Spinal Cord Pain In Hindi: जीवनशैली में बदलाव से दूर करें रीढ़ दर्द

Spinal Cord Pain In Hindi: जीवनशैली में बदलाव से दूर करें रीढ़ दर्द

आज की दुनिया बहुत बदल गई है। अगर आज के वक़्त की तुलना 20-25 साल पहले के वक़्त से करें तो हम ये पाएंगे की इस अंतराल में दुनिया बहुत ज्यादा फास्ट हो गई है। अब यातायात के साधन अच्छे हो गए हैं जिसके कारण हमे बहुत ज्यादा भाग दौड़ करनी पड़ जाती है।

भाग दौड़ बढ़ जाने से शरीर को ज्यादा थकान भी होने लगी है। वक़्त के बदलने से हमारे आसपास की परिस्थितियां तो बदल गई हैं पर हमारा शरीर तो वैसा ही है। ऐसे में इससे होने वाली थकान का हमारे शरीर पर बुरा असर पड़ता है। इस थकान का सबसे ज्यादा असर हमारे स्पाइनल कॉर्ड अर्थात रीढ़ की हड्डी पर महसूस होता है।

रीढ़ की हड्डी दरअसल स्पाइन वर्टिब्रा से मिलकर निर्मित होती है। रीढ़ की इसी हड्डी पर मानव शरीर का सारा वजन टिका रहता है। इस हड्डी का क्षेत्र सिर के नीचे के भाग से आरम्भ होकर टेल बोन तक होता है। रीढ़ की इस हड्डी के दो दो वर्टिब्रा के मध्य में एक एक डिस्क अवस्थित होती है जो शरीर को लगने वाले झटकों को सहने के दौरान शाक एब्जार्वर की तरह कार्य करती है।

जब व्यक्ति आगे-पीछे तथा दायें-बायें की तरफ घूमता है तब रीढ़ की हड्डी में मौजूद इस डिस्क में फैलाव होता है। पर जब व्यक्ति गलत तरीके से काम काम करता है तब पढ़ते, उठते-बैठते या झुकते समय डिस्क ज्यादा जोर पड़ जाता है। इन सब से मेरुदंड में मौजूद नसों पर प्रेशर आता है जिससे कमर में असहनीय दर होता है। इस लेख में विस्तार से जाने Spinal Cord Pain In Hindi.

Spinal Cord Pain In Hindi: रीढ़ के हड्डी में होने वाले दर्द के कारण और बचाव

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सबसे पहले जानते हैं रीढ़ की हड्डी में होने वाले दर्द के कुछ मुख्य कारणों को

  • बैठने की गलत शैली और दैनिक काम काज के कारण ये दर्द सामान्यतः लोगो को हो जाती है।
  • बिस्तर पर लेट कर या फिर झुक कर किताबें पढना या कोई दूसरा काम करना भी इस दर्द की वजह हो सकती है।
  • बहुत देर तक बिना ब्रेक लिए कंप्यूटर के सामने बैठ कर काम करते रहना भी एक मुख्य वजह है रीढ़ की हड्डी के दर्द का।
  • ज्यादा भार उठा लेना, अनियमित लाइफ स्टाइल, अचानक से झुक जाना, उठने-बैठने के समय गलत तरीके से उठना बैठना आदि भी दर्द की वजह हो सकते हैं।
  • सुस्त लाइफ स्टाइल, बॉडी का ज्यादा एक्टिविटीज में भाग ना लेना, एक्सरसाइज ना करना और पैदल ज्यादा न चलना शरीर के मांसपेशियों को कमजोर बना देती है।
  • इन कमजोर हो चुकी मांसपेशियों के कारण थकान के बहुत ज़्यादा बढ़ जाने से भी लोगों की रीढ़ की हड्डी पर ज्यादा जोर पड़ जाता है, जिससे दर्द उत्पन्न हो जाता है।
  • कई बार ज्यादा शारीरिक मेहनत करने, गिर जाने, फिसल जाने, किसी दुर्घटना में चोट लग जाने, बहुत समय तक ड्राइविंग करने आदि से भी रीढ़ की हड्डी पर प्रभाव पड़ता है।
  • बहुत लोगों में ऐसा देखा जाता है की उम्र बढ जाने पर उनकी हड्डियाँ कमजोर होने लग जाती हैं और इसके कारण भी इनकी हड्डियों पर ज्यादा जोर पड़ने लग जाता है। जिससे दर्द बढ़ जाता है।

ऊपर आपने पढ़ा रीढ़ की हड्डी में दर्द को उत्पन्न करने वाले कुछ कारणों के बारे में, अब हम जानेंगे रीढ़ की हड्डी के दर्द से निजात कैसे पाया जा सकता है। अगर दर्द बहुत ज्यादा बढ़ गया है तो आपको इस बारे में डॉक्टर से राय ले कर इलाज करवानी चाहिए, पर अगर आपका दर्द शुरूआती स्तर पर है तो आप अपने जीवनशैली में बदलाव ला कर और कुछ बातों का ध्यान रख कर भी इस समस्या को आने से पहले हीं रोक सकते हैं। जानते हैं इन्हीं सब से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ।

  • रीढ़ की हड्डी में होने वाले दर्द से बचाव के लिए हमें कुछ अच्छी और हेल्दी आदतें अपनी जीवनशैली में जोड़नी चाहिए।
  • हमें हर रोज करीब तीन से ले कर छह किलोमीटर तक पैदल चलना चाहिए, यह हमारी शरीर के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है। हर व्यक्ति के लिए यह एक सर्वोत्तम व्यायाम होता है।
  • बहुत ज्यादा समय तक कुर्सी या टेबल पर झुक कर बैठने से बचें।
  • अगर आप ज्यादा शारीरिक मेहनत करेंगे तो आपकी मांसपेशियाँ समृद्ध बनेगी, पर इस बात का ध्यान रखें की मेहनत इतनी ज्यादा भी ना करे दें की आपके शरीर को इससे आघात पहुंच जाए।
  • अगर आपका वज़न ज्यादा है तो कोशिश करें की आप अपना वज़न घटा पाएं। ज्यादा वज़न बढ़ जाने पर इसका बुरा प्रभाव आपकी रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है।
  • मधुमेह तथा उच्च रक्तचाप की समस्याओं का भी प्रभाव इस पर पड़ता है इसलिए कोशिश करें की ये नियंत्रण में रहें।
  • एक हीं स्थिति में ज्यादा समय तक खड़े ना रहें और ना हीं ज्यादा देर तक एक हीं स्थिति में कहीं पर बैठे रहें।
  • जब भी किसी सामान को उठायें या कहीं रखें तो इस काम में कभी भी किसी प्रकार की शीघ्रता ना दिखाएं।
  • पानी से भरी हुई बाल्टी उठाने, आलमारियां और मेज को खिसकाने, भारी सूटकेस आदि को उठाते वक़्त ध्यान रखें और सावधान रहें।
  • अगर आप किसी प्रकार का कोई भारी सामान उठा रहे हैं तो उसे उठाने के बदले खिसका कर दूसरी जगह पर ले जाने का प्रयास करें।
  • हाई हील्स या फिर बिलकुल फ्लैट स्लीपर्स के इस्तेमाल से बचें। एक शोध के मुताबिक़ हाई हील्स पहनने पर कमर पर ज्यादा दबाव पड़ जाता है साथ ही अगर कोई पूरी तरह से फ्लैट स्लीपर पहनता है तो वो भी आपके पैरों के लिए सही नहीं होता है और पैरों को हानि पहुंचाता है। इन्हे पहनने से बॉडी बैलेंस भी बिगड़ जाता है।
  • जब भी आप सीढ़ियां चढ़े या फिर उतरें तो उस समय विशेष सावधानी बरतें।
  • आपकी कुर्सी पर बैठने की स्थिति का हमेशा ख्याल रखें और सही स्थिति में हीं बैठे। कभी भी एक पैर पर अपना दूसरा पैर चढा कर नहीं बैठे।

इस लेख में आपने पढ़ा रीढ़ की हड्डी में होने वाले दर्द के कारकों और इससे निजात पाने में उपयोगी जीवनशैली से जुड़े जानकारियों के बारे में। अब आप भी रीढ़ की हड्डी के कारणों का अध्ययन कर के इसका उपचार कर सकते हैं तथा साथ हीं अपने जीवनशैली में भी लेख में बताए गए तरीकों का इस्तेमाल कर के बदलाव ला सकते हैं। ये बदलाव आपकी रीढ़ की हड्डी से जुड़ी सभी समस्यायों को खत्म कर देगा।

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