Sunstroke Symptoms: लू का लक्षणों को पहचानकर करें इसका सही उपचार

Sunstroke Symptoms: लू का लक्षणों को पहचानकर करें इसका सही उपचार

बढ़ते प्रदूषण और पेड़ो की कमी के कारण गर्मी ज्यादा ही बढ़ जाती है और तापमान 50 डिग्री तक क्रॉस कर देता है ऐसे में गर्मी के दिनों में लू लगने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है।

गर्मियों के दिनों में अक्सर ऐसा होता है कि शरीर में ज्यादा वीकनेस आ जाती है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बॉडी में प्रोटीन का स्तर कम हो जाता है। जिससे बॉडी में एनर्जी नहीं बचती।

साथ ही कभी ऐसे में लू लग जाती है तो इसके परिणाम काफी ज्यादा गंभीर रूप ले लेते है। अगर लू का आप सही समय पर इलाज नहीं करवाते है तो कभी कभार यह मौत का भी कारण बनती है।

गर्मी की तपिश को देखते हुए आज हम आपको बताने जा रहे है कि लू लगने के क्या लक्षण होते है और लू लगने पर क्या करना चाहिए। इस लेख में पढ़े Sunstroke Symptoms या Heat Stroke Symptoms.

Sunstroke Symptoms: जानिए लू लगने के कारण, लक्षण और सामान्य उपचार

Sunstroke-Symptoms-in-Hindi

Heat Stroke Symptoms: जानिए कैसे होते है लू के लक्षण

  • लू लगने पर बॉडी का तापमान बढ़ जाता है। जो 105 सेल्सियस से ज्यादा हो सकता है।
  • जी मचलाने लगता है।
  • शरीर में कमजोरी महसूस होने लगती है।
  • सिरदर्द रहता है।
  • हाथ पैरों में दर्द और जकड़न का रहना
  • चक्कर आना
  • स्किन का हल्का लाल हो जाना
  • नाड़ी का तेज़ चलना
  • साँस लेने में काफी तकलीफ होना
  • बेहोश हो जाना
  • आँखों में जलन होना
  • जब समस्या ज्यादा बढ़ जाए तो हार्ट स्ट्रोक और ब्रेन स्ट्रोक की स्थिति बन जाना।
  • उलटी होना।
  • लू में हाथ पैरों के तलवो पर जलन होने लगना।

लू लगने के कारण

  • एक सामान्य मनुष्य का तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तक होना चाहिए।
  • लेकिन गर्मियों में तेज़ धुप के कारण बॉडी का टेम्प्रेचर बढ़ जाता है।
  • यह धुप गर्मी में शरीर में ग्लूकोज़ का लेवल कम कर देती है।
  • Heat Stroke से बॉडी में नमक और पानी की कमी हो जाती है।
  • ब्लड भी सही प्रकार से बॉडी में सर्कुलेट नहीं हो पाता है।
  • ज्यादा देर तक गर्मी या धुप में खड़े रहने से लू लग सकती है।
  • तेज़ धुप में काम करने से या फिर कुछ मेहनत का काम करने से लू लग सकती है।
  • गर्मियों में एकदम से गर्म से ठन्डे और ठन्डे से गर्म तापमान में प्रवेश करना।
  • गर्मी की वजह से बॉडी में पानी और नामक की ज्यादा कमी होना, इससे लू लग सकती है।
  • ऐसी दवाइयों का सेवन करना जिससे ब्लड वेसल्स संकीर्ण हो, एड्रेनालाईन नामक हॉर्मोन में बाधा पैदा करना और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करना।
  • एंटी डेरेसिओं पील्स का सेवन करना।
  • शरीर से सोडियम और पानी को बाहर निकालना।
  • ऐसे लोगो में सामान्य लोगों के मुकाबले लू लगने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है।
  • शरीर को ठंडा रखने वाला सिस्टम नाकाम हो जाए मतलब थर्मोस्टेट सिस्टम बॉडी के टेम्प्रेचर को कंट्रोल न कर पाए।
  • इसमें पानी किसी न किसी रूप में शरीर से बाहर निकलता है।
  • इससे शरीर की ठंडक कम होती है और लू लग जाती है।

Heat Stroke Prevention: लू से बचने के तरिके

  • गर्मी में घर के बाहर गर्म हवाओ में जाने से बचे।
  • गर्मी के मौसन में थोड़ी देर के लिए भी नंगे पैर का घूमे, चप्पल पहनकर ही घूमे।
  • गर्मी में सूती कपड़ो को ही पहने।
  • सिंथेटिक, ज्यादा टाइट, गहरे रंग के कपड़े, नायलॉन और पॉलिएस्टर के कपड़ो को पहनने से बचें।
  • धुप में बाहर जाना अगर जरुरी है तो छाते का इस्तेमाल करें।
  • इसके अलावा आप चाहे तो धुप में निकलने से पहले सिर पर गिला या सादा कपड़ा बांधकर बाहर जाए।
  • हमेशा धुप में जाने से पहले अपने चेहरे को अच्छी तरह से ढांक लें।
  • धुप में अपनी आँखों को कवर करने के लिए सनग्लासेस का इस्तेमाल करें।
  • धुप में बाहर जाने से पहले ठंडा शरबत या कुछ ठंडा पीकर ही बाहर जाएं।
  • धुप में जाने से पहले हमेशा अपने साथ पानी की बोतल साथ लेकर जाएं।
  • गर्मियों के दिनों में खाली पेट ज्यादा देर तक नहीं रहना चाहिए। हमेशा कुछ खा कर ही बाहर जाएं।
  • पानी में निम्बू और नमक डाल कर सेवन करना चाहिए। इस मिश्रण को दिन में 2 से 3 बार पिए, लू नहीं लगेगी।
  • गर्मियों में प्याज का सेवन भी ज्यादा करना चाहिए। साथ ही बाहर जाते समय अपने साथ एक छोटा प्याज जेब में जरूर रखे।
  • धुप से आते ही ज्यादा ठंडा पानी न पिए और साथ ही कूलर, एसी में भी न बैठें। पहले अपनी बॉडी के टेम्प्रेचर को नार्मल होने दे उसके बाद ही पानी पिएं।

Sunstroke Treatment: लू की चपेट में आने पर करें ये उपचार

  • जिस व्यक्ति को लू लगी है उसे पहले खुली जगह में ले जाए और इसके बाद छाँव में लेटा दें। जिससे की उस व्यक्ति का तापमान सामान्य हो सके। सोने के लिए केले और अरंडी के पत्तो को बिछा दें। इन पत्तो का इस्तेमाल पीड़ित व्यक्ति के लिए फायदेमंद होगा।
  • पीड़ित व्यक्ति के बॉडी के टेम्प्रेचर को 101 या 102 डिग्री तक लाने का प्रयास करें।
  • पीड़ित व्यक्ति को थोड़ी थोड़ी देर में गीले कपड़े से पोंछना चाहिए।
  • लू लगने पर व्यक्ति को ठन्डे पानी से नहाना चाहिए।
  • यदि लू की समस्या अधिक बढ़ गयी है तो पीड़ित व्यक्ति को ठन्डे पानी में लिपटी चादर में लपेट दें।
  • इसके अलावा आप बर्फ के टुकड़ो को एक कपड़े में लपेट कर गर्दन, जांघो और बगल में रख दें। इससे बॉडी से गर्मी जल्दी निकलती है।
  • निम्बू पानी, आम पन्ना, छाछ, लस्सी, नारियल पानी, निम्बू का शरबत, जैसे पदार्थो का सेवन करना चाहिए।
  • नमक, शक्कर और पानी के घोल को भी पी सकते है।
  • हाथो और पैरों की मालिश करें जिससे बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन ठीक बना रहे।
  • इमली के गूदे को हाथों और पैरों के तलवो पर मसले इससे लू का असर ख़त्म हो जाएगा।
  • धनिये की पत्तियों में चीनी मिलाकर खाने से लू का असर कम होता है।

इस ऊपर दिए लेख में आज हमने आपको बताया कि लू के लक्षण क्या होते है और लू लगने पर आपको क्या करना चाहिए जिससे की आप पहले की तरह स्वस्थ हो जाए। इसके अलावा यहां बताये गए तरीको को अपनाकर गर्मी में शरीर को लू लगने से बचाएं।

Subscribe to