<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><channel><title><![CDATA[Healthy Lives | Hindi]]></title><description><![CDATA[Healthy Lives | Hindi]]></description><link>https://hindi.hlives.com/</link><image><url>https://hindi.hlives.com/favicon.png</url><title>Healthy Lives | Hindi</title><link>https://hindi.hlives.com/</link></image><generator>Ghost 2.26</generator><lastBuildDate>Wed, 15 Apr 2026 15:00:19 GMT</lastBuildDate><atom:link href="https://hindi.hlives.com/rss/" rel="self" type="application/rss+xml"/><ttl>60</ttl><item><title><![CDATA[Safed Musli Ke Fayde: पुरुषों के लिए लाभकारी औषधि है मूसली, जाने इसके फायदे]]></title><description><![CDATA[पुरुषों में कई बार कुछ ऐसी समस्याएं होने जग जाती है जिसके कारण नपुंसकता भी हो जाती है।  इसे दूर करने के लिए सफेद मूसली उपयोगी होती है। जानते है Safed Musli Ke Fayde. ]]></description><link>https://hindi.hlives.com/safed-musli-ke-fayde/</link><guid isPermaLink="false">5c543c7692082c1eb524d1cd</guid><category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category><dc:creator><![CDATA[Hemangi sharma]]></dc:creator><pubDate>Fri, 01 Feb 2019 12:48:20 GMT</pubDate><media:content url="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/02/Safed-Musli-Ke-Fayde.jpg" medium="image"/><content:encoded><![CDATA[<img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/02/Safed-Musli-Ke-Fayde.jpg" alt="Safed Musli Ke Fayde: पुरुषों के लिए लाभकारी औषधि है मूसली, जाने इसके फायदे"><p>हमारे आस-पास ऐसी कई चीजे है जिनके इस्तेमाल से शरीर की कमज़ोरी को दूर किया जा सकता है और शरीर में नई ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है। आज हम बात कर रहे है सफेद Musli की, सफेद मूसली को आयुर्वेद में गुणों की खदान माना जाता है। </p><p>शरीर की शिथिलता को दूर करने के लिए Safed Musli बहुत ही कारगर होती है, इससे हर तरह की कमज़ोरी को दूर किया जा सकता है। इसलिए इसका इस्तेमाल बहुत सारी दवाइयों को बनाने के लिए भी किया जाता है। सफेद मूसली के सेवन से आपको कई सारे फायदे देखने को मिल सकते है। </p><p>पुरुषों के लिए सफेद मूसली बहुत ही लाभकारी होती है। सफेद मूसली के सेवन से पुरुषों की शारीरिक कमज़ोरी दूर होती है। अंग्रेजी में सफेद मूसली को Chlorophytum (क्लोरोफ़ायटम) कहा जाता है। यह एक प्रकार का पौधा है, जिसके अंदर छोटे सफ़ेद फूल होते है। यह विशेष रूप से उन <a href="https://hindi.hlives.com/healthy-diet-for-men-in-hindi/">पुरुषों के लिए लाभदायक</a> होती है जिनके वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या कम हो और कामेच्छा कम होती ह। </p><p>सफेद मूसली के इस्तेमाल से पुरुषों की नपुंसकता का भी ईलाज किया जा सकता है। पुरुषों में उत्साह को बढ़ाने के लिए यह एक बहुत ही उपयोगी जड़ी-बूटी है। जानते है <strong>Safed Musli Ke Fayde</strong> के बारे में विस्तार से। </p><h3 id="safed-musli-ke-fayde-">Safed Musli Ke Fayde: जाने सफ़ेद मूसली के आश्चर्यजनक फायदों के बारे में </h3><figure class="kg-card kg-image-card"><img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/02/Safed-Musli-Ke-Fayde-in-Hindi.jpg" class="kg-image" alt="Safed Musli Ke Fayde: पुरुषों के लिए लाभकारी औषधि है मूसली, जाने इसके फायदे"></figure><ul>
<li>सफेद मूसली सिर्फ पुरुषों के लिए ही नही बल्कि महिलाओं के लिए भी इसका सेवन करना बहुत फ़ायदेमंद होता है।</li>
<li>गर्भवती महिलाएं अगर सफेद मूसली का उपयोग करती हैं तो इससे उन्हें <a href="https://hindi.hlives.com/how-to-increase-breast-milk/">स्तनपान कराने में दूध की वृद्धि </a>होती है। सफेद मूसली को अगर और भी कई जड़ी-बूटियों के साथ मिलाकर लिया जाये तो इससे कितने ही बीमारियों का ईलाज किया जा सकता है।</li>
<li>बहुत सारी यूनानी और होम्योपैथिक दवाइयों को बनाने में सफेद मूसली का विशेष रूप से उपयोग किया जाता है। सफेद मूसली बाँझपन को भी दूर करने में मदद करती है।</li>
<li>सफेद मूसली का सेवन करना मधुमेह के मरीज़ों के लिए भी अच्छा होता है इससे शुगर को नियंत्रण में रखने में मदद मिलती है। सफेद मूसली से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। दमा के मरीज़ों के लिए इसका सेवन करना बहुत लाभकारी होता है।</li>
<li>सफेद मूसली को अलग-अलग तरीके से सेवन करने से ये वजन को घटाने और बढ़ाने दोनों में मदद करती है। महिलाओ की मासिक समस्या को भी सफेद मूसली के इस्तेमाल से दूर किया जा सकता है इसके अतिरिक्त इसके इस्तेमाल से महिलाओं को और भी कई परेशानियों से निजात मिल जाती है।</li>
</ul>
<h3 id="-safed-musli-powder">सफेद मूसली पाउडर: Safed Musli Powder</h3><p>सफेद मूसली का चूर्ण या पाउडर के रूप में सेवन करना बहुत आसान हो जाता है। आज कल कई ऐसी कंपनी है जो सफेद मूसली के पाउडर बना रही है जो आपको आपके आस-पास आसानी से उपलब्ध हो जायेंगे । पतंजलि ब्रांड का भी मूसली पैक बाज़ार में उपलब्ध होता है। आप सफेद मूसली के पाउडर को दूध के साथ मिलाकर इसका सेवन कर सकते है। कुछ दिनों तक निरंतर इसका सेवन करने से आपकी <a href="https://hindi.hlives.com/home-remedies-for-weakness/">थकान और कमज़ोरी दूर</a> होगी। सफेद मूसली में फ्रंकटेन्स, फिनोल, स्टेराइडल सैपोनिन्स और प्रोटीन जैसे कई महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते है जो शरीर की यौन सम्बन्धित समस्याओं को दूर करने के लिए बहुउपयोगी होते है। इसके अतिरिक्त सफेद मूसली में कैल्शियम, मैग्नीशियम, फायबर, विटामिन, प्रोटीन और पोटेशियम आदि मौजूद होते हैं जो सेहत के लिए लाभदायक होते है। </p><h3 id="-safed-musli-ke-fayde">सफेद मूसली के फायदे: Safed Musli Ke Fayde</h3><h3 id="-">शीघ्रपतन दूर करे</h3><ul>
<li>सफेद मूसली शीघ्रपतन के देसी इलाज के लिए बहुत प्रसिद्ध है।</li>
<li>इसके लिए कौंच के बीज, सफेद मूसली और अश्वगंधा के बीजों को बराबर मात्रा में मिश्री के साथ मिलाकर बारीक चूर्ण बनाकर एक चम्मच चूर्ण सुबह और शाम एक कप दूध के साथ लेने से शीघ्रपतन और वीर्य की कमी आदि समस्याएं दूर हो जाती है।</li>
<li>यह टेस्‍टोस्‍टेरान हार्मोन को बढ़ाने में मदद करता है। यह एक मेल हार्मोन होता है जो <a href="https://hindi.hlives.com/sex-power-foods-in-hindi/">सेक्‍स क्षमता से संबन्‍धित</a> होता है सफेद मूसली टेस्‍टोस्‍टेरोन लेवल को बढ़ा कर यौन इच्‍छा की कमी को पूरी करती है।</li>
</ul>
<h3 id="--1">उत्साहवर्धक</h3><ul>
<li>इसके सेवन से पुरुषों में होने वाली उत्साह की कमी को दूर किया जा सकता है। इससे सेक्स समय को भी बढ़ाया जा सकता है।</li>
<li>इसका सेवन करने से पुरुषों में आई थकान दूर होती है और वो अपनी सेक्स लाइफ को और भी ज्यादा एन्जॉय कर सकते है।</li>
<li>ऐसे पुरुष जो काफी कमजोर होते है, शक्तिहीन अनुभव करते है, थकावट महसूस करते है, उन्हें सफेद मूसली का सेवन करना चाहिए इससे उन्हें ताकत प्रदान होगी और शरीर में उर्जा का प्रवाह होगा।</li>
</ul>
<h3 id="--2">महिलाओ की परेशानियों को दूर करे</h3><ul>
<li>इसके सेवन से महिलाओं में भी उर्जा का संचार होता है। महिलाओं में सफेद पानी (वाइट डिस्चार्ज) की परेशानी को खत्म करती है और <a href="https://hindi.hlives.com/precautions-during-periods-in-hindi/">मासिक धर्म के समय आने वाली परेशानियों से भी राहत</a> दिलाती है।</li>
<li>महिलाओं मे यौन सम्बन्ध के प्रति अरुचि पैदा हो सकती है इसका कारण कमज़ोरी, थकान, योनि में स्राव की कमी के कारण जलन आदि हो सकते है।</li>
<li>सफ़ेद मूसली का कुछ दिन लगातार उपयोग करने से इस प्रकार की सभी समस्याओं में आराम मिलता है। प्रसूति के बाद आई महिलाओं की शारीरिक कमज़ोरी को दूर करने में मदद करती है।</li>
</ul>
<h3 id="--3">गठिया को ठीक करे</h3><ul>
<li>सफ़ेद मुसली में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो जोड़ों के दर्द, संधिवात और <a href="https://hindi.hlives.com/remedies-for-arthritis-in-hindi/">गठिया का इलाज करने के लिए</a> जाने जाते है।</li>
<li>यह सिनोविअल नामक तरल पदार्थ बनाने में भी सहायता करता है। जिससे जोड़ों में होने वाले दर्द से आराम मिलता है।</li>
</ul>
<h3 id="--4">पेशाब की जलन खत्म करे</h3><ul>
<li>सफेद मूसली के सेवन से पेशाब में होने वाली जलन में आराम मिलता है।</li>
<li>इसके लिए सफेद मूसली की जड़ों के चूर्ण के साथ इलायची मिला कर दूध उबाल कर रोगी को दिन में दो बार पीने को दें।</li>
<li>इससे पेशाब में होने वाली जलन की इस परेशानी में राहत मिलती है।</li>
</ul>
<h3 id="--5">पथरी</h3><ul>
<li>पथरी यानि स्टोन की समस्या में सफेद मूसली को इन्द्रायण की सूखी जड़ के साथ बराबर मात्रा (1-1 ग्राम) में पीसकर, इसे एक गिलास पानी में डालकर खूब मिलाएं और मरीज़ को प्रतिदिन सुबह पिलाएं इससे <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A5%83%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%95_%E0%A4%85%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%80">पथरी</a> गल जाती है।</li>
</ul>
<p>उपरोक्त उपायों को आप आसानी से अपना सकते है लेकिन यदि आपको फिर भी परेशानी आ रही है तो आप अपने डॉक्टर से भी संपर्क कर सकते है।</p>]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[Sunflower Oil for Skin: त्वचा को बनाये सुन्दर और खूबसूरत सूरजमुखी के तेल से]]></title><description><![CDATA[त्वचा को सुन्दर और खूबसूरत बनाने के लिए सूरजमुखी का तेल काफी फायदेमंद होता है। इसके लिए जानते है Sunflower Oil for Skin के बारे में।]]></description><link>https://hindi.hlives.com/sunflower-oil-for-skin/</link><guid isPermaLink="false">5c49bb933908fe548a3e54c8</guid><category><![CDATA[सौंदर्य और शैली]]></category><dc:creator><![CDATA[Manit Shah]]></dc:creator><pubDate>Thu, 24 Jan 2019 13:34:01 GMT</pubDate><media:content url="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Sunflower-Oil-for-Skin.jpg" medium="image"/><content:encoded><![CDATA[<img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Sunflower-Oil-for-Skin.jpg" alt="Sunflower Oil for Skin: त्वचा को बनाये सुन्दर और खूबसूरत सूरजमुखी के तेल से"><p>सनफ्लावर आयल (Sunflower Oil) यानि की सूरजमुखी का तेल स्वास्थ्य की दृष्टि से ये बहुत लाभदायक होता है पर अभी तक आपको ये नही पता होगा की सूरजमुखी का तेल जितना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है उतना ही ये स्किन के लिए भी उपयुक्त होता है। </p><p>अगर आप अपनी त्वचा को सुन्दर, कोमल और लम्बे समय तक जवां बना के रखना चाहते है तो सूरजमुखी का तेल इसके लिए सबसे अच्छा विकल्प है। </p><p>आज कल कॉस्मेटिक ब्रांड्स में सूरजमुखी के तेल का उपयोग बहुत किया जा रहा है। सनफ्लावर आयल में मौजूद एंटी एन्जिंग गुण त्वचा को कई हानिकारक किरणों से बचाकर रखने में मदद करते है।</p><p><a href="https://hindi.hlives.com/home-remedies-for-fair-skin/">त्वचा को सुन्दर बनाने के लिए</a> उसे प्राकृतिक रूप से निखारा जाये तो इससे त्वचा हमेशा जवां बनी रह सकती है।  वहीं अगर आप सुन्दर त्वचा पाने के लिए केमिकल युक्त प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते है तो इससे त्वचा सुन्दर दिखने के स्थान पर और ज्यादा खराब हो सकती है। आइये आज के लेख में जानते है <strong>Sunflower Oil for Skin</strong> के बारे में। </p><h3 id="sunflower-oil-for-skin-">Sunflower Oil for Skin: जाने किस तरह से त्वचा को सूरजमुखी का तेल पहुंचाता है फायदा </h3><figure class="kg-card kg-image-card"><img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Sunflower-Oil-for-Skin-in-Hindi.jpg" class="kg-image" alt="Sunflower Oil for Skin: त्वचा को बनाये सुन्दर और खूबसूरत सूरजमुखी के तेल से"></figure><h3 id="-sunflower-oil">सूरजमुखी का तेल: Sunflower Oil</h3><ul>
<li>सूरजमुखी के तेल में ऐसे नेचुरल तत्व मौजूद होते हैं जो त्वचा में अंदर से निखार लाते है। इस तेल में लिनोलिक एसिड, ओलिक एसिड, पामिटिक एसिड पाया जाता है, जो त्वचा के लिए अत्यंत लाभदायक होता है।</li>
<li>अगर सर्दियों के मौसम में सूरजमुखी के तेल का इस्तेमाल किया जाये तो इससे त्वचा में नमी बनी हुई रहती है। ये त्वचा के लिए एक अच्छे मॉइस्चराइजर का काम करता है। सूरजमुखी का तेल त्वचा के साथ-साथ बालों के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद होता है। इससे बालों को नेचुरल कंडिशनर मिलता है साथ ही ये बालो के टेक्सचर को सुधारने का भी काम करते हैं।</li>
<li><a href="https://hindi.hlives.com/yoga-for-heart-in-hindi/">हार्ट को मजबूत रखने के लिए</a> सूरजमुखी के तेल का इस्तेमाल करना लाभदायक होता है। सूरजमुखी के तेल में एंटीऑक्सीडेंट गुण होता है जो त्वचा को हानिकारक सूरज की किरणों से बचाता है।</li>
<li>सूरजमुखी के तेल में विटामिन E भरपूर मात्रा में होता है जो त्वचा के लिए बहुत लाभदायक होता है। ये त्वचा में कुदरती निखार लाने में मदद करता है। अगर आप पिम्पल्स की समस्या से परेशान हैं तो आपको सूरजमुखी का तेल अपनी स्किन पर ज़रूर लगाना चाहिए ये पिम्पल्स को खत्म कर त्वचा को बेदाग बनाता है।</li>
<li>अगर आपकी त्वचा धूप की वजह से झुलस गयी है तो ये त्वचा का रंग साफ़ करता है और त्वचा को धूप से भी बचाकर रखने में मदद करता है। सर्दी, गर्मी और बारिश सभी मौसम में सूरजमुखी के तेल का इस्तेमाल करना स्किन के लिए बहुत लाभप्रद होता है।</li>
<li>सूरजमुखी के बीज के तेल में फैटी एसिड होते हैं जो कि त्वचा को बैक्टीरिया से बचा कर एक्ने को होने से रोकते है। सूरजमुखी के तेल में मैग्नीशियम होता है जो हमारे दिमाग को ठंडा रखता है साथ ही इससे माइग्रेन और तनाव भी दूर होता है।</li>
<li>सूरजमुखी के बीजों का तेल दिमाग की नसों को तरावट देता है। इसके नियमित इस्तेमाल से त्वचा में कसावट आती है। <a href="https://hindi.hlives.com/wrinkle-treatment-in-hindi/">त्वचा की झुर्रियां भी खत्म</a> होती है। इसके इस्तेमाल से त्वचा को कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का खतरा भी कम हो जाता है।</li>
<li>अगर सूरजमुखी के तेल का इस्तेमाल करके कुछ फेस पेचक बनाये जाये तो इनके इस्तेमाल से चेहरे की त्वचा में नेचुरल ग्लो लाया जा सकता है।</li>
<li>इसके लिए चेहरे के कलर को गोरा और साफ बनाने के लिए आप सबसे पहले एक कटोरी में एक चम्मच सूरजमुखी तेल रख लें और फिर उस में आप बादाम पेस्ट, मलाई, गुलाबजल और मूसर की दाल से बना पेस्ट डालकर इन सबको अच्छे से मिला ले और इसे चेहरे पर लगाये। सूखने के बाद चेहरे को पानी से धो ले इस तरह से आपको ये प्राकृतिक ग्लोइंग देगा।</li>
<li>सूरजमुखी के तेल में विटामीन E के आलावा <a href="https://hindi.hlives.com/vitamin-a-benefits-in-hindi/">विटामिन A</a> और D भी होता है जो त्वचा को बेदाग और मुहांसों से निजात दिलाने में मदद करता है। इसमें मौजूद एंटी एजिंग गुण कई स्किन प्रोब्लम्स से लड़ने में मदद करता है। ये रुखी और बेजान त्वचा में नमी लाकर उसे कोमल और मुलायम बनाता है।</li>
<li>रात में सोने से पहले सूरजमुखी के तेल से हल्के हाथों से त्वचा की मालिश करे इससे धीरे-धीरे त्वचा का रंग साफ़ होने लगता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण एग्जिमा को भी खत्म करने में मदद करता है। यह त्वचा को हर संक्रमण से बचाने में मदद करता है।</li>
</ul>
<h3 id="-best-oil-for-skin">त्वचा के लिए बेस्ट तेल: Best Oil for Skin</h3><h3 id="-">नारियल तेल</h3><p>नारियल तेल में कई फैटी एसिड्स होते हैं जो त्‍वचा की कोशिकाओं को नमी प्रदान करते है। अगर आपकी त्वचा रुखी और बेजान है तो आपको नारियल तेल का नियमित रूप से उपयोग करना चाहिए। ये त्वचा में कसावट भी लाता है और <a href="https://hindi.hlives.com/home-remedies-for-stretch-marks/">त्वचा से स्ट्रेच मार्क्स हटाने</a> में भी मदद करता है। इसमें मौजूद विटामिन E त्वचा के लिए बहुत लाभप्रद होता है।</p><h3 id="--1">बादाम का तेल</h3><p>ये त्वचा की झुरियां भी खत्म कर देता है। ओमेगा 3 फैटी एसिड से युक्‍त बादाम तेल शरीर को मॉइश्‍चराइज़ करने का काम करता है बादाम का तेल के इस्तेमाल से एग्जिमा, सोरायसिस में भी आराम मिलता है इसका नियमित रूप से इस्तेमाल करना बहुत लाभदायक होता है।</p><h3 id="--2">जैतून का तेल</h3><p><a href="https://hindi.hlives.com/olive-oil-benefits-in-hindi/">जैतून के तेल में</a> ओमेगा 3 फैटी एसिड और एंटीओक्सिडेंट का गुण होता है जो त्वचा को स्वस्थ और जवां रखने में मदद करता है। अगर शिशु की जैतून के तेल से मालिश की जाये तो इससे त्वचा का रंग भी साफ़ होता है और त्वचा में कसावट भी आती है।</p><h3 id="--3">एवोकैडो ऑइल</h3><p>एवोकैडो ऑइल स्किन बूस्टर माना जाता है। यह त्वचा को पौष्टिकता, नमी और सुरक्षा देता है। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट जैसे विटामिन ई का लेवल हाई होता है जिससे त्वचा मुलायम और चिकनी दिखती है। इसके इस्तेमाल से त्वचा में ग्लो नजर आता है।</p><h3 id="--4">लैवेंडर ऑयल</h3><p><a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/लैवेंडर">लैवेंडर</a> त्‍वचा को टाइट करने और उसे धूल, प्रदूषण और UV किरणों से बचाने में मददगार साबित होता है। इसलिए ये एंटी एजिंग का भी काम करता है। इसे आप अपनी दिन या रात की क्रीम के साथ मिक्‍स कर त्‍वचा पर लगा सकते है। इसमें एंटीबायोटिक गुण होते है जो त्वचा के बैक्टीरिया को साफ़ करने में मदद करते है। इससे स्किन ग्लोइंग नजर आती है।</p><p>तो ये थे कुछ तथ्य सूरजमुखी के तेल से जुड़े जो आपके स्किन को खूबसूरत बनाने में मदद करेंगे। इसके साथ ही आपने अन्य तेलों के बारे में भी जाना जो स्किन के लिए फ़ायदेमंद हो सकते हैं।</p>]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[Viral Fever Treatment In Hindi: जानें वायरल बुखार के उपयोगी उपचारों को]]></title><description><![CDATA[वायरल को दूर करने के लिए तुलसी उपयोगी होती है, साथ ही इससे निजात के लिए अन्य उपाय भी कर सकते है। इसके लिए जानते है  Viral Fever Treatment In Hindi. ]]></description><link>https://hindi.hlives.com/viral-fever-treatment-in-hindi/</link><guid isPermaLink="false">5c485fef3908fe548a3e549d</guid><category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category><dc:creator><![CDATA[Kushneet Khanna]]></dc:creator><pubDate>Wed, 23 Jan 2019 12:50:10 GMT</pubDate><media:content url="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Viral-Fever-Treatment.jpg" medium="image"/><content:encoded><![CDATA[<img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Viral-Fever-Treatment.jpg" alt="Viral Fever Treatment In Hindi: जानें वायरल बुखार के उपयोगी उपचारों को"><p>बुखार होने पर पूरा शरीर गर्म हो जाता है और समस्याएं भी होती है। बुखार भी कई तरह के होते है जिसमे से वायरल फीवर का नाम तो सभी जानते है। यह एक ऐसा बुखार होता है जिसके कारण <a href="https://hindi.hlives.com/immunity-boosting-foods-in-hindi/">शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर</a> हो जाती है। </p><p>यह संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक आसानी से पहुंच सकता है क्योंकि यह संक्रमण हवा में तेजी से फैलता है। इस बुखार में शरीर का तापमान बढ़ने लगता है। यदि शरीर का तापमान 104 डिग्री से ज्यादा हो जाता है तो आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। </p><p>यह बुखार बच्चों और बूढ़ों को आसानी से अपना शिकार बना लेता है क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। ऐसे में बच्चो और बूढ़ों को इससे बच कर रहने की जरुरत होती है। </p><p>वायरल फीवर के कुछ लक्षण होते है। जिनकी मदद से इस बुखार को ठीक करने में मदद मिलती है साथ ही वायरल बुखार के उपचार के लिए दवाओं और इंजेक्शन की मदद ली जाती है। जानते है <strong>Viral Fever Treatment In Hindi</strong>. </p><h3 id="viral-fever-treatment-in-hindi-">Viral Fever Treatment In Hindi: जाने वायरल फीवर के लक्षण और इसके घरेलु उपाय </h3><figure class="kg-card kg-image-card"><img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Viral-Fever-Treatment-In-Hindi.jpg" class="kg-image" alt="Viral Fever Treatment In Hindi: जानें वायरल बुखार के उपयोगी उपचारों को"></figure><h3 id="-viral-fever-in-hindi">क्या है वायरल फीवर: Viral Fever in Hindi</h3><ul>
<li>वायरल फीवर में संक्रमित व्यक्ति से बैक्टीरिया हवा में फ़ैल जाता है और जब दूसरा व्यक्ति उस हवा में साँस लेता है तो वह संक्रमण उसे भी हो जाता है। इसलिए इस बुखार को वायरल फीवर कहा जाता है।</li>
<li>वायरल संक्रमण तेजी से फैलता है इसलिए संक्रमित व्यक्ति को बाकी लोगो से दूर रहना चाहिए।</li>
</ul>
<h3 id="-viral-fever-symptoms">वायरल फीवर के लक्षण: Viral Fever Symptoms</h3><p>वायरल फीवर होने वाले लक्षणों को पहचाना जा सकता है जैसे -</p><ul>
<li>शरीर का तापमान ज्यादा होना यानी की तेज बुखार आना</li>
<li>गले में दर्द होना</li>
<li>सिरदर्द के साथ साथ थकान होना</li>
<li>उलटी दस्त भी इसके कारण हो सकते हैं</li>
<li>रोगी के <a href="https://hindi.hlives.com/ayurvedic-oil-for-joint-pain-in-hindi/">जोड़ों में दर्द</a> होना</li>
<li>माथा तेज गर्म हो जाना</li>
<li>आंखे लाल हो जाना</li>
<li>रोगी को खांसी जुकाम भी हो जाता है</li>
<li>नाक का बहना</li>
<li>यदि रोगी सामान्य बुखार की दवा लेता है तो वायरल फीवर पर इसका असर नहीं होता है साथ ही यह कुछ समय के बाद फिर से आ जाता है।</li>
</ul>
<p>उपरोक्त लक्षण वायरल फीवर के भी लक्षण होते है। जिसे आपको अनदेखा नहीं करना चाहिए।</p><h3 id="-viral-fever-treatment">वायरल फीवर के घरेलू उपचार: Viral Fever Treatment</h3><p>वायरल फीवर के उपचार के लिए आप कुछ घरेलू उपाय का भी सहारा ले सकते है। जानते है कौन कौन से उपाय होते है जो की आपके लिए लाभकारी हो सकते है।</p><h3 id="-">औषधीय तुलसी का सेवन</h3><ul>
<li>तुलसी की पूजा तो की जाती है साथ ही यह औषधीय गुणों से भी भरपूर होती है इसलिए इसका उपयोग रोगों को दूर करने में भी किया जाता है।</li>
<li><a href="https://hindi.hlives.com/benefits-of-tulsi-in-hindi/">तुलसी में एंटीबायोटिक तत्व</a> पाए जाते है जो की वायरस को ख़त्म करने में मदद करते है।</li>
<li>इसका सेवन करने के लिए एक बर्तन में एक लीटर पानी ले लें और उसमे 10-15 तुलसी के पत्ते और एक चम्मच लौंग का पाउडर मिला कर गर्म कर ले।</li>
<li>इस पानी को इतना गर्म करना है की इसका पानी उबल कर आधा हो जाए।</li>
<li>फिर इस पानी को छान ले और ठंडा हो जाने पर एक एक घंटे की अंतराल पर इस पानी को पिए। इस पीने के सेवन से वायरल बुखार से राहत मिलती है।</li>
</ul>
<h3 id="--1">पानी पीए</h3><ul>
<li>वायरल फीवर होने पर <a href="https://hindi.hlives.com/drinking-water-benefits/">पानी बहुत पीना चाहिए</a>। यह भी शरीर के लिए अच्छा होता है साथ ही फलो के जूस और तरल पदार्थ का सेवन भी कर सकते है।</li>
<li>जूस में पाए जाने वाले तत्व वायरल से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता का विकास करते है। जिससे वायरल को ठीक करने में आसानी होती है।</li>
<li>इसलिए वायरल होने पर अधिक मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए।</li>
</ul>
<h3 id="--2">लहसुन भी है फ़ायदेमंद</h3><ul>
<li>लहसुन में भी एंटी एंटीबायोटिक तत्व पाए जाते है जो की रोगों से लड़ने में सक्षम होते है। इसलिए लहसुन का सेवन करना भी फ़ायदेमंद होता है।</li>
<li>लहसुन का इस्तेमाल करने के लिए लहसुन की तीन से चार कालिया ले लें और फिर एक बर्तन में थोड़ा पानी लेकर लहसुन को उबाल ले।</li>
<li>इसके बाद पानी के ठंडा हो जाने के बाद इस पानी को पी लें साथ ही लहसुन को भी चबा ले। इससे वायरल फीवर में राहत मिलती है।</li>
</ul>
<h3 id="--3">मेथी का सेवन</h3><ul>
<li><a href="https://hindi.hlives.com/methi-benefits-in-hindi/">मेथी भी सेहत के लिए बहुत ही लाभकारी</a> होती है। यह भी वायरल फीवर के लिए असरकारी होता है।</li>
<li>इसका सेवन करने के लिए कुछ मेथी के दानो को एक बर्तन में पानी में भिगो दे। इसे रात भर भिगो कर रखे।</li>
<li>सुबह के समय इसे छान ले और इस पानी को हर एक घंटे में पिए। इससे जल्दी आराम मिलता है।</li>
</ul>
<h3 id="--4">दालचीनी</h3><ul>
<li>दालचीनी हर घर में आसानी से मिल जाती है, यह बहुत अच्छी एंटीबायोटिक औषधि होती है। मसालों के साथ साथ इसका उपयोग रोगों को दूर करने के लिए भी किया जाता है।</li>
<li>इसका उपयोग करने के लिए एक बर्तन में एक कप पानी ले लें और उसमे एक चम्मच दालचीनी का पाउडर और दो इलायची मिलाकर गर्म कर ले। फिर इस पानी को छानकर पी ले।</li>
<li>इस उपाय से भी वायरल से राहत मिलती है।</li>
</ul>
<p>उपरोक्त उपायों के अतिरिक्त आप <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/अदरक">अदरक</a>, धनिया के बीज, निम्बू, शहद आदि का सेवन भी कर सकते है यह भी बहुत ही असरकारी उपाय होते है। उपरोक्त उपायों को करने से किसी प्रकार की हानि नहीं होती है। लेकिन यदि फिर भी आपका वायरल नहीं जा रहा है तो आप अपने डॉक्टर को दिखाए ताकि वह आपको इसके लिए दवाएं दे सके।</p><h3 id="--5">वायरल फीवर से बचाव</h3><p>वायरल फीवर से बचाव के लिए के आप कुछ सावधानियां बरत सकते है।</p><ul>
<li>इसके लिए जितना हो सके बाहर का भोजन खाना कम कर दे। यह भी वायरल फीवर के लिए जिम्मेदार होता है।</li>
<li><a href="https://hindi.hlives.com/house-cleaning-tips/">साफ सफाई रखना भी ज़रूरी</a> होता है इसलिए अपने आसपास सफाई रखे साथ ही खाना खाने से पहले हाथों को ज़रुर धोये।</li>
<li>अपने तौलिये को प्रतिदिन साफ करे ताकि उसमे किसी प्रकार की गन्दगी ना रहे।</li>
<li>साफ पानी ही पिए। दूषित पानी पीने से बचे।</li>
<li>भीड़ वाली जगहों से जितना हो सके उतना दूर रहे इससे भी संक्रमण फ़ैल सकता है।</li>
</ul>
<p>साफ सफाई रखना बहुत अच्छा होता है इससे वायरल के साथ साथ अन्य बीमारियों की भी रोकथाम हो जाती है। इसलिए गन्दगी कभी भी न रखे। वायरल बुखार से बचाव के लिए बताई गई सावधानियों का ज़रूर ख्याल रखें ।</p>]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[Foods Good for Digestion: पाचनक्रिया को बेहतर बनाने में मददगार होंगे ये आहार]]></title><description><![CDATA[आज पाचन की समस्या एक आम बात बन गई है, हर कोई इस समस्या का शिकार है। कुछ गुणकारी आहारों का सेवन इससे छुटकारा दिला सकते है। पढ़ें Foods Good for Digestion.]]></description><link>https://hindi.hlives.com/foods-good-for-digestion/</link><guid isPermaLink="false">5c4845b53908fe548a3e5474</guid><category><![CDATA[आहार और फिटनेस]]></category><dc:creator><![CDATA[Hemangi sharma]]></dc:creator><pubDate>Wed, 23 Jan 2019 10:57:00 GMT</pubDate><media:content url="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Foods-Good-for-Digestion.jpg" medium="image"/><content:encoded><![CDATA[<img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Foods-Good-for-Digestion.jpg" alt="Foods Good for Digestion: पाचनक्रिया को बेहतर बनाने में मददगार होंगे ये आहार"><p>पाचन तंत्र हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। यह हमारे भोजन को पचाता है और उससे मिले पौष्टिक तत्व शरीर को प्रदान करता है। इसलिए, पाचन तंत्र का हमेशा सही रहना जरूरी होता है।हमारा स्वस्थ रहना इस पर निर्भर करता है की हम कितना पौष्टिक खाना खा रहे है और उसे कितना पचा सकते है। यदि आप खुद को स्वस्थ रखना चाहते है तो आपको अपने पेट का ख्याल रखना बहुत ज़रूरी है। क्योंकि बिना अच्छे पाचन तंत्र के स्वस्थ रहना भी बहुत मुश्किल का काम होता है। </p><p>पेट की ज्यादातर समस्या हमारे खान पान से जुड़ी होती है। पेट में गैस बनना, कब्ज, एसिडिटी, हार्ट बर्न, पेट दर्द आदि सभी का कारण आपके खान-पान की गड़बड़ी है। जिस तरह बदलते मौसम में हमारा खान पान बदलता है तो कई सारी पेट समस्या भी होने लगती है। खराब पाचन के काई सारे कारण हो सकते है। कई बार स्वाद के चक्कर में हम जरूरत से ज्यादा खा लेते है। जिसके कारण हमारा पाचन तंत्र भोजन को पचा नहीं पता और समस्या पैदा कर देता है। </p><p>आज का समय में लोग पौष्टिक आहार को कम फास्ट फूड या <a href="https://hindi.hlives.com/harmful-effects-of-junk-food/">जंक फूड को</a> ज्यादा तवज्जो देने लगे हैं। जंक फूड देखने में बहुत ही आकर्षक और स्वादिष्ट लगते हैं। जंक फूड स्वास्थ्य के लिए बहुत ही बेकार होते हैं और वे व्यक्ति जो नियमित रुप से इनका सेवन करते हैं, वे बहुत सी बीमारियों को आमंत्रित करते हैं। जंक फूड में मौजूद सोडियम और आर्टिफिशियल फ्लेवर आसानी से नहीं पचता,  इस कारण पेट का पाचन तंत्र खराब रहता है और हाजमा बिगड़ता जाता है। पेट की सारी समस्याओं की जड़ जंक फ़ूड होते है। इसलिए हमें Foods That Help Digestion खाने चाहिए। </p><p>आज कल बहुत से लोग पाचन की समस्या से परेशान है। यदि आप खाने में पौष्टिक चीज़ों का सेवन ज्यादा करेंगे तो आपका पेट कभी खराब नहीं होगा। आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको बताते है की आप किस तरह का अपने पाचन शक्ति को बढ़ा सकते है, पेट साफ़ रखने के घरेलू नुस्खे क्या क्या हैं। आइये जानते है <strong>Foods Good for Digestion</strong>. </p><h3 id="foods-good-for-digestion-">Foods Good for Digestion: पाचनतंत्र को बेहतर बनाएंगे ये उपयोगी आहार </h3><figure class="kg-card kg-image-card"><img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Foods-Good-for-Digestion-in-Hindi.jpg" class="kg-image" alt="Foods Good for Digestion: पाचनक्रिया को बेहतर बनाने में मददगार होंगे ये आहार"></figure><h3 id="-">पाचन खराब होने के कारण क्या हैं?</h3><ul>
<li>अधिकतर मौकों पर पाचन सम्बन्धी समस्या <a href="https://hindi.hlives.com/home-remedies-for-food-poisoning/">फूड प्वॉइजनिंग की वजह</a> से होती है और फूड प्वॉइजनिंग तब होती है जब हम कुछ ऐसा भोजन खा लेते है जो बैक्टीरिया, वायरस और दूसरे रोगाणुओं या विषैले तत्वों से संक्रमित होता है।</li>
<li>इसके होने पर लक्षण स्वरुप पेट में दर्द होना, कभी-कभी दस्त के साथ ख़ून आना,  सिरदर्द, चक्कर आना, जी मचलाना और उल्टी होने की समस्या हो सकती है।</li>
<li>किसी भी चीज़ को ज्यादा खाने से भी पेट खराब होने की शंका रहती है क्योंकि जरुरत से ज्यादा भोजन पाचन तंत्र नहीं पचा पाता है।</li>
<li>ज्यादा मसालेदार भोजन खाने से भी कई बार पेट खराब होने की समस्या हो जाती है।</li>
<li>कम मात्रा में पानी का सेवन करना और शारीरिक श्रम कम करना भी पाचन को खराब कर देता है।</li>
</ul>
<h3 id="-best-foods-for-digestion">पाचन बेहतर करने वाले आहार: Best Foods for Digestion</h3><p>आज हम आपको कुछ ऐसे फ़ूड के बारे में बताएँगे जिनका सेवन करके आप अपनी पाचन शक्ति बढ़ा सकते है और <a href="https://hindi.hlives.com/isabgol-ke-fayde/">पाचन तंत्र को मजबूत</a> कर सकते है साथ ही पेट से संबंधी समस्याओं से छुटकारा भी पा सकते है। आइये जानते है।</p><h3 id="--1">दही</h3><ul>
<li>दही को खाने से शरीर को कई पोषक तत्व मिलते है। दही में दूध से अधिक कैल्शियम होता है, दही आसानी से पच भी जाता है।</li>
<li>दही में मौजूद बैक्टीरिया शारीरिक संतुलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इससे पाचन तंत्र जल्दी ठीक होता है, साथ ही यह पेट को ठंडा रखता है।</li>
</ul>
<h3 id="--2">केला</h3><ul>
<li>पाचन संबंधी समस्या से निजात पाने के लिए केला आपकी मदद करता है। केले को खाने से आंते सही तरह से काम करती है जो की डाइजेशन के लिए महत्वपूर्ण अंग होता है।</li>
<li>केले में <a href="https://hindi.hlives.com/high-fiber-fruits/">फाइबर अच्छी मात्रा में</a> पाया जाता है। आप इसे भोजन के पहले या बाद में कभी भी खाएं। अगर आपको दस्त हो गए है तो केले का सेवन करें आपको जल्दी आराम मिलेगा।</li>
</ul>
<h3 id="--3">अदरक</h3><ul>
<li>पाचनशक्ति को मजबूत करने के लिए आपको अपने आहार में अदरक को शामिल करना चाहिए।</li>
<li>यह भोजन पचाने के लिए आवश्यक पाचक रसों और एंजाइम के प्रवाह को उत्प्रेरित करती है।</li>
<li>इसके लिए आप एक कप गर्म पानी में 2 चम्मच अदरक का रस और 1 चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें।</li>
<li>Improve Digestion के लिए अदरक का सेवन बहुत अच्छा विकल्प माना जाता है।</li>
</ul>
<h3 id="--4">चुकंदर</h3><p>चुकंदर फाइबर, पोटेशियम और मैग्नीशियम का एक बहुत अच्छा स्रोत है। इसके सेवन से <a href="https://hindi.hlives.com/home-remedies-for-constipation/">कब्ज जैसी समस्या दूर</a> रहती है।<br>
इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो विषाक्त पदार्थों को भी शरीर से बाहर निकालते हैं।<br>
चुकंदर के जूस में एक चम्मच नींबू का रस मिला कर पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है।</p>
<h3 id="--5">सेब</h3><ul>
<li>सेब के अंदर फाइबर अच्छी मात्रा में पाए जाते है, जिसकी वजह से यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और पेट संबंधी समस्या जैसे-गैस, अपच और कब्ज को दूर करता है।</li>
<li>इसमें एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते है जो आंत को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होते हैं। इसमें पाए जाने वाला फाइबर धीरे धीरे अपच की समस्या को कम करता है।</li>
</ul>
<h3 id="--6">पपीता</h3><ul>
<li>पपीता में पपैन नाम का एंजाइम होता है और पपीता में फाइबर और पानी की मात्रा भी अधिक होती है, दोनों कब्ज को रोकने में मदद करते है और एक स्वस्थ पाचन तंत्र को बढ़ावा देने में मदद करते हैं।</li>
<li>यदि आपका पेट खराब रहता है तो नियमित रूप से <a href="https://hindi.hlives.com/papaya-benefits-in-hindi/">पपीता का सेवन</a> करें। Good Digestion के पपीता को अपने डाइट में शामिल करें।</li>
</ul>
<h3 id="--7">पालक</h3><ul>
<li>पालक का सेवन करने से पेट की समस्या काम हो जाती है। पालक में जो फाइबर पाया जाता वो बहुत अच्छा होता क्योंकि वो घुलनशील फाइबर होता है जो आसानी से घुल जाता है।</li>
<li>आंतों के रोगों में पालक की सब्‍जी खाने से लाभ मिलता है। यदि आपका पेट ज्यादातर खराब रहता है तो रोज सुबह पालक के रस का सेवन करें।</li>
</ul>
<h3 id="--8">आंवला</h3><ul>
<li>आंवले के सेवन से मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और यह भोजन को पचाने में बहुत ही मददगार होता है।</li>
<li>आंवले की चटनी, मुरब्बा, अचार, रस और चूर्ण को रोज खाने से कब्ज की शिकायत नहीं होती है।</li>
<li>इसके अलावा खट्टे डकार आना, गैस का बनाना, पेट दर्द इत्यादि में भी <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%86%E0%A4%81%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A4%BE">आंवला</a> बहुत उपयोगी है।</li>
</ul>
<p>इनके अलावा सबसे ज़रुरी है पानी का सेवन। आप जितना ज्यादा पानी का सेवन करेंगे उतना आपके पेट के लिए अच्छा रहेगा। पेट साफ़ करने का सबसे अच्छा तरीका यह है की आप रोज सुबह एक ग्लास गर्म पानी पिएं। यह आपके पेट से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करेगा और पाचन तंत्र को मजबूत रखेगा। आज इस लेख में आपने जाने Best Food for Digestion Problems के बारे में। आप अपने जीवन में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[Restless Leg Syndrome Symptoms: पैरों में लगातार दर्द होते हैं रेस्टलेस लेग सिड्रोंम के लक्षण]]></title><description><![CDATA[रेस्टलेस लेग सिड्रोंम में व्यक्ति के पैरों में तेज दर्द होने लगता है।  आइये आज के इस लेख में जानते है Restless Leg Syndrome Symptoms के बारे में विस्तार से।]]></description><link>https://hindi.hlives.com/restless-leg-syndrome-symptoms/</link><guid isPermaLink="false">5c4712353908fe548a3e5444</guid><category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category><dc:creator><![CDATA[Manit Shah]]></dc:creator><pubDate>Tue, 22 Jan 2019 13:12:15 GMT</pubDate><media:content url="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Restless-Leg-Syndrome-Symptoms.jpg" medium="image"/><content:encoded><![CDATA[<img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Restless-Leg-Syndrome-Symptoms.jpg" alt="Restless Leg Syndrome Symptoms: पैरों में लगातार दर्द होते हैं रेस्टलेस लेग सिड्रोंम के लक्षण"><p>आपने अक्सर देखा होगा कुछ लोगो को हमेशा बैठे-बैठे या लेटे हुए ही अपने पाँव को हिलाते रहने की आदत सी रहती है, हो सकता है ये आदत आप में भी हो। ये रेस्टलेस लेग सिड्रोंम का (Restless Leg Syndrome) संकेत हो सकता है। </p><p>Restless Legs की बीमारी में आप जब भी कही बैठे हुए होते है तो अचानक से पैरो में एक सनसनी सी महसूस होने लगती है जिसकी वजह से इंसान अपने पैरो को बिना हिलाए खुद को रोक नही पाता है। इसे रेस्टलेस लेग सिड्रोंम कहा जाता है। ये बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। महिलाओं और पुरुषों दोनों में रेस्टलेस लेग सिड्रोंम देखने को मिल सकता है।</p><p>रेस्टलेस लेग सिड्रोंम मुख्य रूप से एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है। रेस्टलेस लेग सिड्रोंम जैसे की इसके नाम से ही प्रतीत होता है की इस बीमारी में पैर रेस्ट नही कर पाते और हर समय पैरो में एक दबाव, दर्द और कम्पन सा अनुभव होता रहता है। </p><p>रेस्टलेस लेग सिड्रोंम से ग्रसित लोगो को रात में भी ठीक तरह से नींद नही आ पाती है। रात में उन्हें <a href="https://hindi.hlives.com/home-remedies-for-leg-pain-in-hindi/">पैरो में अत्यधिक दर्द</a> का अनुभव होता है और वे रात में भी अपने पैरो को हिलाने के लिए विवश हो जाते है जिस वजह से अनिंद्रा की समस्या उत्पन्न हो जाती है। जानते है <strong>Restless Leg Syndrome Symptoms</strong> के बारे में विस्तार से।</p><h3 id="restless-leg-syndrome-symptoms-">Restless Leg Syndrome Symptoms: जाने इसके कारण, लक्षण और असरकारी उपचार </h3><figure class="kg-card kg-image-card"><img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Restless-Leg-Syndrome-Symptoms-in-Hindi.jpg" class="kg-image" alt="Restless Leg Syndrome Symptoms: पैरों में लगातार दर्द होते हैं रेस्टलेस लेग सिड्रोंम के लक्षण"></figure><h3 id="-restless-leg-syndrome-causes">रेस्टलेस लेग सिड्रोंम के होने के कारण: Restless Leg Syndrome causes</h3><p>रेस्टलेस लेग सिड्रोंम के कारण तो बहुत सारे हो सकते है जिनमे से कुछ मुख्य कारण इस प्रकार है –</p><ul>
<li>अगर आपके परिवार में पहले किसी को ये समस्या रही है तो इसके कारण आप में भी इसके लक्षण देखने को मिल सकते है।</li>
<li>इसके अतिरिक्त डोपामिन नामक हार्मोन्स के असंतुलित हो जाने के कारण भी रेस्टलेस लेग सिड्रोंम की बीमारी देखने को मिल सकती है।</li>
<li>शरीर में जब आयरन तत्व की कमी हो जाती है तो यह भी इस बीमारी का एक मुख्य कारण बन सकता है।</li>
<li><a href="https://hindi.hlives.com/foods-for-anemia/">एनीमिया के मरीज</a> को भी रेस्टलेस लेग सिड्रोंम का खतरा अधिक हो सकता है।</li>
<li>तंत्रिका तंत्र में किसी भी तरह का विकार इस समस्या को उत्पन्न कर सकता है।</li>
<li>विटामिन की कमी और गुर्दे की खराबी के कारण भी रेस्टलेस लेग सिड्रोंम का खतरा बढ़ सकता है।</li>
<li>अल्कोहल और धुम्रपान का सेवन करने वालो में भी इसका खतरा बढ़ जाता है।</li>
<li>गर्भावस्था के समय महिलाओं में आने वाले हार्मोन्स परिवर्तन के कारण भी इसका खतरा बढ़ सकता है।</li>
<li>अत्यधिक तनाव लेना भी इसका कारण बन सकता है।</li>
<li>अत्यधिक वजन का बढ़ जाना भी इसका खतरा बढ़ा सकता है।</li>
</ul>
<h3 id="-restless-leg-syndrome-symptoms">रेस्टलेस लेग सिड्रोंम के लक्षण: Restless Leg Syndrome Symptoms</h3><p>रेस्टलेस लेग सिड्रोंम के लक्षण इस प्रकार देखने को मिल सकते है –</p><ul>
<li>पैरो में एक सनसनी का महसूस होना इसका एक लक्षण हो सकता है।</li>
<li>पैरो में खिंचाव सा महसूस होना।</li>
<li>पैरो का थरथराना।</li>
<li>पैरो में दर्द बने रहना इसका संकेत हो सकता है।</li>
<li>पैरो में कम्पन महसूस होना इसका संकेत हो सकता है।</li>
<li>पैरो में जलन होते रहना भी इसका एक संकेत हो सकता है।</li>
<li>बैठने या लेटने पर पैरो में कुछ रेंगने जैसी अनुभूति होना इसका एक लक्षण है।</li>
<li>पैरो में अचानक तेज झनझनाहट होना भी इसका संकेत हो सकता है।</li>
<li><a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE">अनिंद्रा</a> और चिड़चिड़ापन बने रहना इसका संकेत हो सकता है।</li>
<li>पैरों की रक्तवाहिनियों में बुलबुले युक्त पानी के भरे होने का अनुभव होना इसका एक लक्षण हो सकता है।</li>
<li>बैठे-बैठे लगातार पैरो को हिलाते रहना भी इसका एक लक्षण हो सकता है।</li>
<li>सोते समय भी पैरो को हिलाते रहना या बार-बार करवट बदलते रहना।</li>
</ul>
<h3 id="-restless-leg-syndrome-treatment">रेस्टलेस लेग सिड्रोंम का ईलाज: Restless Leg Syndrome Treatment</h3><ul>
<li>जीवनशैली में परिवर्तन लाकर के रेस्टलेस लेग सिड्रोंम का उपचार किया जा सकता है इसके अतिरिक्त चिकित्सक से सही परामर्श लेकर भी इसका उचित उपचार किया जा सकता है।</li>
<li>रेस्टलेस लेग सिड्रोंम के कोई भी लक्षण नजर आने पर उसे नजरंदाज नही करना चाहिए नही तो ये परेशानी आगे जाकर गंभीर हो सकती है और इसके कारण <a href="https://hindi.hlives.com/high-blood-pressure-symptoms-in-hindi/">उच्च रक्तचाप</a> आदि कई बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है इसलिए इसके लक्षणों को पहचान कर इसका सही उपचार अत्यंत आवश्यक है।</li>
<li>इसके उपचार के लिए आयरन युक्त दवा लेना अच्छा होता है। विटामिन बी की दवाइयों का सेवन भी कर सकते है। इससे इस बीमारी में बहुत आराम मिलता है।</li>
<li>पार्किन्सन्स रोग की दवाओं के सेवन से भी आराम मिलता है। किसी भी तरह की दवाइयों के सेवन से पहले चिकित्सक से एक बार परामर्श अवश्य ले।</li>
</ul>
<h3 id="-restless-leg-syndrome-remedies">रेस्टलेस लेग सिड्रोंम उपचार: Restless Leg Syndrome Remedies</h3><ul>
<li>रेस्टलेस लेग सिड्रोंम से राहत पाने के लिए आवश्यक है की अपने भोजन में आयरन को शामिल करे। आयरन युक्त आहार को अपनी डाइट में लेने से इस बीमारी में आराम मिलता है।</li>
<li>प्रतिदिन कुछ व्यायाम अवश्य करे। शारीरिक परिश्रम करना बहुत आवश्यक होता है।</li>
<li>अगर <a href="https://hindi.hlives.com/weight-loss-tips-in-hindi/">आपका वजन बहुत ज्यादा है तो</a> सबसे पहले अपने बढ़ते वजन को नियंत्रण में करने की कोशिश करे।</li>
<li>फोलेट और मैग्नीशियम युक्त आहार भी अपनी डाइट में शामिल करे।</li>
<li>पैरो की अच्छे से प्रतिदिन मसाज करे।</li>
<li>सोने से पहले भी पैरो की अच्छे से मालिश करने से आराम मिलेगा।</li>
<li>धुम्रपान और अल्कोहल से बिल्कुल दूर रहे। इससे आप इस बीमारी को और अधिक बढ़ा सकते है।</li>
<li>गरम और ठंडी सिंकाई करने से भी बहुत आराम मिलता है।</li>
<li>गरम पानी से नहाये और नहाते समय अपने पैरो को कुछ देर गरम पानी में डुबोकर रखे।</li>
<li>रात में हल्का भोजन ले जिससे नींद अच्छी आ सके। सोने से पहले चाय या कॉफी का सेवन न करे।</li>
<li>कुछ देर पैदल ज़रुर चले। इसके अलावा थोड़ी देर साइकिल भी चला सकते है।</li>
<li>बहुत देर तक एक जगह पर बैठे न रहे। पैरो को एक जैसा न रखे। पैरो की थोड़ी एक्सरसाइज करते रहे।</li>
<li>फलो और हरी सब्जियों का सेवन करते रहे।</li>
<li>कम से कम 8-9 घंटे की नींद अवश्य ले।</li>
<li><a href="https://hindi.hlives.com/stress-relief-tips-in-hindi/">तनाव से दूर</a> रहे। संगीत और ध्यान आदि का सहारा ले।</li>
</ul>
<p>इस तरह आप इन बीमारी से बचाव कर सकते है और राहत पा सकते है।</p>]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[Munakka Ke Fayde: पाचन को बेहतर बनाने में मददगार होता है मुनक्का, जाने इसके अन्य लाभ]]></title><description><![CDATA[मुनक्का खाने से पाचन सही रहता है और इसके साथ ही साथ इसके कई अन्य फायदे भी होते है। इसके अन्य फायदों को जानने के लिए पढ़ें Munakka Ke Fayde के बारे में विस्तार से।]]></description><link>https://hindi.hlives.com/munakka-ke-fayde/</link><guid isPermaLink="false">5c470e3e3908fe548a3e541a</guid><category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category><dc:creator><![CDATA[Kushneet Khanna]]></dc:creator><pubDate>Tue, 22 Jan 2019 12:51:30 GMT</pubDate><media:content url="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Munakka-Ke-Fayde.jpg" medium="image"/><content:encoded><![CDATA[<img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Munakka-Ke-Fayde.jpg" alt="Munakka Ke Fayde: पाचन को बेहतर बनाने में मददगार होता है मुनक्का, जाने इसके अन्य लाभ"><p>हमारे स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से <a href="https://hindi.hlives.com/dry-fruits-benefits-in-hindi/">ड्राईफ्रूट शरीर के लिए बहुत लाभदायक</a> होते है। ड्राईफ्रूट के सेवन से कितने ही रोगों को शरीर से दूर रखा जा सकता है। आज हम बात करेंगे इन्हीं में से एक मुनक्का की। मुनक्का भी ड्राई फ्रूट की श्रेणी में आती है पर सामान्यत: लोग Munakka का इतना ज्यादा इस्तेमाल नही करते है जितना की दूसरे ड्राई फ्रूट्स का प्रयोग करते है। </p><p>शायद इसलिए की अभी तक वो मुनक्का में छिपे हुए गुणों से अंजान है। मुनक्का का इस्तेमाल आयुर्वेद में एक औषधि की तरह भी किया जाता है। इसका उपयोग आयुर्वेद में भी किया जाता है।</p><p>Munakka Dry Fruit का सेवन बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए फ़ायदेमंद होता है इसलिए इसका सेवन करना चाहिए। यह स्वाद में भी अच्छा लगता है अतः इसका सेवन बच्चे भी आसानी से कर सकते हैं।</p><p>Munaka का सेवन करना स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत उत्तम होता है। आइये जानते है मुनक्का क्या होता है और <strong>Munakka Ke Fayde</strong> क्या क्या हो सकते हैं। आइये जानते हैं इसी बारे विस्तार से। </p><h3 id="munakka-ke-fayde-">Munakka Ke Fayde: जाने मुनक्का के सेवन से मिलने वाले असरकारी फायदे </h3><figure class="kg-card kg-image-card"><img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Munakka-Ke-Fayde-in-Hindi.jpg" class="kg-image" alt="Munakka Ke Fayde: पाचन को बेहतर बनाने में मददगार होता है मुनक्का, जाने इसके अन्य लाभ"></figure><h3 id="-munakka-">मुनक्का (Munakka):</h3><ul>
<li>बड़े अंगूरों को सुखाने के बाद मुनक्का को तैयार किया जाता है। मुनक्का आपको लाल और काले दोनों ही रंगों में देखने को मिलती है। मुनक्का में कई सारे पौष्टिक गुण होते है जो सेहत के लिए बहुत लाभदायक होते है।</li>
<li>मुनक्का की तासीर गरम होती है परन्तु इसके सेवन से किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नही होता है।</li>
<li>मुनक्का में फाइबर, फाइटो न्यूट्रियंट्स एवं एन्टी ऑक्सीडेण्ट्स गुण होता है। इसमें <a href="https://hindi.hlives.com/vitamin-e-benefits-in-hindi/">विटामिन ई</a> एवं सेलेनियम प्रचुर मात्रा में होती है। मुनक्का में कैलोरी की मात्रा अच्छी होती है इसके अलावा इसमें कैल्शियम भी भरपूर मात्रा में होता है।</li>
<li>मुनक्का को रात भर पानी में भिगोकर रखने के बाद अगर मुनक्का के साथ इसके पानी को भी पिया जाये तो इससे कई रोगों को दूर किया जा सकता है।</li>
<li>मुनक्का अंगूर से बने होने के कारण इसमें अंगूर के सभी गुण मौजूद होते है।</li>
<li>मुनक्का में मौजूद न्यूट्रिएंट्स कई बीमारी को दूर करने में मदद करते है।</li>
<li>मुनक्का में पोटेशियम और फाइबर भी भरपूर होता है जिससे इसका सेवन करने से पाचन क्रिया में भी सुधार आता है।</li>
<li>मुनक्का में आयरन और एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होता है जिससे इससे प्रतिरोधक क्षमता भी बढती है।</li>
<li>मुनक्का को बड़ी दाख भी कहा जाता है। अंग्रेजी में मुनक्का को राइसिन कहा जाता है।</li>
<li>मुनक्का दिखने में किशमिश की तरह नजर आती है पर इसका आकार किशमिश से बड़ा होता है।</li>
<li>मुनक्के के बीज को भी चबाकर खाने से बहुत सारे लाभ होते है। मुनक्के के सेवन से दिल सम्बन्धित सभी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।</li>
<li>इससे शरीर में खून भी बढ़ता है। आइये मुनक्का के सेवन से आपको क्या-क्या लाभ मिल सकते है उसके बारे में जानते है –</li>
</ul>
<h3 id="-munakka-benefits">मुनक्का के फायदे: Munakka Benefits</h3><p>मुनक्का के सेवन से मुख्य रूप से मिलने वाले सेहत सम्बन्धित लाभ इस प्रकार है –</p><h3 id="-">पाचन सुधारे</h3><ul>
<li><a href="https://hindi.hlives.com/isabgol-ke-fayde/">पाचन की समस्या</a> आज के समय में सबसे बड़ी समस्या बनती जा रही है। इससे बचने के लिए 10 मुनक्का को दूध में उबालकर उस दूध को पी ले।</li>
<li>इसके अतिरिक्त कुछ मुनक्का को थोड़े से घी में सेंक कर रख ले और उसमे थोड़ा सा काला नमक मिला ले और खाना खाने के बाद 1-2 मुनक्का को मुंह में रख ले।</li>
<li>इससे बहुत जल्दी ही पाचन सम्बन्धित सभी समस्याओं से निदान मिलता है और इससे भूख भी बढती है।</li>
</ul>
<h3 id="--1">उच्च रक्त चाप में लाभदायक</h3><ul>
<li>उच्च रक्तचाप की समस्या में भी मुनक्का लाभकारी होता है।</li>
<li>एक मुनक्का का बीज निकालकर उसमें लहसुन की फाँक रखकर खाने से उच्च रक्तचाप में आराम मिलता है।</li>
</ul>
<h3 id="--2">एनीमिया दूर करे</h3><ul>
<li>मुनक्के में लौह तत्व की मात्रा अधिक होती है। आयरन की प्रचुरता के कारण यह शरीर में खून की मात्रा को बढ़ाने में मदद करती है जिससे <a href="https://hindi.hlives.com/symptoms-of-anemia-in-hindi/">खून की कमी के कारण</a> होने वाली एनीमिया में आराम मिलता है।</li>
<li>इससे शरीर में हिमोग्लोबिन का स्तर भी अच्छा रहता है। इसके नियमित सेवन से शरीर की कमज़ोरी को दूर करके ताकत को बढ़ाया जा सकता है।</li>
</ul>
<h3 id="--3">बुखार में फ़ायदेमंद</h3><ul>
<li>मुनक्का का सेवन करना बुखार को कम करने के लिए बहुत लाभकारी होता है इसके लिए मुनक्के को पानी में भिगोकर समान मात्रा के पानी में पीसकर फिर छान लेना चाहिए।</li>
<li>इस तरह बनाया गया मुनक्का का पानी टॉनिक का कार्य करता है। इसके स्वाद और गुण को बढ़ाने के लिए इसमें थोड़ा नींबू का रस मिला लेना चाहिए।</li>
<li>इसके अलावा दूध में बीज निकालकर सात आठ मुनक्के उबालकर भी पी सकते है।</li>
<li>पुराने बुखार में दस मुनक्का एक अंजीर के साथ सुबह पानी में भिगोकर रख दें रात्रि में सोने से पूर्व मुनक्का और <a href="https://hindi.hlives.com/anjeer-benefits-in-hindi/">अंजीर</a> को दूध के साथ उबालें और सेवन करें।</li>
<li>ऐसा तीन दिन करें इससे पुराना बुखार ठीक हो जाता है।</li>
</ul>
<h3 id="--4">त्वचा व बालों के लिए फ़ायदेमंद</h3><ul>
<li>मुनक्का त्वचा को प्राकृतिक रूप से चमकदार बनाने में मदद करता है इसमें मौजूद तत्व रक्त को शुद्ध करने में मदद करते है जिससे त्वचा पर नेचुरल ग्लो नजर आता है।</li>
<li>यह रक्‍त परिसंचरण को बढ़ावा देता है जो बालों के विकास के लिए टॉनिक के रूप में कार्य करता है।</li>
<li>मुनक्का में आयरन और विटामिन C होता है जो बालों को झड़ने से रोकने में मदद करता है और बालों को नेचुरल रूप से रेशमी और चमकदार बनाता है।</li>
</ul>
<h3 id="--5">हृदय संबंधित बीमारियों से बचाए</h3><ul>
<li>इसमें पोटेशियम की मात्रा प्रचुर होती है जो <a href="https://hindi.hlives.com/how-to-survive-a-heart-attack-when-alone/">हार्ट अटैक से बचाने में मदद</a> करता है साथ ही इससे हृदय मजबूत होता है।</li>
<li>इसके अतिरिक्त इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स गुण मौजूद होता हैं जिससे यह कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है।</li>
</ul>
<h3 id="--6">वजन को बढ़ाने में मदद करे</h3><ul>
<li>अगर आप अपने वजन को बढ़ाना चाहते है तो मुनक्का इसमें आपकी मदद कर सकता है क्योंकि इसमे फ्रुक्टोज़ और ग्लूकोज पाया जाता है जो हमें एनर्जी प्रदान करता है।</li>
<li>इसके लिए आप 10 मुनक्का और 5 छुहारे को सुबह शाम दूध में उबाल कर इस का सेवन करे। इससे आप का वजन बहुत जल्दी बढ़ना शुरू हो जायेगा।</li>
</ul>
<h3 id="--7">आँखों के लिए लाभदायक</h3><p>इसमें विटामिन ए और बीटा कैरोटीन होता है जो आँखों के लिए बहुत ही फ़ायदेमंद होता है इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो आँखों को फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते है। मुनक्का को खाने से आँखों की कमज़ोरी, मांसपेशियों की क्षति, <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/मोतियाबिंद">मोतियाबिंद</a> आदि का खतरा भी कम हो जाता है। इसके लिए 10 मुनक्का को रात में भिगोकर रख दे और सुबह में इसे अच्छे से चबाकर खा ले इससे आँखों की रौशनी तेज़ होती है।</p>]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[Stem Cell Preservation Benefits: स्टेम सेल थेरेपी से करें बीमारियों का उपचार]]></title><description><![CDATA[स्टेम सेल थेरेपी की मदद से कई तरह की बीमारी का उपचार किया जा सकता है। आइये जानते है  Stem Cell Preservation Benefits के बारे में विस्तार से।]]></description><link>https://hindi.hlives.com/stem-cell-preservation-benefits/</link><guid isPermaLink="false">5c45bd883908fe548a3e53fa</guid><category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category><dc:creator><![CDATA[Hemangi sharma]]></dc:creator><pubDate>Mon, 21 Jan 2019 12:59:20 GMT</pubDate><media:content url="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Stem-Cell-Preservation-Benefits.jpg" medium="image"/><content:encoded><![CDATA[<img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Stem-Cell-Preservation-Benefits.jpg" alt="Stem Cell Preservation Benefits: स्टेम सेल थेरेपी से करें बीमारियों का उपचार"><p>Stem Cell के बारे में बहुत कम लोग जानते होंगे। यह शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसलिए इसके बारे में जानकारी होना भी ज़रूरी है।  </p><p>इसके द्वारा ही शरीर में अच्छी कोशिकाओं के निर्माण में मदद मिलती है। आजकल स्टेम सेल थेरेपी का उपयोग भी जोरो शोरो से हो रहा है क्योंकि यह बहुत ही असरकारी होती है।</p><p>स्टेम सेल की थेरेपी से कई बड़ी से बड़ी <a href="https://hindi.hlives.com/tips-for-healthy-body-in-hindi/">बीमारियों को दूर</a> करने में मदद मिलती है। इसलिए इन्हे स्टोर करने की भी आवश्यकता होती है। ताकि आवश्यकता के समय इसे आसानी से उपलब्ध कराया जा सके।</p><p>चलिए जानते है की आखिर यह स्टेम सेल्स क्या है और यह किस तरह से कार्य करती है साथ ही जानते हैं की यह हमारे लिए यह किस तरह से उपयोगी होती है। इसके लिए पढ़ते है <strong>Stem Cell Preservation Benefits</strong> के बारे में विस्तार से।</p><h3 id="stem-cell-preservation-benefits-">Stem Cell Preservation Benefits: जाने स्टेम सेल्स क्या है और इसके फायदे </h3><figure class="kg-card kg-image-card"><img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Stem-Cell-Preservation-Benefits-in-Hindi.jpg" class="kg-image" alt="Stem Cell Preservation Benefits: स्टेम सेल थेरेपी से करें बीमारियों का उपचार"></figure><h3 id="-what-is-a-stem-cell">स्टेम कोशिका क्या है: What is a Stem Cell</h3><ul>
<li>स्टेम कोशिका इसे मूल कोशिका भी कहा जाता है ये वो कोशिकाएं होती हैं जिनमे शरीर के किसी भी अंग को कोशिका के रूप में विकसित करने की क्षमता होती है। स्टेम कोशिकाओं की मदद से स्वस्थ्य कोशिकाओं को विकसित करने में मदद मिलती है।</li>
<li>विज्ञान की माने तो स्टेम कोशिकाओं की मदद से किसी भी कोशिका को सुधारा जा सकता है। स्टेम कोशिका एक ऐसी कोशिका होती है जिससे सभी कोशिकाओं को निर्मित किया जा सकता है। Stem Cells की मदद से बहुत सारी बीमारियों का इलाज किया जा सकता है।</li>
<li>Stem Cell थेरेपी का प्रचलन बहुत तेज़ी से बढ़ता जा रहा है। अगर किसी दुर्घटना में शरीर का कोई अंग क्षतिग्रस्त हो गया हो तो ऐसी स्थिति में स्टेम सेल से स्टेम कोशिकाएं तैयार की जा सकती है और उन्हें क्षतिग्रस्त अंग में प्रत्यारोपित किया जा सकता है।</li>
<li>अधिकतर बीमारियों में जब दूसरी थेरेपी जवाब दे जाती है तब भी स्टेम सेल थेरेपी में उम्मीद बची रहती है। स्टेम सेल के कलेक्शन, प्रॉसेसिंग और बैंकिंग का काम करने वाली लाइफसेल का कहना है की लोगों में स्टेम सेल प्रीजर्वेशन को लेकर अवेयरनेस काफी बढती जा रही है। लोग स्टेम सेल तकनीक के प्रति जागरूक होते दिखाई दे रहे है।</li>
<li>स्टेम कोशिकाओं को शरीर की अनूठी कोशिकाओं के रूप में माना जाता है। स्टेम सेल थेरेपी एक पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया होती है। थेरेपी समाप्त होने के बाद कुछ रोगियों में दर्द का अनुभव होता है पर बहुत जल्दी ही ये दर्द खत्म हो जाता है। स्टेम सेल तीन प्रकार के होते है हम इस आर्टिकल में स्टेम सेल के बारे में विस्तृत चर्चा करेंगे। भारत में स्टेम सेल थेरेपी के लिए कितना खर्चा होता है इसके बारे में भी आपको जानकारी देंगे।</li>
<li>स्टेम सेल से कई बड़ी से बड़ी बीमारियों का भी इलाज किया जा सकता है चाहे हृदय की कोशिकाएं खराब हो गयी हो या आँख की कार्निया की कोशिकाएं ख़राब हो या फिर शरीर के किसी अन्य अंग की कोशिका को भी स्टेम कोशिका के द्वारा विकसित कर प्रत्यारोपित किया जा सकता है।</li>
<li>कैंसर, <a href="https://hindi.hlives.com/home-remedies-for-diabetes-in-hindi/">डायबीटीज</a>, दिल-धमनी की बीमारियाँ, खून संबंधी बीमारियाँ, मानसिक और किडनी सम्बंधित या अन्य बीमारियों का इलाज भी पूरी तरह सुरक्षित रूप से इसके द्वारा किया जा सकता है। स्टेम सेल की ख़ासियत यह होती है की ये कोशिकाएँ कई कोशिका के विभाजन से गुजरने के बाद भी अपनी मूल रूप में कायम रह सकती है।</li>
</ul>
<h3 id="-stem-cell-preservation-benefits">क्या हैं इसके फायदे: Stem Cell Preservation Benefits?</h3><p>स्टेम सेल को स्टोर करके रखने से कई सारे फायदे मिल सकते है।</p><ul>
<li>आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके स्टेम सेल को स्टेम सेल बैंक में एकत्र किया जा सकता है और आवश्यकता पड़ने पर स्टेम कोशिकाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है।</li>
<li>जिस तरह <a href="https://hindi.hlives.com/benefits-of-donating-blood/">ब्लड</a> बैंक होते है उसी आधार पर स्टेम सेल बैंक का भी गठन किया गया है जहाँ पर आसानी से स्टेम सेल को एकत्र किया जा सकता है।</li>
<li>स्टेम सेल की एक विशेषता यह भी है की अगर आपने इसे स्टेम सेल बैंक में एकत्र करके रखा हुआ है तो आपके वंश के किसी भी सदस्य को आवश्यकता पड़ने पर आपके द्वारा रखी गयी स्टेम सेल का इस्तेमाल उसके लिए किया जा सकता है।</li>
<li>स्टेम सेल एक रिजेनरेटिव मेडिसिन है जिसकी मदद से बड़े-बड़े रोगों का उपचार भी संभव है।</li>
</ul>
<h3 id="stem-cell-preservation-cost">Stem Cell Preservation Cost</h3><ul>
<li>स्टेम सेल्स को 21 सालों तक प्रीजर्व करने के लिए करीब 20 हजार रुपये फीस ली जा रही है शुरू में बेबी की मां के नाम से रजिस्ट्रेशन होता है और 21 सालों के बाद अगर कोई चाहे तो इस सर्विस को रिन्यू किया जा सकता है इसके बाद हर साल 3500 रुपये लिए जाते है।</li>
<li>रिन्यू बेबी के नाम पर होता है अगर कोई रिन्यू न कराना चाहे तो स्टेम सेल को खत्म कर दिया जाता है। अगर कोई चाहें तो इसे डोनेट भी किया जा सकता है।</li>
</ul>
<h3 id="-">स्टेम सेल तीन प्रकार के होते है:</h3><ul>
<li>इनके प्रकारों में भ्रूण स्टेम सेल (एंब्रियोनिक स्टेम सेल्स), वयस्क स्टेम सेल (एडल्ट स्टेम सेल) व कार्ड स्टेम सेल शामिल हैं।</li>
<li>भ्रूण स्टेम सेल यानी (एचइएचसी) ह्यूमन एंब्रियोनिक स्टेम सेल्स जिसमे <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%91%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%AC%E0%A5%8B_%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%95_%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%B2">डीएनए</a> को भी शामिल कर लिया जाता है फिर लैब में स्टेम सेल लाइन तकनीक से इंजेक्शन तैयार किए जाते है इसे बीमारी के अनुसार या रेडी टू यूज भी तैयार किया जा सकता है।</li>
<li>इसे मरीज के ज़रूरतों के अनुसार बनाया जा सकता है। इसमे मरीज के डीएनए से क्रांसमैचिंग नहीं करनी पड़ती है।</li>
<li>ह्यूमन एंब्रियोनिक स्टेम सेल्स यानी एच ई एस सी को अलग करने के लिए कृत्रिम परिवेश में अंडे और शुक्राणु का निषेचन यानी इनविट्रोफर्टिलाइजेशन करवाया जाता है।</li>
<li>इस प्रकार अनेक भ्रूण यानी एंब्रिया जेनरेट हो जाते है इससे कई लाइलाज बीमारियों का इलाज किया जा सकता है।</li>
</ul>
<p>स्टेम सेल के मुख्य स्त्रोत की अगर बात की जाये तो गर्भ नाल से प्राप्त रक्त, एम्नियोटिक तरल, कृत्रिम निषेचन से प्राप्त भ्रूण, वयस्कों का मस्तिष्क, अस्थि मज्जा (बोन मैरो), <a href="https://hindi.hlives.com/foods-good-for-kidney-in-hindi/">किडनी</a>, परिधीय रक्त, रक्त वाहिकाएँ, कंकाल पेशियाँ और लीवर पहले कृत्रिम रूप से बनाए गए भ्रूण या ब्लास्टोसिस्ट की कोशिकाओं को निकालकर, उनका संवर्धन करके स्टेम सेल बनाई जाती थी तथा उनका उपयोग अनुसंधान और उपचार में किया जाता था।</p><p>आप चिकित्सक से परामर्श लेकर स्टेम सेल के बारे में और जानकारी ले सकते है। अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षा की दृष्टि से देखते हुए आप भी स्टेम सेल तकनीक को ज़रूर अपनाये और इसे अपने बच्चों के लिए सुरक्षित करके रखे। इस पद्धति से कितने ही लोगो को आज के समय में जीवनदान मिल रहा है। आपके इस कदम से आप भी अपने बच्चों को एक स्वस्थ्य जिंदगी दे सकते है।</p>]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[Boiled Peanuts Benefits: उबली मूंगफली का सेवन वजन कम करे और रखे दिल को स्वस्थ्य]]></title><description><![CDATA[उबली मूंगफली को खाने से आप अपने वजन को कम कर सकते है साथ ही इससे दिल भी स्वस्थ्य रहता है। जानते है Boiled Peanuts Benefits के बारे में।]]></description><link>https://hindi.hlives.com/boiled-peanuts-benefits/</link><guid isPermaLink="false">5c45a26b3908fe548a3e53d2</guid><category><![CDATA[आहार और फिटनेस]]></category><dc:creator><![CDATA[Manit Shah]]></dc:creator><pubDate>Mon, 21 Jan 2019 10:59:43 GMT</pubDate><media:content url="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Boiled-Peanuts-Benefits.jpg" medium="image"/><content:encoded><![CDATA[<img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Boiled-Peanuts-Benefits.jpg" alt="Boiled Peanuts Benefits: उबली मूंगफली का सेवन वजन कम करे और रखे दिल को स्वस्थ्य"><p>आमतौर पर मूंगफली खाना तो बहुत से लोगो को बहुत पसंद होता है। इसे बहुत सारी चीजों के साथ मिक्स कर के बनाया जा सकता है। यदि खाने में मूंगफली का इस्तेमाल करे तो यह खाने को और भी स्वादिष्ट बना देती है। </p><p>Peanuts के इस्तेमाल के बारे में तो आप जानते है लेकिन क्या आपको पता है की यदि आप उबली हुई मूंगफली का सेवन करते है तो इससे आपको बहुत सारे फायदे होते है। जी हाँ जितना <a href="https://hindi.hlives.com/benefits-of-peanut/">मूंगफली का सेवन अच्छा</a> माना जाता है उससे कहीं ज्यादा अच्छा और फायदेमंद मूंगफली को उबालकर खाना होता है </p><p>कई मामलों में तो यह आपको सेहत से जुड़ी चीजें प्रदान करता है। Boiled Peanuts को आप स्नेक्स के रूप में भी खा सकते है। यह खाने में भी बहुत अच्छी लगती है साथ ही इसे खाने से आप अपनी कैलोरी को भी कम कर सकते है। </p><p>Boiled Groundnut का सेवन करने से व्यक्ति को कैंसर, मधुमेह जैसी बीमारियों के होने का खतरा भी कम होता है। जानते है उबली हुई मूंगफली का सेवन करने से आपको क्या क्या फायदे होते है इसके लिए पढ़िए <strong>Boiled Peanuts Benefits</strong> के बारे में विस्तार से। </p><h3 id="boiled-peanuts-benefits-">Boiled Peanuts Benefits: जाने उबली हुई मूंगफली से होने वाले स्वास्थ्य सम्बन्धी फायदे </h3><figure class="kg-card kg-image-card"><img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Boiled-Peanuts-Benefits-in-Hindi.jpg" class="kg-image" alt="Boiled Peanuts Benefits: उबली मूंगफली का सेवन वजन कम करे और रखे दिल को स्वस्थ्य"></figure><h3 id="boiled-groundnut-benefits">Boiled Groundnut Benefits</h3><p>मूंगफली बच्चो से लेकर बड़े बूढ़ो सभी को पसंद आती है। इसलिए इसे आप बड़े चाव से भी खा सकते है और इसके फ़ायदों का भी लाभ ले सकते है। मूंगफली में सेलेनियम, आयरन, कॉपर, पोटेशियम, कैल्शियम आदि तत्व पाए जाते है। यदि इसका सेवन करते हैं तो यह कई तरह से लाभ पहुँचाती है। जैसे -</p><h3 id="-boiled-peanuts-for-weight-loss">वजन को कम करने में सहायक: Boiled Peanuts for Weight Loss</h3><ul>
<li>उबली हुई मूंगफली में <a href="https://hindi.hlives.com/low-calorie-fruits/">कैलोरी बहुत कम</a> होती है। साथ ही पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते है।</li>
<li>यदि आप उबली हुई मूंगफली का सेवन करते है तो इससे आपका वजन कम होने लगता है साथ ही आपको पोषक तत्व भी मिल जाते है जो की शरीर के लिए ज़रूरी होते है।</li>
<li>साथ ही इसका सेवन करने से शरीर को ऊर्जा भी मिलती है।</li>
<li>यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को भी अच्छा रखता है जिसके कारण भी शरीर का फैट कम होता है और आप एक आकर्षक शरीर प्राप्त कर सकते है।</li>
<li>भूख भी वजन के बढ़ने लिए जिम्मेदार होता है। लेकिन यदि आप उबली हुई मूंगफली का सेवन करते है तो यह भूख को भी नियंत्रित करता है जिससे भी वजन को नियंत्रित करने में आसानी होती है।</li>
</ul>
<h3 id="-">रक्त का संचार नियंत्रित रखे</h3><ul>
<li>यदि आप उबली हुई मूंगफली का सेवन करते है तो इससे आपके शरीर में रक्त का संचार भी अच्छे से होता है।</li>
<li>जिसके कारण आपके शरीर के सभी अंग सही तरीके से कार्य करते है और आप रोगों से बचे रह सकते है।</li>
<li>साथ ही रक्त के सही प्रकार से कार्य करने से दिल से जुड़ी समस्याएं भी नहीं होती है।</li>
</ul>
<h3 id="--1">पेट के लिए लाभकारी</h3><ul>
<li>उबली हुई मूंगफली में फाइबर की मात्रा भी भरपूर होती है जिसके कारण इसका सेवन करने से पेट भी स्वस्थ रहता है।</li>
<li>इससे आपको <a href="https://hindi.hlives.com/home-remedies-for-constipation/">कब्ज और गैस जैसी समस्याएं</a> नहीं होती है।</li>
<li>साथ ही यह पचने में भी आसान होता है। इसका सेवन करने से आंतो की सफाई भी अच्छे से हो जाती है।</li>
</ul>
<h3 id="--2">विटामिन्स से भरपूर</h3><ul>
<li>उबली हुई मूंगफली में पर्याप्त मात्रा में विटामिन्स होते है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट विटामिन ई की उच्च मात्रा होती है।</li>
<li>साथ ही इसमें <a href="https://hindi.hlives.com/vitamin-b-complex-in-hindi/">विटामिन बी-कॉम्लेक्स</a> भी पाया जाता है। यह विटामिन मांसपेशियों के विकास के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है।</li>
<li>साथ ही इसके कारण शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का भी निर्माण होता है।</li>
<li>मूंगफली में पॉलीफेनोलिक एंटी ऑक्सिडेंट, रेस्वेराट्रॉल तत्व भी पाए जाते है जो की शरीर को इंफेक्शन से बचाने में मदद करते है और कैंसर जैसे रोगों के होने का खतरा भी कम हो जाता है।</li>
</ul>
<h3 id="--3">उबली हुई मूंगफली के अन्य लाभ</h3><ul>
<li>सर्दियों के समय यदि आप मूंगफली खाते है तो इससे कमर दर्द भी दूर हो जाता है साथ ही जोड़ों में यदि दर्द हो रहा है तो उससे भी राहत मिलती है। इसके लिए उबली हुई मूंगफली में गुड़ मिलाकर खाना चाहिए।</li>
<li>खांसी को ठीक करने में भी उबली मूंगफली बहुत ही लाभकारी होती है क्योंकि मूंगफली को खाने से एनर्जी मिलती है साथ ही यह शरीर को गर्म रखने का कार्य भी करती है। यदि आप नियमित रूप से उबली मूंगफली का सेवन करते हैं तो आपकी <a href="https://hindi.hlives.com/home-remedies-for-cough-in-hindi/">खांसी पूरी तरह से ठीक</a> हो जाती है।</li>
<li>मसल्स को टोन करने के लिए भी आप उबली हुई मूंगफली का सेवन कर सकते है। यह खराब मसल्स को भी ठीक करने में मदद करता है।</li>
</ul>
<h3 id="--4">उबली हुई मूंगफली को बनाने की विधि</h3><p>उबली हुई मूंगफली बाजार में भी आसानी से उपलब्ध रहती है। इसके अतिरिक्त आप घर पर भी मूंगफली को उबाल सकते है।</p><h3 id="--5">कैसे करे</h3><ul>
<li>मूंगफली को उबालने के लिए आप कच्ची मूंगफली को ले लें। फिर इसे अच्छे से धो कर कुकर में डाल दे।</li>
<li>स्वाद के लिए आप इसमें <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE_%E0%A4%A8%E0%A4%AE%E0%A4%95">काला नमक</a> भी डाल सकते है और फिर पानी को मिलाकर इसे उबलने के लिए गैस पर रख दे।</li>
<li>दो से तीन सिटी पड़ने दें और फिर गैस को बंद कर दे। थोड़ा ठंडा होने पर मूंगफली को पानी से बाहार निकाल ले। इस तरह आपकी मूंगफली उबल जाएगी।</li>
</ul>
<h3 id="--6">मूंगफली को उबालने की अन्य विधि</h3><ul>
<li>इसके अतिरिक्त आप छिली हुई मूंगफली को रात के समय पानी में रख कर इसे सुबह पानी से बाहर निकाल ले। इसे आप ऐसे ही खा सकते है या फिर आप इसे कुकर में उबाल सकते है।</li>
<li>भुनी हुई मूंगफली को खाने से ज्यादा लाभ आपको उबली हुई मूंगफली को खाने से मिलेंगे तो आप इसे उबालकर खाये। इसे उबलने में ज्यादा समय भी नहीं लगता है और इसे उबालना भी बहुत आसान होता है।</li>
</ul>
<p>अब तो आप समझ गए होंगे की उबली मूंगफली आपके लिए कितनी लाभकारी होती है? यदि आप नियमित रूप से मूंगफली का सेवन करते है तो इससे आपको वह फायदे भी मिलते है जो की <a href="https://hindi.hlives.com/almond-benefits-in-hindi/">बादाम में</a> होते है। इसलिए इसे ग़रीबों का बादाम भी  कहा जाता है। सर्दियों के मौसम में तो आप मूंगफली को ज़रुर खाये यह आपको अंदर से गर्म रखने में मदद करेगी साथ ही सर्दियों में होने वाली समस्याओं से भी बचाने में मदद करेगी।</p>]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[Kids Allergies: खाने से भी हो सकती है बच्चो को एलर्जी]]></title><description><![CDATA[बच्चो को खाने से एलर्जी हो सकती है जिसके बारे में जानकारी रखना जरुरी है । जानते है Kids Allergies के बारे में ।]]></description><link>https://hindi.hlives.com/kids-allergies/</link><guid isPermaLink="false">5c42f7953908fe548a3e5389</guid><category><![CDATA[गर्भावस्था और परवरिश]]></category><dc:creator><![CDATA[Kushneet Khanna]]></dc:creator><pubDate>Sun, 20 Jan 2019 06:17:00 GMT</pubDate><media:content url="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Kids-Allergies.jpg" medium="image"/><content:encoded><![CDATA[<img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Kids-Allergies.jpg" alt="Kids Allergies: खाने से भी हो सकती है बच्चो को एलर्जी"><p>बड़ो की तुलना में <a href="https://hindi.hlives.com/ways-to-boost-your-childs-immunity/">बच्चो की प्रतिरोधक क्षमता</a> कम होती है जिसके कारण वह जल्दी जल्दी बीमार पड़ते है। इसलिए बच्चो की देखभाल करने की जरुरत ज्यादा होती है। बच्चे अपनी समस्याओ को ठीक तरीके से बता भी नहीं पाते है जिसके कारण भी हमे उनकी परेशानी का सही से पता भी नहीं चलता है। </p><p>आपको बता दे की बच्चो को कई चीजों से एलर्जी भी हो सकती है। जिसके बारे में बच्चे नहीं जानते है और पेरेंट्स का ध्यान भी इन चीजों पर नहीं जा पाता है। इसलिए यह समस्या आगे चलकर बढ़ सकती है।  </p><p>बहुत से बच्चो में एलर्जी की समस्या होती है जिसके बारे में उनके पेरेंट्स को जानकारी होनी चाहिए ताकि बच्चे का सही उपचार हो सके। </p><p>इस लेख में हम आपको Baby Allergies के बारे में बता रहे है ताकि आपको अपने बच्चे के लिए मदद मिल सकेगी। इसके लिए जानते है <strong>Kids Allergies</strong> के बारे में विस्तार से। </p><h3 id="kids-allergies-">Kids Allergies: क्यों होती है बच्चो को एलर्जी और उसके लक्षण </h3><figure class="kg-card kg-image-card"><img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Kids-Allergies-In-Hindi.jpg" class="kg-image" alt="Kids Allergies: खाने से भी हो सकती है बच्चो को एलर्जी"></figure><h3 id="allergies-in-children">Allergies in Children</h3><p>जिस प्रकार बड़ो को <a href="https://hindi.hlives.com/dust-allergy/">धूल से एलर्जी</a> होती है ठीक उसी प्रकार बच्चो को भी धूल, मिटटी या अन्य चीजों से एलर्जी हो सकती है। बच्चे अपनी साफ सफाई अच्छे से नहीं कर पाते है साथ ही उनको यह भी नहीं पता होता की किस चीज के छूने से उनको नुकसान हो सकता है। जिसके कारण उनको एलर्जी की समस्या जल्दी होती है। </p><h3 id="-">एलर्जी होने का कारण </h3><ul>
<li>बच्चो की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है जिसके कारण भी उनको एलर्जी आसानी से हो जाती है।</li>
<li>इसके अलावा बच्चे धूल मिटटी में खेलते है जो की एलर्जी का कारण बनती है साथ ही वह पालतू जानवरो के साथ ही ज्यादा समय बिताते है जिसके कारण कुछ बच्चो को एलर्जी हो जाती है।</li>
<li>साथ ही बच्चे अपनी साफ सफाई अच्छी तरह से नहीं कर पाते है। यह भी वजह होती है एलर्जी की।</li>
</ul>
<h3 id="--1">एलर्जी के लक्षण</h3><p>बच्चो में एलर्जी के लक्षणों को पहचाना  जा सकता है जो की इस प्रकार है -</p><ul>
<li>लगातार कफ का होना - <a href="https://hindi.hlives.com/baby-cough-remedies-in-hindi/">बच्चो में कफ की समस्या</a> सामान्य हो सकती है क्यूंकि वह सर्दी का सही से ध्यान नहीं रख पाते  यदि किसी बच्चे में कफ की समस्या लगातार बनी हुयी है तो यह केवल कफ नहीं होता है। यह एक तरह की एलर्जी के कारण होता है। साथ ही यह समस्या बच्चे को बार बार होती है।</li>
<li>नाक में खुजली का अनुभव - नाम में यदि लगातार खुजली हो रही है तो यह भी एलर्जी की वजह हो सकती है। नाम में खुजली सर्दी जुखाम के कारण होना आम बात होती है। लेकिन यदि बच्चे को इसके अतिरिक्त भी लगातार नाक में खुजली हो रही है तो यह एलर्जी भी हो सकती है। यह एलर्जी उसे धूल मिटटी के संपर्क में रहने से भी होती है।</li>
<li>त्वचा में एलर्जी - बच्चो की त्वचा बहुत ही कोमल होती है साथ ही सेंसिटिव भी होती है। इसलिए उन्हें त्वचा में भी जल्दी एलर्जी होती है। कभी कभी बच्चो की त्वचा पर लाल रंग के चक्कते हो जाते है यह चक्कते एलर्जी के कारण भी होते है। जब बच्चे किसी चीज को छूटे है जो की त्वचा के लिए नुकसानकारी है तो उससे स्किन एलर्जी हो जाती है।  बच्चो की त्वचा पर एलर्जी के कारण रेसेज भी होने लगते है।</li>
<li>बच्चो में थकान होना - छोटे बच्चे बहुत एक्टिव रहते है। वह एक जगह पर टिकते नहीं है। लेकिन कुछ बच्चे सुस्त भी रहते है उनमे थकान रहती है। बच्चो में थकान का होना भी एलर्जी की वजह से हो सकता है। इसलिये इसे भी अनदेखा नहीं करना चाहिए।</li>
</ul>
<h3 id="food-allergies-in-babies">Food Allergies in Babies</h3><p>कुछ बच्चो में खाने को लेकर भी एलर्जी हो सकती है। बच्चो में कुछ विशेष खाने को लेकर एलर्जी हो सकती है। ऐसे खाने को खा कर <a href="https://hindi.hlives.com/how-to-get-rid-of-diaper-rash-in-hindi/">बच्चो के त्वचा पर कुछ निशान या रेसेज</a> होने लगते है। साथ ही बच्चो के तबियत में भी परिवर्तन होने लगता है। खाने से एलर्जी के कुछ लक्षण जल्दी दिखाई देते है तो कुछ खाद्य पदार्थो के देर से दिखाई देते है।</p><h3 id="--2">फ़ूड एलर्जी के लक्षण</h3><p>बच्चो में फ़ूड एलर्जी से कुछ लक्षण दिखाई दे सकते है जिन्हे आप आसानी से पहचान सकते है। लेकिन इनसे आपको घबराना नहीं चाहिए यह कोई बीमारी नहीं होती है। आप इन्हे डॉक्टर को भी दिखा सकते है।</p><ul>
<li>त्वचा में खुजली होना</li>
<li>त्वचा में दानो का दिखाई देना</li>
<li>शरीर में झुनझुनी होना</li>
<li>शरीर का कोई भाग सुन्न पढ़ जाना</li>
<li>आवाज में परिवर्तन होना</li>
<li>उलटी की समस्या</li>
<li>दस्त</li>
<li><a href="https://hindi.hlives.com/home-remedies-for-stomach-pain/">पेट में दर्द</a></li>
</ul>
<p>उपरोक्त कारण बच्चो को फ़ूड एलर्जी से हो सकते है।</p><p>कुछ फ़ूड ऐसे होते है जो की बच्चो में एलर्जी को उत्पन्न कर सकते है। जैसे की दूध से बने उत्पाद, पीनट बटर , मछली आदि इसका सेवन करने से बच्चो को अधिकांश एलर्जी होती है। जो बच्चे एक साल से छोटे होते है उन्हें नमक भी बहुत ही कम दिया जाना चाहिए क्योंकि  कुछ बच्चो को नमक से भी एलर्जी हो सकती है। साथ ही पेट भी ख़राब हो सकता है। इसलिए इसका भी ध्यान दे </p><h3 id="-allergy-cure-">आवशयक जानकारी (Allergy Cure)</h3><ul>
<li>बच्चो की साफ सफाई पर पेरेंट्स को ध्यान देना चाहिए। उन्हें गन्दा होने से बचाना चाहिए और उनके कपड़ो को भी साफ रखना चाहिए ताकि उनपर धूल मिटटी ना रहे। साथ ही बच्चो को साफ सुथरी जगह पर खेलने देना चाहिए। इससे भी बच्चे एलर्जी से बचे रह सकते है।</li>
<li>इसके अतिरिक्त आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए की जिन पदार्थो को खाने से बच्चो को परेशानी हो रही है या फिर उपरोक्त लक्षण दिखाई दे रहे है तो उन्हें वह चीजे दोबारा से न खिलाये। साथ ही अपने डॉक्टर से भी इसके बारे में सलाह ले सकते है।</li>
<li>बच्चो में एलर्जी होना सामान्य होता है क्योंकि उनकी <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE_%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80">प्रतिरक्षा प्रणाली</a> मजबूत नहीं होती है। इसलिए उनका ध्यान रखना जरुरी है।</li>
</ul>
<p>एलर्जी को पूरी तरह से बीमारी नहीं समझा जा सकता है इसलिए इससे आपको घबराना नहीं चाहिए बल्कि एलर्जी से <a href="https://hindi.hlives.com/newborn-baby-care-guide-in-hindi/">बच्चो की देखभाल</a> करनी चाहिए। यदि आपको कुछ परेशानी आ रही है तो आप अपने डॉक्टर से सलाह भी ले सकते है। लेकिन इन चीजों को अनदेखा नहीं करना चाहिए यह आगे चलकर बच्चे के लिए परेशानी भी बन सकती है।</p>]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[Rose Water for Hair: गुलाब जल से पाए दमकते बाल]]></title><description><![CDATA[गुलाब जल त्वचा के लिए फायदेमंद होता है साथ ही यह बालोंं के लिए भी बहुत लाभकारी है इसके लिए जानते है Rose Water for Hair के बारे में | ]]></description><link>https://hindi.hlives.com/rose-water-for-hair/</link><guid isPermaLink="false">5c42f22b3908fe548a3e536b</guid><category><![CDATA[सौंदर्य और शैली]]></category><dc:creator><![CDATA[Hemangi sharma]]></dc:creator><pubDate>Sat, 19 Jan 2019 10:07:06 GMT</pubDate><media:content url="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Rose-Water-for-Hair.jpg" medium="image"/><content:encoded><![CDATA[<img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Rose-Water-for-Hair.jpg" alt="Rose Water for Hair: गुलाब जल से पाए दमकते बाल"><p>खुबसूरत त्वचा और खुबसूरत बाल भला कौन नही पाना चाहता चाहे लडकियाँ हो या लडके आज कल कोई भी अपनी स्किन और बालों की केयर करने में पीछे नही रहना चाहता | हेल्थी और सुन्दर स्किन व बालों से एक अलग ही पर्सनालिटी डेवलप होती है जिसे हर कोई पाना चाहता है |</p><p>बालों व चेहरे की सुन्दरता बरकरार रखने के लिए सभी न जाने क्या-क्या करते है | पर बहुत बार हम ये भूल जाते है की हमारे आस-पास ही ऐसी प्राक्रतिक चीजे है जिन्हें आजमाकर हम अपनी स्किन व अपने <a href="https://hindi.hlives.com/monsoon-hair-care-tips-in-hindi/">बालों का अच्छे से ख्याल</a> रख सकते है |</p><p>अगर हम अपनी स्किन व बालों के लिए केमिकल युक्त उत्पादों का इस्तेमाल करते है तो इससे हमारे बाल और स्किन सुन्दर दिखने के स्थान पर और भी ज्यादा हार्मफुल हो जाते है इसलिए बालों के लिए हमेशा हर्बल और प्राक्रतिक चीजो का ही उपयोग करना चाहिए इसी तरह चेहरे पर भी कभी केमिकल वाले क्रीम आदि का उपयोग करने से बचना चाहिए | </p><p>आज हम आपको बतायेंगे किस तरह आप नेचुरल तरीके से अपने बालों का ख्याल रख सकते है | आज हम आपको गुलाब जल से किस तरह बालों को सुन्दर बनाया जा सकता है इसके बारे में बतायेंगे साथ ही बालों के आलावा गुलाब जल से आपको और क्या क्या फायदे मिल सकते है इसके बारे में भी विस्तार से बतायेंगे | जानते है <strong>Rose Water for Hair</strong> के बारे में |</p><h3 id="rose-water-for-hair-">Rose Water for Hair: जाने गुलाब जल के अद्भुत फायदे </h3><figure class="kg-card kg-image-card"><img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Rose-Water-for-Hair-in-Hindi.jpg" class="kg-image" alt="Rose Water for Hair: गुलाब जल से पाए दमकते बाल"></figure><h3 id="gulab-jal">Gulab Jal </h3><p><a href="https://hindi.hlives.com/rose-water-benefits-in-hindi/">Gulab Jal का इस्तेमाल</a> बहुत पुराने समय से त्वचा को सुन्दर बनाने के लिए किया जाता आ रहा है | आपने हमेशा सुना होगा की अगर आप भी गुलाबो जैसी महकती और दमकती हुयी त्वचा पाना चाहते है तो Rose Water इसके लिए सबसे अच्छा होता है जिसके इस्तेमाल से सुन्दर त्वचा पाई जा सकती है | पर गुलाब जल बालों के लिए कितना लाभकारी होता है ये आप अभी तक नही जानते होंगे |</p><h3 id="-rose-water-for-hair-">गुलाब जल बालों के लिए (Rose Water for Hair):</h3><p>गुलाब जल के इस्तेमाल से आप बालों से जुडी हर परेशानी से छुटकारा पा सकते है | चाहे रूखे बाल हो या बालों में रुसी की समस्या हो या फिर बालों का कमजोर होना हो हर समस्या से निजात पाने के लिए गुलाब जल का इस्तेमाल करना बहुत लाभकारी हो सकता है| गुलाब जल <a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Scalp">स्कैल्प</a> और बालोंं के पीएच संतुलन को बनाए रखने में सहायता करता है | गुलाब जल में ठंडक देने वाले बेहतरीन गुण होते हैं जो ड्राई स्किन को मॉश्चराइज़ करते है नियमित रूप से शेम्पू के साथ गुलाब जल का इस्तेमाल करने से बालों का टेक्सचर सुधरता है |</p><h3 id="-">आइये जानते है किस तरह गुलाब जल का इस्तेमाल करने से आपको बालों की समस्या से छुटकारा मिल सकता है–</h3><ul>
<li>अगर आपको <a href="https://hindi.hlives.com/home-remedies-for-dandruff/">बालों में रुसी</a> है तो इसके लिए आप रात में सोने से पहले अपने सिर पर गुलाब जल की अच्छे से मालिश कर ले इससे रुसी कुछ दिनों में खत्म हो जाएगी और साथ ही बालों में मजबूती भी आएगी |</li>
<li>अगर आपके बाल रूखे और बेजान है तो गुलाब जल के इस्तेमाल से बालों में चमक लायी जा सकती है इसके लिए आप गुलाब जल को कंडीशनर के रूप में बालों में लगा सकते है | इसके लिए बालों को धोने के बाद एक कप गुलाबजल को कंडीशनर के रूप में लगाये| इससे बाल कोमल, मुलायम और चमकदार हो जायेंगे |</li>
<li>अगर आपके बाल बहुत कमजोर है तो गुलाब जल में ऑलिव आयल को मिलाकर के बालों पर अच्छे से लगाये | इसे रात में भी लगा कर रख सकते है या चाहे तो 1-2 घंटे के लिए लगाकर रख दे और बाद में बालों को धो ले | ऐसा करने से बाल मजबूत होने लगेंगे और झड़ना बन्द हो जायेंगे जल्दी ही बाल लम्बे होने लग जायेंगे |</li>
<li>अगर आपके बाल बहुत ज्यादा फ्रिजी है तो इसके लिए गुलाब जल में एलोवेरा जेल मिलाकर बालों पर अच्छे से लगाते हुए मालिश करे और 1 घंटे बाद बालों को पानी से धो ले |</li>
<li>अगर आपको स्केल्स पर जलन महसूस होती है तो उसे दूर करने में गुलाब जल बहुत मदद कर सकता है | गुलाब जल में ऐसे पोषक तत्व होते अहि जो <a href="https://hindi.hlives.com/hair-fall-treatment-in-hindi/">बालों का झड़ना रोककर उसे मजबूत बनाने में मदद</a> करते है |</li>
<li>गुलाब जल में ग्लिसरीन मिलाकर इसे बालों पर अच्छे से मसाज करे और आधे घंटे बाद बालों को धो ले इससे बाल रेशमी और मुलायम हो जायेंगे |</li>
</ul>
<h3 id="-rose-water-">गुलाब जल (Rose Water):</h3><ul>
<li>गुलाब जल में एंटी एजिंग गुण होता हो जो त्वचा से संक्रमण को दूर रखने में मदद करता है | इसके इस्तेमाल से त्वचा पर होने वाले दाग-धब्बो और <a href="https://hindi.hlives.com/home-remedies-for-pimples/">मुहांसों से छुटकारा</a> मिलता है गुलाब जल त्वचा के रूखेपन को दूर कर स्किन में नमी बनाकर रखता है |</li>
<li>यह एक प्राक्रतिक टोनर का काम करता है इससे त्वचा को साफ़ रखा जा सकता है | बाहर से आने के बाद धुल-मिट्टी चेहरे पर जमा हो जाती है इसलिए चेहरे को रोज वाटर (गुलाब जल) से धोना बहुत अच्छा रहता है इससे चेहरे पर ताजगी के साथ ही निखार भी आता है |</li>
<li>चेहरे पर नियमित रूप से गुलाब जल का इस्तेमाल करने से झुरियां भी खत्म हो जाती है और लम्बे समय तक स्किन जवां नजर आती है | फेस पेक बनाते समय उसमे गुलाब जल मिलाकर उसे लगाने से भी चेहरे में निखार आता है |</li>
<li>गुलाब जल का इस्तेमाल करना आँखों के लिए बहुत लाभकारी होता है | इससे <a href="https://hindi.hlives.com/home-remedies-to-improve-eyesight/">आँखों की रौशनी</a> अच्छी रहती है और आँखों को ठंडक मिलती है | बच्चो की आँखों के लिए भी गुलाब जल का इस्तेमाल किया जा सकता है |</li>
<li>गुलाब जल के प्रयोग से आँखों में होने वाली जलन से भी निजात मिलती है| प्रतिदिन सोने से पहले आँखों में गुलाब जल डालना चाहिए इससे आँखों में से धुल और गंदगी को निकालने में मदद मिलती है|</li>
</ul>
<p>गुलाब जल बाज़ार में भी मिल जाता है इसे घर में भी बनाया जा सकता है| घर में गुलाब जल बनाने के लिए 14-15 गुलाब की पत्तियों को तोड़ लीजिये अब इन पत्तियों को किसी बर्तन में डालकर बर्तन में पानी मिला दीजिये इतना पानी ले लीजिये जिसमे पत्तियां अच्छे से डूब जाये अब बर्तन को ढंककर धीमी गैस पर रख दीजिये| जब पानी में से भाप निकलने लग जाये तब गैस को बन्द कर दीजिये| कुछ देर बाद आप देखेंगे की गुलाब की पत्तियों का रंग निकलकर पानी गुलाबी रंग का हो गया है इस पानी को छानकर किसी प्लास्टिक या कांच की बोतल में भर कर रख लीजिये| इसे फ्रिज में स्टोर कर सकते अहि अब जब चाहे तब गुलाब जल का इस्तेमाल कीजिये और गुलाबो सी त्वचा और रेशमी बाल पाइए।</p>]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[Arjun Tree Benefits: हृदय रोग के लिए रामबाण औषधि है अर्जुन का पेड़, जाने इसके अन्य लाभ]]></title><description><![CDATA[अर्जुन की पेड़ तथा इसकी छाल के बहुत सारे फायदे होते है। यह मनुष्य को कई तरह से लाभ देती है। यह हृदय रोगियों के लिए लाभकारी होती है। जानते है Arjun Tree Benefits के बारे में।]]></description><link>https://hindi.hlives.com/arjun-tree-benefits/</link><guid isPermaLink="false">5c41cdfc3908fe548a3e5340</guid><category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category><dc:creator><![CDATA[Manit Shah]]></dc:creator><pubDate>Fri, 18 Jan 2019 13:13:33 GMT</pubDate><media:content url="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Arjun-Tree-Benefits.jpg" medium="image"/><content:encoded><![CDATA[<img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Arjun-Tree-Benefits.jpg" alt="Arjun Tree Benefits: हृदय रोग के लिए रामबाण औषधि है अर्जुन का पेड़, जाने इसके अन्य लाभ"><p>कई ऐसे वृक्ष पृथ्वी पर मौजूद हैं जो औषधिय गुणों से युक्त होते हैं और जिनका प्राचीन काल से बहुत उपयोग होता आ रहा है। इन्हीं में से एक है अर्जुन का वृक्ष जिसके बारे में आज हम विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे। </p><p>ख़ास कर के Arjun Tree की छाल बहुउपयोगी होती है। कितनी ही आयुर्वेदिक और होम्योपेथिक दवाओं को बनाने के लिए अर्जुन की छाल को उपयोग में लाया जाता है। अर्जुन का पौधा भारत में हिमालय की शुष्क पहाड़ी वाले क्षेत्रो, बिहार और मध्य प्रदेश में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाता है। Arjun ki Chaal के इस्तेमाल से बहुत सारी बीमारियों का इलाज किया जा सकता है।</p><p>अर्जुन की छाल में <a href="https://hindi.hlives.com/calcium-rich-fruits/">कैल्शियम</a>, कार्बोनेट प्रचुर मात्रा में होता है साथ ही सोडियम, मैग्नीशियम व एल्युमिनियम भी मुख्य रूप से होता है। अर्जुन की छाल को अगर धूप में सुखाकर इसका पाउडर बनाया जाये तो इसका इस्तेमाल करने से कई बीमारियों को दूर किया जा सकता है। </p><p>हृदय के लिए अर्जुन का वृक्ष बहुत लाभदायक होता है। इससे हृदय को मजबूत बनाया जा सकता है। यह एक सदाबहार पेड़ है। इसे और भी कई नामो से जाना जाता है जैसे ककुभ, अर्जुना, काहू, संबर आदि। जानते है <strong>Arjun Tree Benefits</strong> के बारे में। </p><h3 id="arjun-tree-benefits-">Arjun Tree Benefits: जाने इस औषधीय अर्जुन के पेड़ से मिलने वाले असरकारी स्वास्थ्य लाभ</h3><figure class="kg-card kg-image-card"><img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Arjun-Tree-Benefits-in-Hindi.jpg" class="kg-image" alt="Arjun Tree Benefits: हृदय रोग के लिए रामबाण औषधि है अर्जुन का पेड़, जाने इसके अन्य लाभ"></figure><h3 id="-arjuna-herb">कैसा होता है Arjuna Herb?</h3><ul>
<li>Arjun Plant की ऊंचाई लगभग 70-80 फीट तक होती है। Arjuna Tree के पत्ते अमरुद के पत्तों के समान होते है। इसकी छाल मोटी सफेद और हल्के गुलाबी रंग की होती है। इसकी टहनियां फैली हुई होती है। इसके पत्ते एक तरफ से चिकने और दूसरी तरफ से खुरदरे होते है।</li>
<li>अर्जुन की छाल को उगने के लिए कम से कम 2 वर्ष की अवधि लगती है। इसकी छाल एक बार निकलने के बाद दोबारा आ जाती है। इसकी छाल में टेनिन भी पाया जाता है।</li>
<li>अर्जुन के पेड़ की छाल अन्य पेड़ो की तुलना में अधिक मोटी और नरम होती है।</li>
<li>इसका स्वाद तीखा और कसैला होता है। अर्जुन की छाल से मांसपेशियों को मजबूत बनाया जा सकता है। <a href="https://hindi.hlives.com/yoga-for-heart-in-hindi/">हृदय सम्बन्धित सभी विकारो को ठीक करने के लिए</a> इसकी छाल का मुख्य रूप से इस्तेमाल किया जाता है। इसके प्रयोग से रक्त की अम्लता भी कम होती है।</li>
<li>कितनी ही सेहत सम्बन्धित समस्याओं का उपाय इस छाल के इस्तेमाल से किया जा सकता है। बालों को काला करने में भी ये उपयोगी होती है। हड्डियो के टूटने पर भी इसका इस्तेमाल करके उसे ठीक करने में मदद मिलती है।</li>
</ul>
<h3 id="-arjun-tree-benefits">अर्जुन के पेड़ के लाभ: Arjun Tree Benefits</h3><ul>
<li>अर्जुन की छाल मोटापे को कम करने, हृदय रोगों को दूर करने, मुंह के छालों को ठीक करने, रक्त चाप को नियन्त्रण में रखने, मधुमेह, <a href="https://hindi.hlives.com/vitamins-for-hair-growth-in-hindi/">बालों के विकास</a> और सुजन को ठीक करने में बहुत उपयोगी होती है।</li>
<li>इसके अतिरिक्त भी कई अन्य बीमारियों से लड़ने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है।</li>
<li>अर्जुन की छाल को पीसकर इसका सेवन करने से खांसी में भी आराम पाया जा सकता है।</li>
<li>मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए इसका सेवन करना लाभकारी हो सकता है।</li>
<li>इससे शरीर की कमज़ोरी दूर हो जाती है और ऊर्जा का संचार होता है।</li>
</ul>
<h3 id="-">हृदय के लिए लाभकारी</h3><ul>
<li>हृदय रोगीयों के लिए अर्जुन का पेड़ अमृत के समान होता है। यह हृदय की सभी समस्‍याओं के लिए बहुत उपयोगी होता है।</li>
<li>इसकी छाल का महीन चूर्ण कपड़े से छानकर आधा छोटा चम्मच पानी के साथ सुबह-शाम सेवन करना लाभदायक होता है।</li>
<li>हृदय रोगीयों के लिए अर्जुनारिष्ट बहुत लाभप्रद होती है, उन्हें अर्जुनारिष्ट को 2 बड़े चम्मच आधा कप पानी में मिलाकर सुबह शाम खाना खाने के बाद पीना चाहिए। यह हृदय की सुजन कम कर <a href="https://hindi.hlives.com/why-stroke-problem-is-rising-in-youngster/">स्ट्रोक का खतरा</a> कम करती है। इससे ब्लड शुद्ध रहता है और हृदय विकारों का खतरा भी कम हो जाता है।</li>
<li>इसकी छाल को दूध में मिलाकर भी इसका सेवन किया जा सकता है। यह बहुत ही लाभकारी होता है।</li>
<li>अर्जुन छाल के चूर्ण की 1 चम्मच की मात्रा मे रोज़ाना मलाई निकाले हुए दूध को मिला कर सुबह शाम सेवन करते रहने से हृदय की बढ़ी हुई धड़कन सामान्य होती है इससे हृदय को ताकत भी मिलती है।</li>
</ul>
<h3 id="--1">बालों के लिए उपयोगी</h3><ul>
<li><a href="https://hindi.hlives.com/home-remedies-for-white-hair-in-hindi/">सफेद बालों से छुटकारा पाने के लिए</a> अर्जुन की छाल का उपयोग लाभदायक होता है।</li>
<li>इसके लिए अर्जुन की छाल को पीसकर इसका चूर्ण बना लें और इस चूर्ण को मेहंदी में मिलाकर के बालों पर लगाये।</li>
<li>इससे धीरे-धीरे बाल काले होने लग जायेंगे।</li>
</ul>
<h3 id="--2">हड्डी के फ्रैक्चर में फ़ायदेमंद</h3><p>अर्जुन छाल का उपयोग हड्डियों के फ्रैक्‍चर को ठीक करने के लिए किया जाता है इसके लिए इस छाल को पानी के साथ मिलाकर बारीक पीसकर फ्रैक्‍चर वाली जगह पर लगाये। कम से कम एक दिन में 2 बार लगाये इससे जल्द ही फ्रैक्‍चर ठीक हो जाता है और हड्डी मजबूत भी हो जाती है।</p><h3 id="--3">केलेस्ट्रोल को कंट्रोल रखे</h3><ul>
<li>अर्जुन की छाल को पीसकर इसका पाउडर बना ले और इसका आधा चम्मच पाउडर दो गिलास पानी में उबालें।</li>
<li>जब पानी उबल कर आधा रह जाये तब इस पानी को सुबह-शाम पिए। एक गिलास पानी पीना है।</li>
<li>इससे <a href="https://hindi.hlives.com/how-to-reduce-bad-cholesterol-in-hindi/">केलेस्ट्रोल कम</a> हो जाता है और धमनियों का ब्लॉकेज भी खत्म हो जाता है</li>
</ul>
<h3 id="--4">मुंह के छाले ठीक करे</h3><ul>
<li>अर्जुन की छाल के पाउडर को नारियल के तेल में मिलाकर मुंह के छालो पर लगाने से छाले ठीक हो जाते है।</li>
</ul>
<h3 id="--5">पेशाब में धातु आने की समस्या से निजात</h3><ul>
<li>अगर आप धातु रोग से परेशान है तो इसके लिए आपको अर्जुन के छाल का प्रयोग करना चाहिए।</li>
<li>इसके लिए आपको अर्जुन की छाल को 2 कप पानी के साथ खूब उबालना है।</li>
<li>जब ये उबल कर आधा कप रह जाए तो आपको इसका सेवन करना है।</li>
<li>इससे इस परेशानी से छुटकारा मिलता है।</li>
</ul>
<h3 id="--6">मासिक धर्म की परेशानी दूर करे</h3><ul>
<li>मासिक धर्म के दौरान अगर रक्तस्त्राव अधिक हो रहा हो तो अर्जुन की छाल के चूर्ण को एक कप दूध में उबाल ले।</li>
<li>जब दूध आधा रह जाये तो उसमे थोड़ी मात्रा में मिश्री मिलाकर एक दिन में तीन बार इसका सेवन कर ले। इससे <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%95_%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE">मासिक धर्म</a> में होने वाली परेशानी से आराम मिलेगा।</li>
</ul>
<p>इसके अलावा अर्जुन की छाल के चूर्ण से अगर दांतों की सफाई की जाये तो दांतों का पीलापन खत्म होता है। अर्जुन छाल का 1 चम्मच चूर्ण गुड़ के साथ लेने से तेज बुखार में आराम मिलता है।</p><p>तो ये थे अर्जुन के पेड़ से मिलने वाले कुछ फ़ायदों के बारे में विस्तृत जानकारी। इस फ़ायदों का लाभ उठाने के लिए आप भी बताई गई विधि से इसका सेवन ज़रुर करें।</p>]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[Swollen Feet Pregnancy: नमक के पानी से करे गर्भावस्था में पैरों के सुजन का उपचार]]></title><description><![CDATA[प्रेगनेंसी की अवस्था में पैरों में सूजन होना आम समस्या है इसे आप कुछ उपायों की मदद से दूर कर सकते है। इसके लिए जानते है Swollen Feet Pregnancy के बारे में।]]></description><link>https://hindi.hlives.com/swollen-feet-pregnancy/</link><guid isPermaLink="false">5c41ca313908fe548a3e5311</guid><category><![CDATA[गर्भावस्था और परवरिश]]></category><dc:creator><![CDATA[Kushneet Khanna]]></dc:creator><pubDate>Fri, 18 Jan 2019 12:59:23 GMT</pubDate><media:content url="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Swollen-Feet-Pregnancy.jpg" medium="image"/><content:encoded><![CDATA[<img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Swollen-Feet-Pregnancy.jpg" alt="Swollen Feet Pregnancy: नमक के पानी से करे गर्भावस्था में पैरों के सुजन का उपचार"><p>जब महिला गर्भवती होती है तो उसके शरीर में अनेक परिवर्तन होते है। जैसे की शुरुआती महीनों में जी मचलाना, उलटी, थकान जैसे लक्षण होते है। इसी तरह जैसे जैसे गर्भवती महिला के प्रसव का समय नज़दीक आता है महिला के शरीर में ऐसे चेंजेज आते है जो की सभी को दिखाई देते है।  </p><p>गर्भवती महिला के पेट का आकार तो बढ़ता है साथ ही कुछ महिलाओ के हाथों और <a href="https://hindi.hlives.com/home-remedies-for-swollen-feet/">पैरों में सूजन</a> भी आ जाती है। Swollen Feet का होना तो सामान्य होता है लेकिन यह सूजन गर्भवती महिला को कुछ कारणों से आती है। जिसके बारे में महिला को जानकारी होना चाहिए ताकि वह अपने पैरों की सूजन को कम कर सकती है।</p><p>प्रेगनेंसी के दौरान बहुत सावधानी रखनी होती है। यदि इसमें कुछ चीजों की कमी होती है तो भी आपके पैरों में सूजन आने लगती है। </p><p>इस लेख में हम जानेंगे की प्रेगनेंसी के दौरान Swollen Foot को आप किस तरह कम कर सकती है। इसके लिए पढ़िए <strong>Swollen Feet Pregnancy</strong> के बारे में और जानिये इससे जुड़े तथ्यों को विस्तार से । </p><h3 id="swollen-feet-pregnancy-">Swollen Feet Pregnancy: जाने पैरों में सूजन के कारण और उनका उपचार </h3><figure class="kg-card kg-image-card"><img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Swollen-Feet-Pregnancy-in-Hindi.jpg" class="kg-image" alt="Swollen Feet Pregnancy: नमक के पानी से करे गर्भावस्था में पैरों के सुजन का उपचार"></figure><p><a href="https://hindi.hlives.com/exercise-during-pregnancy-in-hindi/">प्रेगनेंसी के दौरान</a> पैरों में सूजन के कई कारण हो सकते है इन्हे आप कुछ उपायों की मदद से ठीक कर सकती है। इसके लिए आईये जानते है किन वजहों से होती है सूजन और इसे कैसे ठीक किया जा सकता है। </p><h3 id="-swollen-feet-and-legs">क्यों होती है पैरों में सूजन: Swollen Feet and Legs</h3><h3 id="-">एक ही स्थिति में बैठना </h3><ul>
<li>कई बार गर्भवती महिलाएं घंटो एक ही स्थिति में बैठी रहती है। ऐसा करने से भी पैरों में सूजन आने लगती है।</li>
<li>एक स्थिति में ज्यादा देर तक बैठने या फिर खड़े रहने से शरीर में थकावट आती है। जिसके कारण भी सूजन की समस्या हो जाती है।</li>
</ul>
<h3 id="--1">कम पानी पीना</h3><ul>
<li>प्रेगनेंसी के दौरान महिला को <a href="https://hindi.hlives.com/drinking-water-benefits/">पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए</a> क्योंकि यह महिला के शरीर और शिशु दोनों के लिए ज़रूरी होता है।</li>
<li>कम पानी पीने से शरीर में सूजन की समस्या उत्पन्न हो जाती है।</li>
</ul>
<h3 id="--2">प्रोटीन की कमी</h3><ul>
<li>प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में पोषक तत्व होना भी ज़रूरी होता है इससे शिशु का सही तरह से विकास हो पाता है।</li>
<li>यदि शरीर में प्रोटीन की कमी होती है तो इससे महिला में Swollen Legs की समस्या पैदा हो जाती है।</li>
</ul>
<h3 id="--3">हार्मोन्स परिवर्तन</h3><ul>
<li>उपरोक्त करने के अतिरिक्त हार्मोन्स परिवर्तन भी इसके लिए जिम्मेदार होता है।</li>
<li><a href="https://hindi.hlives.com/hormone-imbalance-symptoms/">शरीर में हार्मोन्स परिवर्तन</a> होने से भी सूजन की समस्या देखी जा सकती है।</li>
</ul>
<h3 id="--4">उच्च रक्त चाप का होना</h3><ul>
<li>यदि गर्भवती महिला का रक्त चाप उच्च है तो इससे भी उसके शरीर में सूजन की समस्या उत्पन्न हो जाती है।</li>
</ul>
<h3 id="--5">सोने की गलत पोजीशन</h3><ul>
<li><a href="https://hindi.hlives.com/sleeping-position-during-pregnancy/">प्रेगनेंसी के दौरान रात को सोने</a> में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यदि आप गलत तरीके से सोते है तो उससे भी पैरों में सूजन आसानी से आ जाती है।</li>
</ul>
<h3 id="--6">पैरों की सूजन से बचाव कैसे करें?</h3><h3 id="--7">गुनगुने पानी का इस्तेमाल</h3><ul>
<li>यदि प्रेगनेंसी के दौरान पैरों में सूजन आ रही है तो उसके लिए पानी को हल्का गुनगुना कर ले और उसमे थोड़ा सा नमक मिला ले।</li>
<li>इस पानी में अपने पैरों को कुछ देर के लिए रखे। ऐसा करने से पैरों की सूजन दूर हो जाती है।</li>
</ul>
<h3 id="--8">आराम भी है ज़रुरी</h3><ul>
<li>प्रेगनेंसी में आराम करना भी बहुत ज़रूरी होता है, यदि आप दिन भर में थोड़ा सा भी आराम नहीं करती हैं तो आपके पैरों में सूजन आ सकती है।</li>
<li>इसलिए बीच बीच में थोड़ा थोड़ा आराम भी करते रहना चाहिए।</li>
</ul>
<h3 id="--9">सोने की पोजीशन को रखे सही</h3><ul>
<li>रात को यदि आप गलत तरीके से सोते हैं तो उससे भी हाथों और पैरों में सूजन आ जाती है।</li>
<li>इसलिए इस बात का भी ध्यान रखे की प्रेगनेंसी के दौरान बायीं तरफ की करवट पर ही सोना अच्छा रहता है।</li>
<li>इससे सूजन की समस्या नहीं रहती है साथ ही अन्य समस्याएँ भी नहीं होती है और <a href="https://hindi.hlives.com/tips-for-good-sleep/">नींद भी अच्छी आती है</a>।</li>
</ul>
<h3 id="--10">मालिश भी है असरकारी</h3><ul>
<li>पैरों में आयी सूजन को दूर करने के लिए मालिश करना भी बहुत ही असरकारी होता है।</li>
<li>मालिश करने से सूजन कम होती है साथ ही यदि पैरों में दर्द हो रहा है तो उससे भी राहत मिलती है।</li>
<li>आपकी थकान भी दूर हो जाती है। साथ ही मालिश करने से शरीर में रक्त संचरण भी अच्छे से होता है।</li>
<li>आपको मालिश करने से कई फायदे मिल सकते है।</li>
</ul>
<h3 id="--11">उचित आहार</h3><ul>
<li>प्रेगनेंसी में पौष्टिक आहार की बहुत जरुरत होती है ताकि माँ और शिशु को पौष्टिक आहार मिल सके और विकास अच्छे से हो पाए।</li>
<li>लेकिन यदि आप पौष्टिक आहार का सेवन नहीं करती हैं तो <a href="https://hindi.hlives.com/protein-deficiency-symptoms-in-hindi/">शरीर में प्रोटीन की कमी</a> हो सकती है जिसके कारण भी सूजन आती है।</li>
<li>इसलिए पौष्टिक आहार को कभी अनदेखा नहीं करना चाहिए। यह गर्भवती महिला के लिए बहुत ज़रूरी होता है।</li>
</ul>
<h3 id="--12">अन्य सावधानियां</h3><ul>
<li>उपरोक्त उपायों को करने से आप पैरों की सूजन से बच सकती है। इसके अलावा यदि आप ऑफिस में काम करती है तो कोशिश करे की आपकी बैठने वाली कुर्सी आरामदायक हो और आपको अपने पैरों को ज्यादा देर तक लटका कर नहीं रखना चाहिए क्योंकि इससे भी पैरों में सूजन आती है। साथ ही बीच बीच में रेस्ट भी करती रहे।</li>
<li>यदि आपको <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%89%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A_%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%AA">उच्च रक्तचाप</a> की समस्या है तो आपको खाने में नमक की मात्रा में कमी रखनी चाहिए इससे आपको सूजन की समस्या नहीं आएगी।</li>
<li>दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी ज़रूर पिए। यह भी प्रेगनेंसी में बहुत ही ज़रूरी होता है।</li>
<li>प्रतिदिन दिन दूध पीना नहीं भूले। दूध पीने से आपको कैल्शियम मिलेगा साथ ही शरीर में  एनर्जी भी बनी रहेगी।</li>
<li>थोड़ी देर सुबह और शाम के समय वाक करना भी आपके लिए अच्छा रहेगा। इससे भी आपके पैरों में सूजन नहीं आएगी साथ ही आपका मूड भी अच्छा रहेगा</li>
</ul>
<p>अब तो आप समझ ही गए होंगे की प्रेगनेंसी में पैरों का सूजन कोई चिंता का विषय नहीं होता है। बल्कि आप कुछ सरल उपायों की मदद से सूजन को कम कर सकती है। लेकिन यदि आपकी सूजन उपरोक्त उपायों की मदद से भी ठीक नहीं हो रही हैं तो आपको अपने डॉक्टर को इसे दिखाना चाहिए। वह आपको इसके लिए उचित उपचार बता सकते है जिससे आपको राहत मिल सकती है। साथ ही आपको भी अपने और शिशु के  लिए सावधानी रखनी चाहिए।</p>]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[Effects Of Land Pollution: किस प्रकार के प्रभाव छोड़ते हैं भूमि प्रदूषण?]]></title><description><![CDATA[भूमि के प्रदूषित होने से कई तरह के नुकसान होते है इसलिए इसके बारे में हमें जागरूक रहना चाहिए। आइये आज के इस लेख में जानते है Effects Of Land Pollution के बारे में।]]></description><link>https://hindi.hlives.com/effects-of-land-pollution/</link><guid isPermaLink="false">5c407dc2bd17893f56269071</guid><category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category><dc:creator><![CDATA[Hemangi sharma]]></dc:creator><pubDate>Thu, 17 Jan 2019 13:31:42 GMT</pubDate><media:content url="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Effects-Of-Land-Pollution.jpg" medium="image"/><content:encoded><![CDATA[<img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Effects-Of-Land-Pollution.jpg" alt="Effects Of Land Pollution: किस प्रकार के प्रभाव छोड़ते हैं भूमि प्रदूषण?"><p>आज के युग में प्रदूषण बहुत बढ़ गया है। हर चीज में प्रदूषण हो रहा है। आज प्राकृतिक चीजे सुरक्षित नहीं है उन्हें भारी मात्रा में नुकसान हो रहा है। </p><p>आज जल, हवा और मिट्टी हर चीज प्रदूषित हो चुकी है। हम जिस धरती पर रह रहे है यदि वह प्रदूषित हो जाएगी तो मनुष्य का यहां पर रहना मुश्किल हो जाएगा। साथ ही जीव जंतु भी सही से नहीं रह पाएंगे। </p><p>आपको बता दे की आज भूमि प्रदूषण बहुत जोरो शोरो से हो रहा है जिसके कारण अनेक तरह के नुकसानों का सामना करना पड़ रहा है। इस प्रदूषण के बारे में मनुष्य को जागरूक होने की जरुरत है ताकि इस प्रकार के प्रदूषण से पृथ्वी को बचा कर रखा जा सके। </p><p>भूमि प्रदूषण का कारण मनुष्य भी हो सकते है और साथ ही <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/प्राकृतिक_आपदा">प्राकृतिक आपदाओं</a> के कारण भी भूमि को नुकसान होता है और वह प्रदूषित हो जाती है। इसलिए मनुष्य को भूमि प्रदूषण के बारे में जानकारी होना ज़रुरी है। ताकि वह भूमि को प्रदूषित होने से बचा सके और खुद व अपने परिवार को भी सुरक्षित रख सके। इस लेख में हम आपको भूमि के प्रदूषण से जुड़ी जानकारी दे रहे है। इसके लिए जानते है <strong>Effects Of Land Pollution</strong> के बारे में विस्तार से। </p><h3 id="effects-of-land-pollution-">Effects Of Land Pollution: जाने भूमि के प्रदूषित होने के कारण और इसके प्रभाव </h3><figure class="kg-card kg-image-card"><img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Effects-Of-Land-Pollution-in-Hindi.jpg" class="kg-image" alt="Effects Of Land Pollution: किस प्रकार के प्रभाव छोड़ते हैं भूमि प्रदूषण?"></figure><h3 id="land-pollution-information">Land Pollution Information</h3><ul>
<li>भूमि के द्वारा मनुष्य को रहने के लिए घर तो मिलता ही है साथ ही उसे जीवन यापन करने के लिए अनेक वस्तुएँ भी मिलती है।</li>
<li>भूमि पर ही मनुष्य खेती कर के अपने खाने योग्य चीजों को ऊगा सकता है। मनुष्य के साथ साथ भूमि जानवरों और पक्षियों के लिए भी बहुत ही महत्वपूर्ण होती है।</li>
<li>यह एक ऐसी जगह होती है जहाँ हर तरह का जीव आसानी से अपना जीवन जी सकता है। भूमि का हमारे जीवन में बहुत ज्यादा महत्व होता है इसलिए भूमि का स्वस्थ और प्रदूषण रहित होना बहुत ही ज़रूरी होता है।</li>
</ul>
<h3 id="-causes-of-land-pollution">भूमि प्रदुषण के कारण: Causes of Land Pollution</h3><ul>
<li>प्राकृतिक आपदाओं के कारण भी भूमि प्रदूषित होती है। ज्वालामुखी का फटना, <a href="https://hindi.hlives.com/rainy-season-diseases-and-prevention/">वर्षा का होना</a> और भू स्खलन आदि आपदाओं के कारण भी कई बार भूमि को नुकसान होता है। साथ ही वह प्रदूषित भी हो जाती है।</li>
<li>लेकिन इन प्राकृतिक कारणों को रोका नहीं जा सकता है क्योंकि यह प्राकृतिक आपदाएं होती है जिन्हे नियंत्रित नहीं किया जा सकता है।</li>
<li>लेकिन हम मनुष्य द्वारा किये जा रहे प्रदूषण को रोक कर भूमि को प्रदूषित होने से बचा सकते है।</li>
</ul>
<h3 id="-">कारखाने</h3><ul>
<li>कारखाने से निकला हुआ अपशिष्ट पदार्थ भूमि को प्रदूषित करते है। यह ऐसे पदार्थ होते है जिन्हे भूमि पर डालने और बहाने से यह भूमि को उपजाऊ रहित बना देते है। उससे खेती नहीं हो पाती है और उस स्थान पर पेड़ पौधे नहीं उग पाते है।</li>
<li>कारखाने से निकला हुआ गन्दा और रासायनिक पानी नदियों जैसे जल स्त्रोतों में बहा दिया जाता है। जिसके कारण जल भी पीने लायक नहीं रहता है और उस पानी से भूमि की सिचाई भी नहीं की जा सकती है क्योंकि ऐसे पानी से पौधे भी नहीं उग पाते है।</li>
</ul>
<h3 id="--1">शहरी कचरा</h3><ul>
<li>शहरी कचरा भी भूमि को प्रदूषित करता है। शहरों से जो कचरा निकलता है वह भूमि पर फेक दिया जाता है जिसके कारण वह भूमि बंजर हो जाती है। उस स्थान पर खेती नहीं की जा सकती है न ही कोई पेड़ पौधे उग पाते है। जीव जंतु भी ऐसे स्थानों पर नहीं रह पाते है।</li>
<li><a href="https://hindi.hlives.com/world-environment-day-2018/">कचरे में पॉलीथिन का इस्तेमाल</a> किया जाता है जिसके कारण पॉलीथिन भूमि पर पड़ी रहती है और पॉलिथीन मिट्टी के साथ नहीं मिलती है। इसके रासायनिक तत्व भी भूमि में मिल जाते है इसलिए ऐसी भूमि भी ज़हरीली बन जाती है।</li>
<li>इसलिए कचरे को भूमि पर नहीं  फेकना चाहिए बल्कि उसको रिसायकिल कर लेना चाहिए।</li>
</ul>
<h3 id="--2">कृषि में उर्वरको का उपयोग</h3><ul>
<li>कृषि में कई लोग ऐसे रासायनिक उर्वरको का उपयोग करते है जो की मिट्टी के उपजाऊ पन को नष्ट कर देते है।</li>
<li>यह उर्वरक कई तरह के जहरीले रसायन से निर्मित होते है। इनका उपयोग करने से पौधों को तो हानि होती है साथ ही उस मिट्टी में कई अन्य पौधे भी नहीं पनप पाते है।</li>
<li>उर्वरको के साथ रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग करने से भी भूमि प्रदूषित हो जाती है। इसलिए ऐसे रासायनिक उर्वरको और कीटनाशकों का उपयोग नहीं करना चाहिए।</li>
</ul>
<h3 id="--3">अन्य कारण</h3><ul>
<li>इसके अलावा घरो और होटलों आदि से निकले अपशिष्ट पदार्थों के कारण भी भूमि प्रदूषित होती है।</li>
<li>साथ ही सड़को और भवनों के निर्माण से जो ठोस कचरा निकलता है वो भी भूमि प्रदूषण का कारन होता है।</li>
</ul>
<p>उपरोक्त Causes of Soil Pollution है जिनसे भूमि प्रदूषित हो जाती है। ऐसे कारणों को होने देने से रोकना चाहिए।</p><h3 id="--4">कैसे करे बचाव</h3><ul>
<li>भूमि प्रदूषण से बचने के लिए अधिक से अधिक वृक्षों को लगाना चाहिए। वृक्षों से आपको शुद्ध हवा मिलती है साथ ही वातावरण भी शुद्ध रहता है और आप भूमि के साथ साथ <a href="https://hindi.hlives.com/home-remedies-for-air-pollution-in-hindi/">वायु प्रदूषण से</a> भी बच जाते है।</li>
<li>वृक्ष वर्षा कराने में भी सहायक होते हैं। इनके होने से वायु में गर्मी भी कम लगती है। इसलिए सभी को वृक्ष ज़रुर लगाने चाहिए।</li>
<li>भूमिगत पानी का उपयोग जितना हो सके कम से कम करे और पानी के उपयोग से बचे।</li>
<li>प्लास्टिक वाली चीजों का उपयोग कम से कम करे। पॉलीथिन का उपयोग भी कम से कम करे यह वातावरण को प्रदूषित करते है।</li>
<li>कारखानों के निकले पदार्थ को कहीं पर भी नहीं बहाना देना चाहिए। उसे किसी ऐसे स्थान पर ही फेंकना चाहिए जहाँ भूमि को किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हो।</li>
</ul>
<p>अब तो आप समझ ही गए होंगे की भूमि प्रदूषण किन कारणों से होती है। ऐसे कारणों को रोकने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि यदि आप इन्हे होने से रोकते है तो ही भूमि प्रदूषित होने से बच जाती है और आप भूमि का सही उपयोग कर पाते है। भूमि पर ही जीवन होता है आप खुद के साथ साथ जीव जंतु और पेड़ पौधों को भी जीवित रखते है। भूमि को प्रदूषित होने से बचाने के साथ आपको चाहिए की आप जल और वायु को भी प्रदूषित होने से बचाये। यह सभी मानव के लिए बहुत ही ज़रूरी होते है। मानव को प्रदूषण के बारे में सोचना बहुत ही ज़रूरी है आप अपने भविष्य के बारे में सोचे और इसके निदान को करने का प्रयत्न करे। साथ ही इसके जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगो को बताए ताकि वह भी आपके इस कार्य में आपका साथ दे सके।</p>]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[Fruits For Constipation: कुछ फलों का सेवन करने से हो जाती है कब्ज की समस्या दूर]]></title><description><![CDATA[कई ऐसे फल हैं जिनका सेवन करने से कब्ज की समस्या को खत्म करने में मदद मिलती है। आइये इसके लिए जानते है Fruits For Constipation के बारे में विस्तार से।]]></description><link>https://hindi.hlives.com/fruits-for-constipation/</link><guid isPermaLink="false">5c40788cbd17893f56269045</guid><category><![CDATA[आहार और फिटनेस]]></category><dc:creator><![CDATA[Manit Shah]]></dc:creator><pubDate>Thu, 17 Jan 2019 12:58:39 GMT</pubDate><media:content url="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Fruits-For-Constipation.jpg" medium="image"/><content:encoded><![CDATA[<img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Fruits-For-Constipation.jpg" alt="Fruits For Constipation: कुछ फलों का सेवन करने से हो जाती है कब्ज की समस्या दूर"><p>कब्ज (Constipation) की बीमारी एक बहुत ही सामान्य सी परेशानी है पर अधिकतर लोग इस बारे में बात करने से कतराते है। आज कल के समय में ज्यादातर चीजे ऐसी मिलावट की आने लगी है जिनकी वजह से भी कब्ज की परेशानी होने लग जाती है। सिर्फ बड़े ही नही आज कल बच्चों को भी कब्जियत रहने लगी है। </p><p>व्यस्त दिनचर्या में आज कल लोग अपने खान-पान पर ध्यान नही देते और अधिक समय तक भूखे रहना व गलत खाने की वजह से कब्ज की परेशानी ज्यादा होने लगी है। खाने में <a href="https://hindi.hlives.com/high-fiber-vegetables/">फाइबर की कमी</a> होने के कारण भी कब्ज की परेशानी रहने लगती है।</p><p>कब्ज की परेशानी के कारण पेट की अन्य परेशानी का भी सामना करना पड़ सकता है जैसे खराब पाचन, एसिडिटी, पेट में जलन आदि। अगर सही आहार लिया जाये तो इससे भी कब्ज की परेशानी से छुटकारा पाया जा सकता है। </p><p>इसके लिए पानी अधिक मात्रा में पीना अच्छा होता है, कम पानी की वजह से भी कब्ज की समस्या हो सकती है। इसके अतिरिक्त अगर सही फल और सब्जियों को भोजन में शामिल किया जाये तो इससे पाचन क्रिया ठीक होती है और एसिडिटी व कब्ज जैसी परेशानियों से निजात पाई जा सकती है। आइये जानते है <strong>Fruits For Constipation</strong> के बारे में।  </p><h3 id="fruits-for-constipation-">Fruits For Constipation: जाने कौन कौन से फलों का सेवन कब्ज से राहत देने में है असरकारी </h3><figure class="kg-card kg-image-card"><img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Fruits-For-Constipation-in-Hindi.jpg" class="kg-image" alt="Fruits For Constipation: कुछ फलों का सेवन करने से हो जाती है कब्ज की समस्या दूर"></figure><h3 id="-kabj-ka-ilaj">कब्ज के लिए फ्रूट्स: Kabj ka Ilaj</h3><h3 id="-">नाशपाती</h3><ul>
<li>नाशपाती कब्ज की परेशानी को दूर करने के लिए सबसे अच्छा होता है।</li>
<li>नाशपाती में सोर्बिटोल होता है जो कब्ज को दूर करने में मदद करता है।</li>
<li>नाशपाती का जूस या नाशपाती को काटकर के इसका सेवन करना <a href="https://hindi.hlives.com/home-remedies-for-constipation/">कब्ज की समस्या से छुटकारा</a> दिलाता है।</li>
</ul>
<h3 id="--1">सेब</h3><ul>
<li>सेब इस कब्ज की दिक्कत को दूर करने के लिए बहुत कारगर होता है।</li>
<li>इसके लिए सेब का जूस दिन में 2 बार पिए या सेब को काटकर खाए।</li>
<li>इससे सेहत भी अच्छी रहेगी और कब्जियत की परेशानी भी नही होगी।</li>
</ul>
<h3 id="--2">अमरुद</h3><ul>
<li><a href="https://hindi.hlives.com/benefits-of-guava-in-hindi/">अमरुद में ऐसे गुण</a> होते है जो पेट के लिए बहुत लाभकारी होते है।</li>
<li>इसके सेवन से कब्ज की इस समस्या से निजात मिल जाती है।</li>
</ul>
<h3 id="--3">पपीता</h3><ul>
<li>पपीता पेट के लिए बहुत फायदेमंद होता है।</li>
<li>इससे भी कब्ज की समस्या खत्म होती है।</li>
</ul>
<h3 id="--4">केला और जामुन</h3><ul>
<li>केला और <a href="https://hindi.hlives.com/jamun-benefits-in-hindi/">जामुन</a>, ये दोनों ही ऐसे फल होते है जो घुलनशील होते है।</li>
<li>इसलिए कब्ज की समस्या से आराम पाने के लिए इसका सेवन करना लाभदायक होता है।</li>
</ul>
<h3 id="-constipation-remedy">कब्ज का उपचार: Constipation Remedy</h3><ul>
<li>शरीर में पानी की कमी कब्ज का मुख्य कारण है इसलिए दिन में कम से कम 2 से 3 लीटर पानी ज़रुर पियें। आप खाना खाने से पहले, खाना खाते समय या खाने के तुरंत बाद अत्यधिक पानी न पियें। इससे आपकी पाचन क्रिया में सुधार होगा और पेट सबंधी सभी बीमारियों से निजात मिलेगी।</li>
<li>खाना खाने के बाद कुछ देर बाद थोड़ी देर ज़रूर टहलें । इससे खाने को पचाने में आसानी होती है। खाना खाने के तुरंत बाद सोये कभी नही।</li>
<li>खाना खाने के साथ में फल का सेवन कभी न करे।</li>
<li>रात को पानी में मुनक्का भिगो कर रखे और सुबह उसे खा ले, साथ में उसका पानी भी पी ले। इससे कब्ज की परेशानी में आराम मिलेगा।</li>
<li>घुलनशील साबुत अनाज को अपनी डाइट में शामिल करे। इससे कब्ज की परेशानी में बहुत आराम मिलेगा।</li>
<li>गर्भावस्था के समय कब्ज की परेशानी होना आम बात है इससे बचने के लिए अधिक मात्रा में पानी पियें और व्यायाम करते रहें। इसके अतिरिक्त अपने चिकित्सक से उचित परामर्श लें।</li>
<li><a href="https://hindi.hlives.com/alsi-seeds-benefits-in-hindi/">अलसी के</a> बीजो को पीसकर रात में इसके एक चम्मच चूर्ण को पानी के साथ खाने से कब्ज से राहत मिलती है। यह एक प्राचीन तरीका है कब्ज की परेशानी से राहत पाने के लिए।</li>
<li>अंजीर विटामिन ए, बी और मिनरल्स का बेहतर स्रोत है इसमें फाइबर मौजूद होता है जिससे कब्ज की समस्या को दूर करने के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित करने में मदद मिलती है। अंजीर का सेवन करने से कब्ज की परेशानी से छुटकारा मिलता है।</li>
</ul>
<h3 id="-constipation-medicine">कब्ज की दवा: Constipation Medicine</h3><ul>
<li>कब्ज को दूर करने के लिए आयुर्वेदिक उपचार सबसे अच्छा होता है इसके लिए आप प्राचीन समय से चले आ रहे चूर्ण का इस्तेमाल करके भी कब्ज से निजात पा सकते है।</li>
<li>त्रिफला चूर्ण कब्ज दूर करने के लिए अच्छा होता है। त्रिफला शब्द का मतलब है 'तीन फल'। त्रिफला तीन फलों हरड, बेहड और <a href="https://hindi.hlives.com/amla-benefits-in-hindi/">आंवला से</a> मिलकर बनता है।</li>
<li>रात में गुनगुने पानी के साथ 2 चम्मच त्रिफला चूर्ण को खा ले। इससे बहुत जल्द पुराने से पुराने कब्ज से भी आराम मिल जाता है।</li>
<li>ईसबगोल की भूसी भी कब्ज को दूर करने में मदद कर सकती है इसके लिए ईसबगोल को पानी या दूध के साथ लिया जा सकता है।</li>
</ul>
<h3 id="-home-remedies-for-constipation">कब्ज के लिए घरेलू ईलाज: Home Remedies for Constipation</h3><ul>
<li>इसके लिए रात को गरम दूध पीकर सोना चाहिए। अगर मल आंतों में चिपक गया है तो दूध में अरंडी का तेल मिलाकर पिएं। इसके अतिरिक्त गरम दूध में गाय का घी या गुड मिलाकर पीने से भी कब्ज की परेशानी से आराम मिलता है।</li>
<li>पत्‍ता गोभी, ब्रोकली, राजमा, स्प्राउट्स, गाजर, कद्दू, मटर, पालक और फाइबर युक्‍त सब्जियों का सेवन करे इससे कब्ज की परेशानी में आराम मिलेगा।</li>
<li>अत्यधिक मसालेदार भोजन का सेवन न करे। <a href="https://hindi.hlives.com/harmful-effects-of-junk-food/">जंक फूड आदि का सेवन</a> न करे इससे भी कब्ज की परेशानी होती है।</li>
<li>टमाटर, पालक, मेथी का सेवन करना कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए बहुत लाभकारी होता है।</li>
<li>तरल पदार्थो का सेवन करना फ़ायदेमंद होता है इसलिए अधिक से अधिक लिक्विड ले।</li>
<li>जैतून के तेल को सुबह खाली पेट 1 चम्मच पीने से कब्ज की परेशानी दूर होती है।</li>
<li>बच्चो को कब्ज की परेशानी से राहत दिलाने के लिए गरम पानी और हिंग का पेस्ट बना के आप अपने बच्चे के पेट के ऊपर मसाज करे। इससे बच्चों को बहुत आराम मिलेगा।</li>
<li>धुम्रपान और अल्कोहल से दूरी बनाकर रखे इसकी वजह से भी पेट में कब्जियत की शिकायत रहती है।</li>
<li>सुबह उठकर गुनगुना पानी पिए इससे कब्ज दूर होगा।</li>
<li>किशमिश, <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B0">अंजीर</a> आदि ड्राई फ्रूट्स भी कब्ज को दूर रखने में मदद करते है।</li>
</ul>
<p>आप उपरोक्त फलो का सेवन नियमित रूप से करे। इससे आपको पेट से जुड़ी समस्याओं से निजात मिल जायेगा।</p>]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[Dust Allergy: जानिए धूल से होने वाली एलर्जी की समस्या का इलाज कैसे करें?]]></title><description><![CDATA[घर में धूल व गंदगी से क़ालीन और बिस्तर पर सूक्ष्म रोगाणु पनपने लगते हैं जो एलर्जी का कारण बन जाते हैं। आइये आज के इस लेख में जानते है Dust Allergy के बारे में।]]></description><link>https://hindi.hlives.com/dust-allergy/</link><guid isPermaLink="false">5c3f2873bd17893f5626901a</guid><category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category><dc:creator><![CDATA[Kushneet Khanna]]></dc:creator><pubDate>Wed, 16 Jan 2019 13:05:21 GMT</pubDate><media:content url="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Dust-Allergy.jpg" medium="image"/><content:encoded><![CDATA[<img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Dust-Allergy.jpg" alt="Dust Allergy: जानिए धूल से होने वाली एलर्जी की समस्या का इलाज कैसे करें?"><p>आजकल के भाग दौड़ वाले जमाने में लोगों की दिनचर्या में और जीवनशैली में जितना बदलाव आया है लोग उतनी ही कई छोटी बड़ी बीमारियों के शिकार हो रहें हैं। एक तो लोगों का खान-पान, दूसरी बाहरी धूल मिट्टी, धुएं से प्रदूषित जहरीला वातावरण से जो हमारे जीवन की सभी गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है। इसके कारण शरीर में कई सारी बीमारियों और एलर्जी के होने का खतरा बढ़ गया है। </p><p>आजकल हर दूसरा व्यक्ति एलर्जी का शिकार हो रहा है। बहुत बार तो हम एलर्जी का शिकार हो जाते है और हमे यह भी नहीं पता होता है की इसकी वजह क्या है। प्रदूषित वातावरण और मिलावटी खान पान एक सबसे बड़ा कारण है एलर्जी का जिसके परिणामस्वरूप कई प्रकार की एलर्जी होने लग जाती हैं। जैसे की पेट में इन्फेक्शन, नाक, सांस, स्किन आदि जगहों में एलर्जी होने लग जाती है।इसके अलावा यदि आप अपने आस पास साफ़ सफाई नहीं रखते हैं तो धूल जमने लग जाती है जिससे एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है।  </p><p>हमारे घरों में रहने वाले सूक्ष्म कीड़े एलर्जी और <a href="https://hindi.hlives.com/home-remedies-for-asthma/">अस्थमा से पीड़ित लोगों के लिए</a> बहुत बड़ी समस्या हो सकते हैं। धूल के कण जो मृत त्वचा की कोशिकाओं पर आते हैं, वे सबसे आम पर्यावरणीय एलर्जी में से एक हैं। यह धूल के कण इतने छोटे होते है की नग्न आँखों से नहीं दिख सकते है। जो कि जहां भी लोग रहते हैं वहां मौजूद होते हैं। वे गर्म, नम स्थानों जैसे कि गद्दे, बिस्तर और कालीनों में पनपते हैं। </p><p>अतः हमें धूल से होने वाली समस्याओं का ध्यान रखना चाहिए और इससे बच कर रहना चाहिए।  इसके अलावा हमें इसके बारे में सम्पूर्ण जानकारी भी रखनी चाहिए। आइये आज के इस लेख में जानते है किस तरह आप अपने आस पास और घर की सफाई रख के धूल व एलर्जी के कण से बच कर रह सकते हैं। आइये जाने <strong>Dust Allergy</strong> के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी। </p><h3 id="dust-allergy-">Dust Allergy: कई प्रकार की समस्याओं की वजह बनती है धूल से होने वाली एलर्जी </h3><figure class="kg-card kg-image-card"><img src="https://hindi.hlives.com/content/images/2019/01/Dust-Allergy-in-Hindi.jpg" class="kg-image" alt="Dust Allergy: जानिए धूल से होने वाली एलर्जी की समस्या का इलाज कैसे करें?"></figure><p>Dust mites छोटे जीव होते हैं जो अक्सर फर्नीचर, कालीन और बिस्तर जैसी जगहों पर अपना घर बनाते हैं। वे माइक्रोस्कोप या आवर्धक कांच के बिना ने देखे जाने वाले बहुत छोटे जीव होते हैं।यही छोटे छोटे जीव बाद में Dust Mite Allergy का कारण बनते है। </p><h3 id="-dust-allergy-symptoms">आइये जानें कुछ Dust Allergy Symptoms</h3><p>आइये जानते है की एलर्जी के कौन कौन से लक्षण होते है। आइये जानते हैं इनमें से कुछ-</p><ul>
<li>आंखों में जलन या बार बार पानी आना, आंखों का ज्यादा समय तक लाल होना, सांस लेने में तकलीफ होना, बार-बार खांसी आना जैसे लक्षणों के होने पर यह किसी ना किसी प्रकार के एलर्जी के लक्षण हो सकते हैं।</li>
<li>नाक में खुजली होना, छीकें आना, नाक बहना, नाक बंद होना या बार बार जुकाम  होना आदि  भी इसके लक्षण हो सकते हैं।</li>
<li>इसके अलावा यदि <a href="https://hindi.hlives.com/home-remedies-for-itchy-scalp-in-hindi/">त्वचा पर बार बार खुजली</a> होती है, त्वचा पर लाल चक्क्ते हो जाते हैं, धूप से त्वचा पर खुजली होती है तो ये सब भी एलर्जी के लक्षण हो सकते है।</li>
</ul>
<h3 id="-">धूल एलर्जी के कारण क्या होते हैं?</h3><p>आइये जानते किन करने से एलर्जी हो सकती है।</p><ul>
<li>कुछ लोग इतने सेंसिटिव यानी संवेदनशील होते हैं कि उन्हें खाने-पीने की चीजों से भी एलर्जी हो जाती है।</li>
<li>अचानक मौसम बदलना भी एलर्जी का सबसे बड़ा कारण है।</li>
<li>बाजार में कुछ मिलावटी चीज़ खाने से भी एलर्जी हो सकती है।</li>
<li>बहुत से लोगों को खाने पीने की चीजों जैसे दूध, अंडे, <a href="https://hindi.hlives.com/fish-khane-ke-fayde/">मछली</a> आदि से एलर्जी हो जाती है l</li>
<li>कई बार दवाइयों और क्रीम के कारण भी एलर्जी हो जाती है।</li>
<li>गाड़ी चलाते समय विषैली धूल और दूषित हवा एलर्जी का कारण बन सकते है।</li>
<li>पालतू जानवर भी कई लोगों के लिए एलर्जी का कारण हो सकते हैं।</li>
<li>जानवरों के बाल, उनके मुंह से निकलने वाली लार, रूसी आदि से कई लोगों को गंभीर परेशानियां होती हैं।</li>
</ul>
<h3 id="-dust-allergy-treatment">क्या है उपचार: Dust Allergy Treatment?</h3><p>अब हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ घरेलू उपायों के बारे में जिन्हें अपनाकर आप इस एलर्जी की समस्या से निजात पा सकते हैं। एलर्जी भी कई तरह की होती है सबके लिए अलग अलग उपाय है। आइये जानते है।</p><h3 id="--1">त्वचा एलर्जी</h3><ul>
<li>त्वचा सम्बंधित एलर्जी के लिए <a href="https://hindi.hlives.com/coconut-oil-benefits-in-hindi/">नारियल तेल</a> और कपूर का घरेलू नुस्खा एक रामबाण उपाय है,  कपूर और नारियल का तेल आपस में मिलकर खुजली वाली जगह लगाए, जल्द ही आपको राहत महसूस होगी।</li>
<li>एलोवेरा जीवाणुरोधी और एंटीबैक्टीरियल होता है जिससे त्वचा पर आने वाली लाली और खुजली की समस्या को ठीक करने में बहुत मदद मिलती है।</li>
<li>फिटकरी के पानी से प्रभावित स्थान को धोकर साफ करें, कपूर और सरसों का तेल लगाते रहें। इससे खुजली कम हो जायगी।</li>
</ul>
<h3 id="--2">नाक की एलर्जी</h3><ul>
<li>नीम की पत्तियों को शहद के साथ खाने से आप नाक की एलर्जी को जल्दी दूर कर सकते हैं। ये भी एक प्रकार का रामबाण इलाज है। यह हर तरह की एलर्जी के लिए में फायदा पहुंचाता है।</li>
<li>अदरक, मिश्री, लौंग, काली मिर्च और तुलसी को मिलाकर काढ़ा बनाकर इसका सेवन करें।  इसके सेवन से <a href="https://hindi.hlives.com/home-remedies-for-cold/">सर्दी जुकाम और खासी से राहत</a> मिल जाती है।</li>
<li>रोज सुबह गर्म पानी में नींबू का रस मिलाकर सेवन करें। इससे आपको विटामिन सी मिलेगा जो आपके नाक की एलर्जी को फैलने से रोकता है।</li>
</ul>
<h3 id="--3">हाथ की एलर्जी</h3><ul>
<li><a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%9C%E0%A5%88%E0%A4%A4%E0%A5%82%E0%A4%A8_%E0%A4%95%E0%A4%BE_%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%B2">जैतून का तेल</a> अच्छे मॉइश्चराइजर का काम करता है। इससे आपके हाथों में नमी बनी रहेगी और धीरे-धीरे एलर्जी दूर हो जाएगी।</li>
<li>फिटकरी के पानी से हाथों को धो के उसमे सरसों का तेल लगाने से भी आपके हाथों की एलर्जी दूर की जा सकती है, ये एक गुणकारी उपाय है।</li>
<li>हाथों में एलर्जी हो गई है तो बर्फ से हाथों की सिकाई करें। इससे आपको राहत मिलेगी।</li>
</ul>
<h3 id="--4">आँखों की एलर्जी के लिए</h3><ul>
<li>यदि आपकी आंखों में जलन हो रही है या खुजली हो रही है, तो अपनी आंखों को ठंडे पानी से धो लें।</li>
<li>धूल और दूषित पर्यावरण से बचने के लिए जब भी घर से निकलें तो निकलने से पहले चश्मे और मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।</li>
</ul>
<h3 id="--5">एलर्जी के बचने के टिप्स</h3><ul>
<li>अपने <a href="https://hindi.hlives.com/house-cleaning-tips/">घर और घर के आस पास की गंदगी की सफाई</a> रखें।</li>
<li>गद्दे, रजाई, तकिए के कवर एवं चादर आदि समय समय पर गरम पानी से धोते रहें।</li>
<li>पालतू जानवर को छूने के बाद अपने हाथ को ज़रुर धोये।</li>
<li>घर को हमेशा बंद न रखें, घर को खुला और हवादार बनाए रखें ताकि साफ हवा आती रहे।</li>
<li>दीवारों पर फफूंद और जाले हो गए हों, तो उन्हें साफ़ करते रहें क्योंकि फफूंद के कारण भी एलर्जी हो सकती है।</li>
</ul>
<p>इसके अलावा भी Dust Allergy Cure करने के लिए कई आयुर्वेदिक उपचार है। बहुत से लोग एलर्जी से निजात पान के लिए दवाईयों का सहारा लेते है लेकिन दवाइयां हमारी एलर्जी को जड़ से खत्म नहीं करती है।</p>]]></content:encoded></item></channel></rss>