपाय बड़े भी आजमा सकते हैं, इससे बार बार बुखार आना बंद हो जाता है।
  • ठंडे पानी में कपड़े को भिगो कर बच्चे के माथे पर रखिये, इससे बुखार जल्दी उतर जाता है।
  • जायफल पीसकर माथे पर उसका लेप लगाइए इससे बुखार में आराम मिलेगा।

बच्चों में दस्त होने पर घरेलू नुस्खे :

  • बच्चों को दस्त लगने पर हरड और आम्बा हल्की को घिसकर उसे दूध में चटा दीजिये दस्त में आराम मिलेगा।
  • नमक और शक्कर को पानी में मिलाकर इसका घोल बनाकर पिलाये इससे दस्त में आराम मिलता है और कमजोरी नही आती है।

बच्चों में उलटी होने पर घरेलू नुस्खे :

  • प्याज का रस बच्चे को दो से तीन बार पिलाये इससे उलटी में आराम मिलता है।
  • नींबू का रस, थोड़ा सा पानी और नमक मिलाकर, बच्चे को दिन में 2-3 बार पिलाने से बच्चे को उल्टी होना बंद हो जाती है।

बच्चों के कान में दर्द होने पर घरेलू नुस्खे :

  • कई बार कान में पानी चला जाता है जिसके कारण कान में दर्द होना सामान्य बात है या ठंडी हवा के कारण भी बच्चों के कान में दर्द होने लगता है इनसे बचने के लिए आप बच्चों के कान में रुई लगाकर रखे।
  • सरसों के तेल को गरम करके दो बूंद कान में डाल दीजिये इससे दर्द में आराम मिलता है।
  • प्याज के रस को थोड़ा सा गुनगुना करके भी कान में डाल सकते है इससे भी कान दर्द जल्दी ठीक हो जाता है।

ऊपर लिखे हुए Baby Care Tips in Hindi बहुत हीं कारगर है। जब भी आपके बच्चे को ऐसी कोई समस्या हो रही हो तो आप इन उपायों को अपना सकते है, अगर उसके बाद भी आपका बच्चा ठीक न हो तो डॉक्टर से ज़रुर परामर्श ले।

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